हल्‍दी के हेल्‍थ बेनिफिट्स के बारे में तो आप जानती ही होगी क्‍योंकि ये दर्द को दूर करने से लेकर आपका सुंदर बनाने तक न जाने आपकी कई समस्‍याओं को दूर करने में मदद करती है। इसलिए कुछ दिनों पहले हमने आपको हल्‍दी वाला दूध पीने की सलाह दी थी। जी हां एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर हल्‍दी का इस्‍तेमाल प्राचीन समय से औषधि बनाने के लिए किया जा रहा है। हल्‍दी का दूध और हल्‍दी वाला पानी पीने के फायदे बड़े-बुजुर्ग अक्‍सर घरों में बताते ही रहते हैं। लेकिन इसके सिर्फ फायदे हैं, ऐसा नहीं है। हल्‍दी सबके लिए फायदेमंद नहीं हो सकती है। इस जादुई मसाले के कई साइड इफेक्‍ट्स भी हैं? हम चाहते हैं कि आपको भी इस बारे में जानकारी हो। आइए आज इस बारे में जानें कि हल्‍दी कब आपके लिए जहर बन जाती है ताकि आप भी हमारी तरह चीजों को इस्‍तेमाल करने से पहले जरूर सोचें।

ब्‍लीडिंग का खतरा बढ़ाए

हल्दी में हीलिंग पॉवर होती है जिसे हम अब तक जानते हैं लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि हल्‍दी के अंदर मौजूद तत्‍व ब्‍लड क्‍लॉटिंग यानी खून में थक्‍का बनने की प्रक्रिया को कम कर देते हैं। यह उन लोगों में चोट और ब्‍लीडिंग के जोखिम को बढ़ाती है जो ब्‍लीडिंग डिसऑर्डर से पीड़ित हैं।

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पेट की समस्‍या

जब तक आपको अर्थराइटिस या जोड़ों में दर्द जैसी पुरानी स्थिति नहीं होती है, तब तक हल्दी पेट के किसी समस्‍या का कारण नहीं बन सकती है। ऐसा कहा जाता है कि हल्दी के सेवन से जठरांत्र संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, हल्दी को बहुत अधिक लेने से बचना चाहिए क्‍योंकि कहते है न अति किसी भी चीज की बुरी होती है।

kidney stone inside

गॉलब्‍लैडर में परेशानी

हल्‍दी में ऑक्सालेट की अच्छी मात्रा होती है, ये एक केमिकल है जो गॉल ब्‍लैडर के खतरे को बढ़ा सकता है। जी हां ये बॉडी में जाकर पित्‍त पैदा करती है जो पथरी के मरीजों के लिए जहर समान है और उनकी मुश्किल और बढ़ा सकता है। इसलिए बहुत ज्‍यादा हल्‍दी लेने से बचें क्‍योंकि इसकी ज्‍यादा मात्रा किडनी स्‍टोन के खतरे को बढ़ा देती है। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशन के एक अध्ययन के अनुसार, 20-40 मिलीग्राम की हल्दी की खुराक ने गॉलब्‍लैडर के संकुचन को बढ़ा दिया था।

सर्जरी के बाद

हल्‍दी वाला दूध ऑपरेशन के बाद नहीं पीना चाहिए। हल्‍दी बॉडी में ब्‍लड को पतला बनाने का काम करती है, ये ब्‍लड में थक्‍का बनने की प्रक्रिया को स्‍लो करती है। इस वजह से ब्‍लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है। सर्जरी के बाद हल्‍दी दूध का सेवन नुकसानदेह साबित हो सकता है, इसे जख्‍म को भरने की बजाय उसे और बढ़ा सकता है।

लो ब्‍लड प्रेशर

हालांकि यह आपको सुनने में अच्‍छा लग रहा होगा कि इससे आपका ब्‍लड प्रेशर लो हो सकता है। लेकिन अगर यह एक सीमा पार कर जाए तो ब्‍लड प्रेशर बहुत कम हो जाता है, जो कई तरह की समस्‍याओं का कारण बन सकता है।

आयरन की कमी

आपके शरीर में जा रही हल्‍दी की ज्‍यादा मात्रा बॉडी से आयरन अब्‍जॉर्ब कर लेती है। ऐसे लोग जिनमें आयरन की मात्रा कम है और जो आयरन ले रहे है, उनके लिए हल्‍दी जहर समान है। हल्‍दी वाला दूध आपकी बॉडी में आयरन को और कम कर सकता है। प्रेग्‍नेंट महिलाओं को प्रेग्‍नेंसी के दौरान आयरन की कमी हो जाती है, ऐसे में उन्‍हें भी हल्‍दी वाले दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।

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ब्‍लड पतला करने वाली दवाएं

अगर आप खून को पतला करने वाली दवाइयां ले रहीं हैं तो हल्दी से दूर रहें। क्योंकि हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्‍व होता है जो प्लेटलेट फ़ंक्शन को कम कर देता है।

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दस्त और मतली

ये दो आम लक्षण हल्दी के साथ जुड़े हुए हैं। कैसे? हल्दी में करक्यूमिन होता है जिसमें जठरांत्र संबंधी मार्ग में जलन पैदा हो सकती है। जिससे आपको दस्‍त या मतली हो सकती है।

एलर्जी

हल्‍दी में करक्यूमिन एक संपर्क एलर्जेन हो सकता है। कुछ का कहना है कि चूंकि हल्दी अदरक परिवार से संबंधित है, अतः अदरक से एलर्जी होने पर किसी को इससे एलर्जी होने की संभावना अधिक होती है। कुछ व्यक्ति हल्दी के प्रति प्रतिक्रिया भी कर सकते हैं, जिससे उन्हें चकत्ते और सांस की तकलीफ हो सकती है।

इस आर्टिकल को पढ़ने वाले सभी महिलाओं को हम सुझाव देते हैं कि आप अपने डॉक्‍टर खुद से न बनें बल्कि डॉक्‍टर से सलाह लें। हर किसी की बॉडी एक अलग तरीके से प्रतिक्रिया करती है, इसलिए चीजें सभी के लिए समान नहीं हो सकती हैं।