शादियों में अगर किसी चीज़ की खरीदारी सबसे ज्यादा होती है तो वो है सोना। बेटी को गहने देने का रिवाज तो बहुत पुराना है और साथ ही साथ वर और वधु पक्ष के लोग कई तरह के कामों के लिए सोना-चांदी खरीदते हैं। पर पिछले कुछ समय से सोने के दाम लगातार बढ़ते चले जा रहे हैं। हालांकि, श्राद्ध में ये दाम थोड़े से गिरे हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे ही श्राद्ध पक्ष खत्म होगा और वापस शादियों की तैयारियां शुरू होंगी वैसे ही सोने के दाम और ज्यादा बढ़ जाएंगे। 

हमने  Wealth Aware कंपनी की संस्थापक और एमडी तन्वी केजरीवाल गोयल से इस बारे में बात की और ये जानने की कोशिश की कि आखिर सोना इतना महंगा क्यों हो रहा है और ये शादियों के सीजन पर क्या असर डालेगा। तन्वी जी ने हमें इससे जुड़े कुछ फैक्ट्स बताए और सोने में निवेश से जुड़ी कुछ टिप्स भी दीं। 

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सोना इतना ज्यादा महंगा क्यों हो रहा है?

गोल्ड यानि सोने के दाम में बढ़त आई है और जिन लोगों ने सोने में निवेश किया था उन्हें भी पिछले कुछ महीनों में 45-50% तक रिटर्न मिले हैं जो अभी तक कभी देखने को नहीं मिले। इसमें उछाल का एक कारण ये पैंडेमिक भी है। दरअसल, अभी निवेश के बाकी तरीकों में पैसा डालने से लोग बच रहे हैं। बाज़ार मंदा चल रहा है और देखा जाए तो प्रॉपर्टीज आदि के दामों में भी गिरावट आई है। ऐसे में लोगों को सोने में निवेश करना एक सेफ ऑप्शन की तरह लगा है जिसके रिटर्न जरूर मिलेंगे। यही कारण है कि गोल्ड की सेल में भी बढ़त देखने को मिली है और साथ ही साथ इसके दामों में भी उछाल आया है।  

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हालांकि, यहां एक बात का ध्यान रखने की जरूरत है कि गोल्ड में निवेश करने वालों को जैसे रिटर्न्स इस साल मिले हैं उन्हें वैसे ही अगले साल मिलें ये जरूरी नहीं हैं। ऐसा भी हो सकता है कि वैश्विक मंदी का असर गोल्ड पर भी पड़े और आने वाले कुछ समय में इसकी ग्रोथ धीमी हो जाए।  

गोल्ड की कीमतों के बढ़ने का एक कारण ये भी है कि रुपए के दामों में गिरावट आई है। गोल्ड की कीमतें और मांग सेंट्रल बैंक और आम जनता पर निर्भर करती है। सेंट्रल बैंक की डिमांड तो बहुत ज्यादा नहीं बढ़ी है, लेकिन आम जनता ने गोल्ड खरीदा है। ऐसे में इसकी कीमतें बढ़ने के दो ही कारण माने जा सकते हैं।  

क्या सोने में निवेश सही है? 

सोने में निवेश करना बिलकुल सही है और ऐसा इसलिए क्योंकि रुपए की घटती कीमतों के आगे सोना हमें काफी हद तक सुरक्षित महसूस कर सकते हैं। सोना हमारे लिए निवेश का सही तरीका साबित हो सकता है। हालांकि, आपके पूरे निवेश में से सिर्फ 20 प्रतिशत तक ही आप गोल्ड में निवेश करें।  

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ज्वेलरी खरीदना और गोल्ड में निवेश करने में अंतर- 

बहुत से लोगों को ये लगता है कि सोने की चूड़ियां या गले का हार खरीद लिया तो उन्होंने सोने में निवेश कर दिया, लेकिन  ऐसा नहीं है। इसका सीधा-सीधा कारण ये है कि ज्वेलरी खरीदते समय उसमें मेकिंग चार्जेस भी लगते हैं और ये ग्राहकों के लिए नुकसानदेह साबित होता है। गोल्ड बॉन्ड्स, गोल्ड ब्रिक्स, गोल्ड के शेयर्स आदि उसमें निवेश का सही तरीका हो सकता है।  

क्या है शादियों के लिए ज्वेलरी खरीदने का सही तरीका? 

