दिल्‍ली में मैं बीते 8 सालों से रह रही हूं मगर, आज भी जब दोस्‍तों के मुंह से कानपुर का नाम सुन लूं तो बस मेरे दिल से एक ही बात निकलती है, ‘अमा यार! कानपुर की तो बात ही अलग है।’ बेशक मेरे दोस्‍त इस बात से इत्‍तेफाक नहीं रखते क्‍योंकि उनके हिसाब से कानुपर अव्‍वल दर्जे का पॉल्‍यूटेड और पॉपुलेशन वाला शहर है। लेकिन इन सबके बावजूद कानपूर की कुछ खासियतें है जो हमेशा उसका भोकाल बना कर रखती हैं। फिर बात चाहे टवी सीरियल्‍स की हो या फिल्‍मों की, कानपुर हर जगह खलीफा बना हुआ है। अरे मैं बकैती नहीं कर रही भाई जी, अबहिं रिलीज हुई फिल्‍म ‘बाला’ जिसमें आयूषमान खुराना है उसी मैं कानपुर को फुल टन्‍न दिखाया गया है। वैसे फिल्‍मों में ही क्‍यों। हमारा कानपुर कई वजहों से सुर्खियों में छाया रहता है। कभी अपनी लल्‍लनटॉप कनपुरिया भाषा वाले जोक्‍स की वजह से तो कभी अपने चौकस खानपान और भोकाली लोगों की वजह से कानपुर का नाम सबकी फेवरेट लिस्‍ट में अव्‍वल रहता है। तो चलिए हम आपको आज बताते हैं कि कौन सी है वो बातें जो को खास बनाती हैं। 

इसे जरूर पढ़ें: कनपुरिया लड़की से जानें कानपुर जा रही हैं तो क्या खाएं

kanpur ki joke

फिल्‍मों छाया कानपुर 

केवल फिल्‍म ‘बाला’ में ही नहीं कानपुर का बखान आपको भारतीय सिनेमा के दर्जनों फिल्‍मों में मिल जाएगा। आपको बता दें कि फिल्‍म दबंग टू, तनु वेड्स मनू, बंटी और बबली, टशन, आदी लगभग बहुत सारी हिट फिल्‍म की शूटिंग कानपुर में हुई है। इन फिल्‍मों में कानपुर की भाषा, अंदाज और खानपान को दर्शाया गया है। इतना ही नहीं अनन्‍या पांडे की आने वाली फिल्‍म ‘पति पत्‍नी और वो’ में भी कानपुर की झलक देखने को मिलेगी। 

इसे जरूर पढ़ें: दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है कानपुर

kanpuriya jokes

छोटे पर्दे पर भी हैं चर्चे 

कानपुर की पृष्‍ठभूमि पर केवल फिल्‍में ही नहीं बहुत सारे टीवी सीरियल्‍स भी बन चुके हैं। टीवी सीरियल ‘भाभी जी घर पर हैं’ और ‘कानपुरवाले खुराना’ इस वक्‍त टीवी पर टेलिकास्‍ट हो रहे हैं धूम भी मजा रहे हैं। दोनों ही टीवी शो हंसी ठिठोली वाले हैं इन्‍हें देख कर दर्शक लोटपोट हो जाते हैं। इन दोनों ही शो में कानपुर की भाषा को बहुत ही उम्‍दा प्रयोग किया गया है। इन्‍हें जोक्‍स और डायलोग्‍स में इतनी खूबसूरती के साथ पिरोया गया है कि किसी को भी हंसी आ जाएगी। क्‍या आप भी यूपी की रहने वाली हैं? जरूर देखें ये वीडियो

कनपुरिया शब्‍द 

टोपा हो क्‍या, हपक के कंटाप धरेंगे, मठाधीसी न दिखाओ, नेता न बनों, चरस न बो, अबे-तबे वैगहरा-वैगहरा कानपुर की आम बोल चाल के कुछ ऐसे शब्‍द हैं, जो कानपुर से बाहर बोले जाएं तो अगले को गाली जैसे ही लगेंगे। मगर, कानपुर की यह भोकाली भाषा ही उसे अनोखा बनाती है। इन शब्‍दों के रौब से ही कानपुर का नाम लोग थोड़ा अदब से लेते हैं। 

आपको बता दें कि सोशल मीडिया में तो ‘makejokeof’ करके वीडियो सीरीज मशहूर है जिसमें कानपुर की बोलचाल वाली भाषा में जोक्‍स कार्टून के साथ तैयार किए गए हैं। अगर एक बार आप इन्‍हें देख लें तो गारंटी के साथ हम कह सकते हैं कि आपको इन वीडियोज को देखने का चस्‍का लग जाएगा और आप हंस-हंस लोट-पोट हो जाएंगे। 

kanpur comedy

कानपुर के मशहूर पकवान 

कानपुर केवल अपनी अलहदा भाषा के लिए ही नहीं बल्कि अपने लजीज पकवानों की वजह से भी जाना जाता है। जरा सोचिए कि अगर आपने कोई कह, ‘ऐसा कोई सगा नहीं जिसे हमने ठगा नहीं।’ तो क्‍या आप उस दुकान के पकवान खाना चाहेंगे। शायद आपका जवाब न हो। मगर, कानपुर के लोग इस स्‍लोग वाली दुकान यानी ठग्‍गू के लड्डू के फैन हैं। कानपुर वाले ही क्‍यों बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्‍चन और अभिषेक बच्‍चन तक को ठग्‍गू के लड्डू बहुत पसंद हैं। अभिषेक बच्‍चन की शादी में ठग्‍गू के लड्डू को स्‍पेशल ऑर्डर पर बनवाकर मुंबई मंगवाया गया था। खैर, ठग्‍गू के लड्डू के साथ-साथ शंकर बताशे वाले की पानीपुड़ी, यलो मक्‍खन और धनिया के आलू भी कानपुर की शान बढ़ाते हैं। 

kanpuriya jokes

इन लोगों ने किया कानपुर का नाम रोशन 

देश के राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद कानपुर शहर के ही हैं। वैसे देश के राष्‍ट्रपति ही क्‍यों फैशन और एक्टिंग की दुनिया में भी ऐसे बहुत सारे मशहूर लोग हैं जिन्‍होंने कानपुर की शान बढ़ाई है। इसमें कानपुर की कृतिका सेंगर, जो कि रानी लक्ष्‍मी बाई में लक्ष्‍मी बाई बनी थीं।कानपुर के नजदीक है वह जगह जहां सीता ने दी थी अग्नि परीक्षा और रानी लक्ष्मी बाई ने बिताया था बचपन

वहीं फैशन डिजाइनर राहुल मिश्रा, जो बॉलीवुड के टॉप एक्‍टर और एक्‍ट्रेस के लिए ड्रेस डिजाइन कर चुके हैं। इन सबके अलावा कॉमेडियन राजू श्रीवास्‍तव को कौन भूल सकता है। शायद कॉमेडी को इतनी पॉपुलेरिटी उन्‍हीं की वजह से मिली है। 

अब इन खूबियों को जानकर आपको क्‍या लगता है? है न हामारा कानपूर बेस्‍ट।