क्यों दिन में नीला ही दिखता है आसमान, क्या आप जानती हैं इसके पीछे का Scientific Logic?

क्या आप जानती हैं आसमान का रंग नीला दिखाई देने के पीछे का साइंटफिक लॉजिक क्या है? अगर नहीं, तो यह आर्टिकल आपको जरूर पढ़ना चाहिए। आइए, यहां डिटेल से समझते हैं कि स्पेस का रंग काला होता है तो आसमान का रंग नीला क्यों दिखाई देता है। 
why is the sky blue
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नीले, नीले अंबर पर चांद जब आए...
नीला आसमान सो गया, नीला आसमान सो गया...जैसे कई गाने है जिनमें नीले रंग के आसमान का जिक्र किया गया है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि आसमान का रंग लाल, पीला या हरा क्यों नहीं होता है और सिर्फ नीला ही क्यों होता है। जी हां, सुबह से लेकर शाम तक, जब भी हम आसमान की तरफ देखते हैं तो वह नीला ही नजर आता है और रात के समय आसमान काला दिखाई देने लगता है।

आसमान का रंग नीला होने के पीछे कई वजहें मानी जाती हैं। जिनमें से एक है कि समंदर का रंग नीला होता है इसलिए आसमान भी ब्लू दिखाई देता है। वहीं, कुछ लोग आसमान का रंग नीला होने के पीछे दैवीय कारण मानते हैं। लेकिन, विज्ञान और वैज्ञानिकों का मानना है कि आसमान का रंग नीला होने के पीछे सिर्फ साइंटफिक लॉजिक है।

आसमान का रंग नीला क्यों होता है?

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आसमान का रंग नीला क्यों होता है वह समझने से पहले यह जान लीजिए की सूरज की रोशनी सात रंग यानी बैंगनी, नीली, आसमानी, हरा, पीला, नारंगी और लाल रंग की होती है। लेकिन, आंखों से हमें सफेद रंग की दिखाई देती है। सूरज की रोशनी को साइंस की भाषा में स्पेक्ट्रम कहा जाता है। यह रोशनी जब धरती के वायुमंडल में प्रवेश करती है, तो वातावरण में मौजूद धूल कणों से टकराती है, जिसके बाद लाइट स्कैटर हो जाती है।

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आसमान के रंग के पीछे रेले का स्कैटरिंग लॉ भी माना जाता है। साइंस के मुताबिक, इस लॉ में सूरज की रोशनी के रंगों की वेवलेंथ अलग-अलग होती है। जिसमें नीले और बैंगनी रंग की वेवलेंथ सबसे छोटी और लंबी वेवलेंथ पीले और लाल रंग की होती है। ऐसे में नीला और बैंगनी रंग ज्यादा फैलता है और पीला-लाल कम फैलता है।

साइंस में ऐसा माना जाता है कि नीले रंग की वेवलेंथ सबसे छोटी होती है और जब यह वायुमंडल में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन से बने कणों से टकराती है तो आसमान नीले रंग का दिखाई देता है।

सूरज उगते और डूबते समय क्यों आसमान हो जाता है लाल या ऑरेंज?

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यह तो आप समझ ही गए हैं कि आसमान नीला सूरज की सात रोशनी में सबसे छोटी वेवलेंथ वाली रोशनी की वजह से दिखाई देता है। लेकिन, यह सवाल उठना जायज है कि सुबह सूरज उगते समय और शाम को डूबते समय आसमान नीले से लाल या ऑरेंज क्यों दिखाई देने लगता है। तो इसका जवाब भी साइंस के मुताबिक ही यहां समझ लेते हैं।

दरअसल, जब सूरज डूबता या निकलता है तो उस समय सूरज की किरणों को वायुमंडल में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस प्रोसेस में छोटी वेवलेंथ वाली नीली और बैंगनी रंग की रोशनी पहले ही फैल जाती है। वहीं, लंबी वेवलेंथ वाली रोशनी यानी लाल और ऑरेंज ही आंखों तक आ पाती है। इसी वजह से सूरज जब निकलता और डूबता है तो आसमान लाल या ऑरेंज हो जाता है।

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समंदर का पानी भी सूरज की रोशनी की वजह से दिखता है नीला?

समुद्र का रंग दूर से नीला या हरा दिखाई देता है। लेकिन, जब समंदर के पास जाते हैं तो पानी का रंग नीला या हरा नहीं दिखाई देता है। ऐसा माना जाता है कि समंदर का रंग नीला दिखाई देने के पीछे भी सूरज की रोशनी ही है। साइंस के मुताबिक, सूरज की किरणों को पानी सोख लेता है जिससे पानी नीला दिखाई देता है।

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Image Credit: Freepik

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