Fri Sep 11, 2026 | Updated 11:29 PM IST

आखिर क्यों हिन्दू धर्म में होती है शगुन देने और लेने की प्रथा? जानें इसका महत्व

भारतीय संस्कृति में किसी भी अवसर पर शगुन दिया जाता है। आइए जानें इस प्रथा से जुड़े तथ्यों और इसके महत्व के बारे में। 
Updated:- 2022-09-13, 11:40 IST
image

शगुन शब्द संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है शुभ संकेत, आशीर्वाद या सुख समृद्धि। यह प्रथा हिंदू धर्म में बहुत पुरानी है और काफी लंबे समय से शुभ अवसर पर शगुन लेने और देने की संस्कृति चली आ रही है।

शगुन देने वाला व्यक्ति इसके साथ अपनी शुभकामनाएं देता है। बात शादी की हो, जन्मदिन की हो या फिर किसी के घर आते-जाते समय आशीर्वाद के रूप में कुछ पैसे या उपहार देने की हो। ये जीवन के लिए अच्छे संकेत ही देता है।

ऐसी मान्यता है कि शगुन के तौर पर हमें ईश्वर और घर के बड़ों का आशीष मिलता है। आइए नारद संचार के ज्योतिष अनिल जैन जी से जानें किसी भी सुअवसर पर शगुन देना और लेना जरूरी क्यों समझा जाता है और इसका महत्व क्या है। 

शगुन संबंधों को मजबूत बनाता है 

shagun ka mahatv

ऐसी मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति शादी या अन्य किसी अवसर में शगुन देता है तो यह दो परिवारों के बीच के रिश्ते को मजबूत करता है। शगुन देना आपसी भाई चारे के साथ घर की सुख समृद्धि को भी बढ़ाता है। यदि हम ज्योतिष की बात करते हैं तब भी शगुन लेने और देने का विशेष प्रभाव बताया गया है। 

ज्योतिष के अनुसार शगुन का महत्व 

यदि बात ज्योतिष की करें तो शादी (भारतीय शादी की रस्में) या किसी अन्य अवसर पर शगुन देना बहुत अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अनुसार पैसे का लेन देन दो ग्रहों बृहस्पति और शुक्र का प्रतीक है और यह इन्हीं ग्रहों का प्रतिनिधित्व करता है।

किसी भी शुभ काम की शुरुआत में ही इन दोनों ग्रहों का आशीर्वाद लेना बहुत जरूरी माना जाता है। गुरु ग्रह घर की समृद्धि का कारक है, इसलिए शगुन देने से घर में समृद्धि बनी रहती है और जीवन में समस्याएं नहीं आती हैं। वहीं शगुन लेना शुक्र को प्रसन्न करने का कारक है। दोनों ग्रहों को प्रसन्न करके जीवन हमेशा सुखमय बना रहता है। 

शगुन से मिलता है ग्रहों का आशीर्वाद 

why is shagun important

चूंकि शगुन लेने और देने से शुक्र और गुरु प्रसन्न (कुंडली में बृहस्पति को मजबूत बनाने के टिप्‍स) होते हैं, इसलिए दोनों का आशीर्वाद उन व्यक्तियों को अवश्य ही मिलता है जो किसी भी रूप में शगुन देते या लेते हैं। 

इसे जरूर पढ़ें: जानें सात जन्म,सात फेरे और सात वचन का क्या है शादी से संबंध

शगुन में क्यों जोड़ा जाता है 1 का सिक्का 

why shagun envelop having coin

जब भी शगुन दिया जाता है इसमें 1 रुपये का सिक्का जरूर जोड़ दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि ये नंबर किसी से विभाजित नहीं होता है और ये अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी वजह से शगुन में इसे जोड़ा जाता है।

कभी भी शगुन के तौर पर 100, 1000 या कोई भी शून्य वाली संख्या में रुपये नहीं देने चाहिए, क्योंकि शून्य से किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत नहीं होती है। यही वजह है कि शगुन के लिफ़ाफ़े में भी 1 रुपये का सिक्का लगा हुआ होता है। 

इसे जरूर पढ़ें: आखिर शगुन के लिफाफे पर क्यों लगा होता है 1 रुपए का सिक्का?

शगुन देता है जीवन में बढ़ोत्तरी का संकेत 

जब किसी को शगुन के तौर पर पैसे दिए जाते हैं और इसमें 1 रुपया जोड़ा जाता है तो ये आगे बढ़ने का आशीष देता है। ये शुभकामनाओं का प्रतीक माना जाता है जो हमेशा आगे बढ़ने को प्रेरित करती हैं। 

 

कुल मिलाकर शगुन के कई ज्योतिष  महत्व तो हैं ही और ये सुख समृद्धि और रिश्तों को मजबूत करने का एक जरिया है। ज्योतिष की मानें तो सुअवसर पर अपनी सामर्थ्य अनुसार शगुन अवश्य देना चाहिए। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit: freepik.com 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।