हिंदू धर्म में ईश्‍वर की पूजा का बहुत महत्‍व है। धार्मिक शास्‍त्रों में पूजा करने के कई नियम और कायदे बताए गए हैं। इनमें से एक है ईश्‍वर को फूल अर्पित करना। ईश्‍वर को सम्‍मान देने के लिए लोग उन्‍हें तरह-तरह के सुगंधित फूल अर्पित करते हैं । इन फूलों में बेला, गुलाब, गेंदा, गुड़हल आदि कुछ ऐसे फूल हैं, जो हर भगवान को अर्पित किए जा सकते हैं। मगर ईश्‍वर पर कुछ समय के लिए चढ़ाए गए इन फूलों का बाद में क्‍या करना चाहिए? यह प्रश्‍न सभी के मन में उठता है। 

आमतौर पर लोग भगवान की मूर्ति पर चढ़े फूलों को नदी में प्रवाहित कर देते हैं या फिर उसे पीपल के पेड़ के नीचे रख देते हैं। मगर उज्‍जैन के पंडित कैलाश नारायण कहते हैं, ' नदी के जल में फूलों को प्रवाहित करना धार्मिक दृष्टिकोण से गलत नहीं है, मगर पर्यावरण के लिहाज से देखा जाए तो इसे सही नहीं माना जाता। इसलिए अगर आप भगवान की मूर्ति पर चढ़े फूलों को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित नहीं कर पाते हैं तो आप उसे प्रसाद के तौर पर अलग-अलग तरह से ग्रहण भी कर सकते हैं। हां, अगर आप उन्‍हें कूड़े-कचरे में फेंकते हैं तो यह ईश्‍वर का निरादर कहलाता है।'

इतना ही नहीं पंडित जी बताते हैं कि भगवान की मूर्ति पर चढ़े फूलों से आप क्‍या कर सकते हैं।  

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खाद बना लें

पंडित जी कहते हैं, 'अगर आप रोज ही भगवान की मूर्ति पर फूल अर्पित (शिवलिंग पर चढ़ाएंगी ये 6 फूल )करते हैं तो जाहिर है आपके पास हफ्ते भर में ही काफी पुराने फूल इकट्ठा हो जाते होंगे। ऐसे में आप फूलों को फेंकने की जगह उनसे खाद तैयार करें और किसी भी वृक्ष या पौधे की मिट्टी में मिला दें। इससे हरियाली भी बढ़ेगी और ईश्‍वर का निरादर भी नहीं होगा।' पुराने फूलों की खाद बनाने के लिए आप एक गमले में मिट्टी डालें और उसमें पुराने फूल इकट्ठा करते रहें। जब गमला भर जाए तो उसे 20 दिनों के लिए बदं कर दें। 20 दिन बाद आपकी खाद तैयार हो जाएगी। 

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खाने की चीजों में करें इस्‍तेमाल 

आप भगवान पर चढ़ने वाले गुलाब और गेंदे के फूल को प्रसाद के तौर पर ग्रहण भी कर सकते हैं। यह आपकी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद हाते हैं। पंडित जी कहते हैं, ' यदि गुलाब के फूल भगवान की मूर्ति पर अधिक चढ़ाते हैं तो उन्‍हें आप इकट्ठा करके साफ पानी से धो लें। इसके बाद आप इन्‍हें सुखा लें और फिर खाने पीने की चीजों में इस्‍तेमाल करें। इससे प्रसाद के तौर पर आपके लिए इन फूलों को ग्रहण करना आसान होगा। गेंदे के फूल के साथ भी आप इसी प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं।'

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लाल कपड़े में लपेट कर रख लें 

कई बार ऐसा होता है जब हम मंदिर जाते हैं तो पंडित जी हमें भगवान के प्रसाद के साथ उन पर चढ़े फूल भी दे देते हैं। ऐसे में इन फूलों को आप किसी लाल कपड़े में बांध कर अपने पास रख सकते हैं। पंडित जी कहते हैं, 'भगवान विष्‍णु और माता लक्ष्‍मी पर चढ़े फूलों को लाल कपड़े में बांध कर अपनी तिजोरी में रखें। इससे आपकी आर्थिक परेशानियां कम हो जाती हैं और धन की कमी महसूस नहीं होती है।'

धर्म, वास्‍तु , हिंदू तीज-त्‍योहार, व्रत-पूजा और धर्म से जुड़ी रोचक बातें जानने के लिए पढ़ती रहें हरजिंदगी ।

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