शादियों के सीजन में खरीदारी की शुरुआत ज्वेलरी से होती है। दिवाली पर भी कई लोग ज्वेलरी खरीदते हैं। ऐसे में क्या है सही तरीका इसे खरीदने का वो जानना भी जरूरी है।  

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दरअसल, अगर कुछ लोग ज्वेलरी खरीदने के लिए किसी ऐसी स्कीम को ले रहे हैं जहां आप 11-12 किश्त दें और फिर कुछ पैसा ज्वेलर लगाए और उससे आप ज्वेलरी खरीदें तो ऐसी स्कीम्स में देखकर ही निवेश करना चाहिए। मुंबई का एक ज्वेलर ऐसी ही स्कीम्स चलाता था और उसके दिवालिया होने पर ग्राहकों का पैसा डूब गया। इसलिए जब तक ज्वेलर पर पूरा भरोसा न हो ऐसी स्कीम्स न चलाएं।  

शादियों के लिए खरीदारी करनी है तो छोटे-छोटे गोल्ड आइटम खरीदने की जगह एक मुश्त में बड़ा सामान खरीदना सुरक्षित होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि छोटे-छोटे आइटम्स खरीदने पर भी लोगों को प्रीमियम देना पड़ता है और ये 30% तक जा सकता है। 

 अगर आप फिजिकल गोल्ड खरीद रहे हैं तो हॉलमार्क का भी ध्यान रखना चाहिए। यही सोने की शुद्धता की निशानी है।  

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सोने की कीमतें बढ़ने से शादियों की खरीदारी पर क्या असर पड़ रहा है? 

सोने की कीमतें बढ़ने पर शादियों की खरीदारी पर भी असर पड़ रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कोविड 19 पैंडमिक के कारण अब शादियों का खर्च कम हो गया है और ऐसे में गहने खरीदने के लिए लोग मुहूर्त का इंतज़ार नहीं कर रहे हैं और सोने में निवेश के तरीके भी तलाश रहे हैं।  

क्योंकि लोग अब गोल्ड में निवेश के बारे में सोच रहे हैं इसलिए इसके बढ़ते दामों की वजह से लोग ज्वेलरी खरीदने से ज्यादा एक मुश्त रकम देने या गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के बारे में भी सोच सकते हैं। कुछ ज्वेलर्स से बात करने पर उनका कहना था कि लोग अब धीरे-धीरे ज्वेलरी की ओर से अपना रुझान कम कर रहे हैं।  

ऐसे में अगर सोने की कीमतें श्राद्ध पितृ पक्ष के बाद भी बढ़ती रहीं और शादियों का सीजन आ गया तो ऐसा देखा जा सकता है कि सोने की खरीदारी पहले जैसी न हो। लोग अपनी बेटी को सोने के हार की जगह अन्य तरह की सेविंग्स गिफ्ट करें। अगर आप ज्वेलरी खरीदने के बारे में ही सोच रही हैं तो ध्यान रखें कि इस वक्त सोने के दामों में उछाल और गिरावट दोनों ही देखी जा सकती है। अगर मुहूर्त की चिंता नहीं है तो श्राद्धों में भी सोना खरीदा जा सकता है क्योंकि इस वक्त ये थोड़ा सस्ता हो रहा है।  

अगर हमारी एक्सपर्ट तन्वी केजरीवाल गोयल से आप कुछ सवाल करना चाहें तो हरजिंदगी के फेसबुक पेज पर पूछें और हम आपको उनका जवाब आर्टिकल के माध्यम से देंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।