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Hindu Tilaka: माथे के अलावा गले, भुजा और छाती पर क्यों लगाया जाता है तिलक

हिन्दू धर्म में तिलक लगाने की परंपरा है क्योंकि तिलक को बहुत पवित्र और लाभकारी माना जाता है। तिलक मात्र माथे पर ही नहीं बल्कि गले, छाती और भुजाओं पर भी लगाया जाता है। आइये जानते हैं इसका कारण।  
Updated:- 2023-02-28, 11:41 IST
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Shareer Ke In Hisson Par Tilak Lagane Ka Mahatva: हिन्दू धर्म में तिलक लगाने का अत्यंत महत्व बताया गया है। तिलक लगाना न सिर्फ एक परंपरा है बल्कि धर्म का प्रतीक भी है। शास्त्रों में तिलक लगाना बहुत पवित्र और लाभकारी माना जाता है। 

अमूमन तौर पर लोगों द्वारा तिलक माथे पर ही लगाया जाता है लेकिन गले, छाती और भुजाओं पर भी तिलक का बहुत महत्व है। ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि आखिर क्यों शरीर के अन्य हिस्सों पर तिलक लगाते हैं और क्या हैं इसके लाभ।

गले पर तिलक लगाने का महत्व 

  • गले पर तिलक लगाना बहुत शुभ माना जाता है। गले से हमारी सांस की नली जुड़ी होती है। साथ ही, हमारी वाणी का संबंध भी गले से ही होता है। 
  • हमारी भोजन नली भी गले से ही होते हुए आती है। इन सभी जरूरी भागों को कंठ द्वारा नियंत्रित करने के लिए गले में तिलक लगाया जाता है। 
  • इसके अलावा, गले का संबंध मंगल ग्रह से होता है। मंगल (मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए मंगल मंत्र) को शांत रखने और मंगल दोष के निवारण हेतु भी गले में तिलक लगाया जाता है।

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गले पर तिलक लगाने के लाभ

  • गले पर तिलक लगाने से कंठ शांत रहता है और वाणी में मधुरता आती है।
  • गले पर तिलक लगाने से ईश्वर का वास हमारे कंठ में स्थापित होता है।
  • गले पर तिलक लगाने से सांस की गति शांत होती है और मंगल शुभ होता है।

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छाती पर तिलक लगाने का महत्व 

  • छाती पर तिलक ज्यादतर पुरुषों द्वारा लगाया जाता है। छाती पर तिलक इसलिए लगाते हैं ताकि मन में भगवान का वास बना रहे। ग्रह बहुत प्रभावकारी होते हैं। 
  • ग्रहों के प्रभाव से व्यक्ति के मन में भय, क्रोध, लालसा, अशांति आदि भाव उत्पन्न होते हैं जिनके कारण व्यक्ति का मन हर समय व्याकुल रहता है।
  • इसी व्याकुलता को रोकने के लिए छाती पर तिलक लगाने की महत्वपूर्ण परंपरा है। छाती पर तिलक लगाने से केतु के दुष्प्रभाव को भी कम किया जा सकता है। 

छाती पर तिलक लगाने के लाभ 

  • छाती पर तिलक लगाने से मन की चंचलता शांत होती है।
  • छाती पर तिलक लगाने से मन में दुर्भावना उत्पन्न नहीं होती है।
  • छाती पर तिलक लगाने से हृदय में ईश्वर का वास स्थापित होता है। 

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भुजा पर तिलक लगाने का महत्व

  • भुजा पर तिलक इसलिए लगाया जाता है क्योंकि भुजा का संबंध शुक्र से होता है। भुजा पर तिलक लगाने से शुक्र ग्रह को मजबूती मिलती है।
  • भुजा पर तिलक लगाने का एक कारण यह भी है कि इस स्थान पर तिलक लगते समय हम भगवान को अपनी भुजाओं में वास स्थापित करते हैं। 
  • असल में तिलक जिस-जिस अंग पर लगता है, उस-उस अंग में भगवान (भगवान को क्यों लगाते हैं भोग) का वास बना रहता है। साथ ही, उस अंग से जुड़े ग्रह का भी शुभ प्रभाव पड़ता है।  

why tilak is applying on neck

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भुजा पर तिलक लगाने के लाभ 

  • भुजा पर तिलक लगाने से शुक्र ग्रह का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है।
  • भुजा पर तिलक लगाने से हाथों से जुड़े रोग पनप नहीं पाते हैं। 
  • भुजा पर तिलक लगाने से बल और साहस का संचार होता है। 

 

तो ये था गले, छाती और भुजाओं पर तिलक लगाने का महत्व और लाभ। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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