स्मृति ईरानी ने लोकसभा चुनाव 2019 में बड़ा उलटफेर करते हुए कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी को उन्हीं के गढ़ अमेठी में हरा दिया था। स्मृति ईरानी ने साल 2014 में भी राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन तब वह हार गई थीं। इसके बावजूद स्मृति ईरानी लगातार अपनी कॉन्स्टीट्यूएंसी जाती रहीं और वहां के लोगों की परेशानियां सुनकर उन्हें दूर करने का प्रयास करती रहीं। पिछले पांच सालों में स्मृति ईरानी की इसी कड़ी मेहनत का नतीजा था कि अमेठी की जनता ने उनमें भरोसा जताया और 56,036 वोटो के बड़े अंतर से उन्हें जीत दिलाई। बप्पा का आशीर्वाद स्मृति ईरानी के साथ बना रहे, इसी के लिए वह अपनी बेस्ट फ्रेंड प्रोड्यूसर एकता कपूर के साथ नंगे पांव सिद्धिविनायक के मंदिर बप्पा का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचीं। 

सिद्धिविनायक के दर्शन पर एकता कपूर ने ये कहा

smriti irani and ekta kapoor tv celebrity friends

एकता कपूर और स्मृति 14 किमी नंगे पांव चलकर बप्पा के दर्शन करने पहुंचे। इस बात का पता एकता कपूर के एक वीडियो के जरिए चला, जो उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस वीडियो में एकता कपूर कह रही हैं, "हम सिद्धिविनायक के पास जा रहे हैं और वह (स्मृति ईरानी) बिना जूतों के चल रही हैं। अरे यार, 14 किलोमीटर तक बिना जूतों के, स्मृति पर विश्वास नहीं हो रहा। यह भगवान की इच्छा है, चलो।' गौरतलब है इस यात्रा में एकता कपूर के साथ उनका प्यारा सा बेटा भी था। 

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एकता कपूर ने इंस्टाग्राम पर शेयर की फोटो

एकता कपूर ने स्मृति ईरानी के साथ इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर किया है। इस फोटो के साथ दोनों दोस्तों के 14 किमी पैदल चलने के बाद सिद्धिविनायक के दर्शन करने का जिक्र है। इसे शेयर करते हुए एकता ने लिखा है, 

'14 किलोमीटर सिद्धिविनायक के बाद की चमक'। इस पर कमेंट करते हुए स्मृति ईरानी ने जवाब में लिखा है, 'भगवान की इच्छा है, भगवान दयालु हैं।'

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एकता ने इस तरह स्मृति ईरानी को दी थी जीत की बधाई 

इससे पहले एकता कपूर ने स्मृति को लोकसभा चुनावों में उनकी ऐतिहासिक जीत की बधाई देते हुए अपने साथ की एक फोटो ट्विटर पर शेयर की थी। फोटो के साथ उन्होंने लिखा था, 'रिश्तों के रूप बदलते हैं, नए-नए सांचे में ढलते हैं, एक पीढ़ी आती है एक पीढ़ी जाती है ...बनती कहानी नई।' गौरतलब है कि यह एकता कपूर के शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के थीम सॉन्ग की लाइनें हैं, जो स्मृति की जीत के मौके से हिसाब से पूरी तरह से मुफीद थीं।

स्मृति ईरानी ने इस शो के जरिए घर-घर में पहचान बना ली थीं। यह वो दौर था, जब महिलाएं स्मृति ईरानी के किरदार तुलसी से इमोशनली अटैच हो गई थीं और उनके दुख-सुख को वे अपनी जिंदगी से जोड़कर देखती थीं। स्मृति ईरानी को इस शो को जरिए इतनी लोकप्रियता मिली कि वह पब्लिक फिगर बन गईं। इस कामयाबी के बाद उन्होंने राजनीति में शिरकत की और यहां भी आखिरकार अपने लिए मुकाम बना ही लिया।

अब जबकि स्मृति ईरानी ने भारत की सबसे बड़ी पार्टी रही कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर कामयाबी का नया इतिहास रचा है, हमारी यही दुआ है कि स्मृति ईरानी इसी तरह कामयाबी के नए मुकाम हासिल करती रहें और महिलाओं के लिए इंस्पिरेशन बनी रहें।