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    लोहड़ी के त्यौहार पर क्यों डालते हैं आग में तिल और मूंगफली?

    लोहड़ी के त्यौहार हम सभी काफी धूमधाम से मनाते हैं। ऐसे में क्या आप जानती हैं कि आखिर क्यों लोहड़ी के त्यौहार पर आग में तिल और मूंगफली डाला जाता है। 
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    Updated at - 2023-02-03,15:57 IST
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    Things You Must Know About Lohri Traditions And Food

    लोहड़ी का त्यौहार अब पूरे भारत में मनाया जाता है। वहीं एक समय ऐसा भी था जब लोहड़ी के त्यौहार को केवल पंजाब में ही मनाया जाता था। अब इस त्यौहार को सभी धर्म के लोग काफी अच्छे तरीके से मनाते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको लोहड़ी से जुड़ी कुछ खास बाते बताने वाले हैं। चलिए जानते हैं लोहड़ी से जुड़ी कुछ विशेष बातें।

    लोहड़ी के त्यौहार में लोग अपने दोस्तों के साथ नाचते हैं। वहीं एक दूसरे के घर मिठाईयां भी भेजते हैं। शाम के समय लोग खुली जगह पर लोहड़ी जलाएंगे और पवित्र अग्नि में मूंगफली, गजक और तिल डालकर इसकी परिक्रमा भी करते हैं। ऐसे में क्या आप जानती हैं कि आखिर क्यों लोहड़ी वाले दिन हम आग में तिल और मूंगफली डालते हैं। चलिए जानते हैं इसके पीछे की खास वजह।

    लोहड़ी की आग में तिल और मूंगफली क्या डालते है जानें

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    लोहड़ी का त्यौहार हम पारंपरिक तौर पर फसल की बुआई और उसकी कटाई के खुशी में करते हैं। ऐसे में लोहड़ी की अग्नि में तिल और मूंगफली अर्पित करते हैं। ऐसे में लोग इस दिन सूर्य देव को व अग्नि देव के प्रति आभार प्रकट करते हैं। लोगों का मानना है कि उनकी कृपा से फसल अच्छी होती है।

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    लोहड़ी त्यौहार के पिछे की कथा

    लोहड़ी का पर्व मनाने के पीछे एक कथा यह भी है कि लोहड़ी और होलिका दोनों बहने थीं। लोहड़ी का प्रवृति अच्छी थी और होलिका का व्यवहार अच्छा नहीं था। वहीं होलिका अग्नि मे जलकर लोहड़ी बन गई थीं।

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    लोहड़ी का श्रीकृष्ण से नाता

    क्या आप जानती हैं कि लोहड़ी का श्रीकृष्ण से क्या था नाता? कहते हैं कि श्रीकृष्ण को मारने के लिए कंस ने लोहिता नाम की राक्षसी को नंदगांव भेजा था। उस दौरान सभी मकर संक्रांति का त्यौहार मनाने में व्यस्त थे। इसी अवसर का लाभ उठाते हुए लोहिता ने श्रीकृष्ण को मारना चाहा तो श्रीकृष्ण ने लोहिता का ही वध कर दिया। जब सभी लोगों ने इस बारें में जाना तो मकर संक्रांति से एक दिन पहले लोहड़ी का त्यौहार मनाने लगें।

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    Image Credit: Instagram

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