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कभी Toilet Paper खरीदना भी माना जाता था अजीब, आज बना हर घर की जरूरत; जानें कैसे हुई इसकी शुरूआत

History of Toilet Paper Rolls: आज हर घर के बाथरूम और टॉयलेट रुम में टॉयलेट पेपर देखने को मिल जाएगा। अब ऐसे में यह कहना गलत तो नहीं होगा कि यह आम जनता की खास जरूरत में से एक है, लेकिन अगर मैं आपसे कहूं कि एक समय ऐसा हुआ करता था, जब इसे खरीदना अजीब माना जाता है। चलिए नीचे जानिए आखिर ऐसा क्यों और क्या है इसका इतिहास
Updated:- 2025-10-17, 11:39 IST
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Toilet Paper History: मॉल, रेस्टोरेंट और ऑफिस टॉयलेट में आपको टॉयलेट रोल देखने को मिल जाता है। इतना ही नहीं बल्कि अब लोग अपने घर की टॉयलेट रुम में भी इस पेपर को रखना पसंद करते हैं। सीधे शब्दों में कहा जाए, तो टॉयलेट पेपर वर्तमान में हमारे जीवन का एक सामान्य हिस्सा बन गया है। यह आपको आराम में मॉल, किराना स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आसानी से मिल जाएगा। अगर आपसे ऐसे में कोई यह कहे कि एक समय ऐसा हुआ करता था कि इसे खरीदना अजीब माना जाता है, तो यकीनन आपको यह हैरान करने वाला लग सकता है। बता दें कि इस पेपर को बवासीर के इलाज के लिए बनाया जाता है, जो एलो युक्त  मनीला हेम्प शीट्स से बना एक प्रोडक्ट होता था, जो बॉक्स में पैक होकर आता था। चलिए नीचे लेख में जानिए टॉयलेट को कब और किसने बनाया था। साथ ही कैसे यह आज हर घर के जरूरी सामानों में से एक है।

टॉयलेट पेपर को पहली बार किस देश ने बनाया था?

ancient Chinese toilet paper use

सदियों पहले लोग साफ-सफाई के लिए पानी न होने पर प्राकृतिक चीजों जैसे पत्तों और घास जैसी चीजों का इस्तेमाल करते थे। बता दें कि टॉयलेट पेपर का विचार पहली बार चीन में आया, जहां 14वीं शताब्दी में इसे शाही परिवारों के लिए बनाया गया था, लेकिन उसके बड़े पैमाने पर उत्पादन और सार्वजनिक उपयोग बहुत बाद में शुरू हुआ।

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किस परिवार के लिए बनाया गया था सुगंधित टॉयलेट रोल?

1393 में होंगवू सम्राट के शाही परिवार के लिए हजारों सुगंधित कागज की चादर बनाई गईं। वहीं मध्यकालीन चीन में एक चीनी सम्राट ने पोछा लगाने के लिए कागज की लंबी चादर का इस्तेमाल किया था। बता दें कि 14 वीं सदी की शुरुआत में, चीन टॉयलेट पेपर बना रहा था।

दुनिया के सामने कब आया टॉयलेट रोल पेपर?

most expensive toilet paper

टॉयलेट पेपर के बारे में जानने से पहले यह समझना जरूरी है, कि आखिर इसे बनाया क्यों गया। बता दें कि इसे विशेष रूप से नितंबों को पोंछने के लिए बनाया गया पहला उत्पाद 1857 में अमेरिका में आया था। जोसेफ गेएटी ने मनीला हेम्प की एलो-युक्त चादर से बना एक प्रोडक्ट बनाया था जो डिब्बों में आता था। साथ ही ये बवासीर के इलाज के लिए बनाए गए थे। साल 1890 में दो अमेरिकी भाइयों ने टॉयलेट पेपर रोल पेश किया।

दुनिया का सबसे महंगा टॉयलेट पेपर कौन सा है?

most expensive toilet paper Price

दुनिया में 1 रुपये से लेकर करोड़ों रुपये की चीज मिलती है, लेकिन क्या आपने सोचा है कि सबसे महंगा टॉयलेट पेपर कौन सा है। बता दें कि दुनिया का सबसे महंगे टॉयलेट पेपर की कीमत 10,75,45,750 रुपये रखा था। 

टॉयलेट पेपर को हिंदी में क्या कहते हैं?

टॉयलेट पेपर को हिंदी में शौचालय कागज या शौच-पत्र कहते हैं। आमतौर पर लोग इसे हिंदी में भी टॉयलेट पेपर ही कहते हैं।

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Image Credit- freepik

 


FAQ
टॉयलेट पेपर को हिंदी में क्या कहते हैं?
टॉयलेट पेपर को हिंदी में शौचालय कागज या शौच पत्र कहते हैं।
दुनिया का सबसे महंगे टॉयलेट पेपर की कीमत क्या है?
दुनिया के सबसे महंगे टॉयलेट पेपर की कीमत 10,75,45,750 रुपये रखा गया था। 
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