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  • Gayatree Verma
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तलाक के बाद भी महिला करा सकती है घरेलू हिंसा के तहत पूर्व पति पर केस दर्ज

अब तलाक के बाद भी पत्नी अपने पति पर घरेलू हिंसा का केस दर्ज कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह फैसला सुनाया है। 
Published -15 May 2018, 16:56 ISTUpdated -15 May 2018, 17:07 IST
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  • Gayatree Verma
  • IANS
  • Published -15 May 2018, 16:56 ISTUpdated -15 May 2018, 17:07 IST
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women can still file case against ex husband after divorce main

अब तलाक के बाद भी महिलाएं अपने पहले पति पर घरेलू हिंसा का केस दर्ज करा सकती हैं। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि वैवाहिक संबंध टूटने के बाद भी कोई महिला अपने पूर्व पति की ज्यादती के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत शिकायत दर्ज करा सकती हैं। यह फैसला राजस्थान हाईकोर्ट के एक आदेश के संबंध में सुनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा सुनाए गए एक आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए यह बात कही है। 

राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनाया था फैसला 

घरेलू हिंसा से राहत को लेकर हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने वैवाहिक संबंध के एक विवाद में निर्णय देते हुए कहा था कि घरेलू संबंध नहीं रह गए हैं तो भी यह किसी भी तरह से एक अदालत को पीड़ित महिला को राहत देने से नहीं रोकता है। जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी। इस अपील को जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस आर. भानुमति और जस्टिस नवीन सिन्हा की सदस्यता वाली एक बेंच ने खारिज कर दी है। हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील खारिज करते हुए इस बेंच ने कहा कि यह आदेश में हस्तक्षेप करने को इच्छुक नहीं है। 

सुनवाई के दौरान महिला के पति (जो अलग हो चुका है) की ओर से पेश हुए वकील दुष्यंत पाराशर ने कहा कि घरेलू हिंसा कानून को पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से इस कानून का व्यापक रूप से गलत इस्तेमाल होने लगेगा। लेकिन, पीठ पाराशर की दलील से सहमत नहीं हुई और उसने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया।

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एक उदाहरण देकर हाई कोर्ट ने सुनाया था फैसला 

हाई कोर्ट ने इस बारे में एक उदाहरण देते हुए फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि भले ही दोनों के बीच शादी खत्म हो गई हो, लेकिन अगर पूर्व पति तलाकशुदा पत्नी के साथ हिंसात्मक कृत्य करता है या उसके रिश्तेदारों और उस पर निर्भर लोगों के साथ हिंसात्मक व्यवहार करता है, तो महिला को कानून के तहत प्रोटेक्शन ऑर्डर लेने से नहीं रोका जा सकता। कोर्ट ने कहा कि इसी तरह अगर तलाकशुदा पति साझा संपत्ति से पूर्व पत्नी को अलग कर देता है तो वह राहत के लिए कोर्ट का रुख कर सकती है। 

तो अगर तलाक केे बाद भी पूर्व पति पत्नी को परेशान करता है तो इसके खिलाफ पत्नी केस दर्ज करा सकती है। 

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