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  • Editorial

शादीशुदा महिलाओं के लिए क्यों खास होती है बिंदी? जानें इसका महत्व

बिंदी का इस्तेमाल केवल सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि हिंदू धर्म में इसका खास महत्व है। 
Published -17 May 2022, 18:03 ISTUpdated -17 May 2022, 19:07 IST
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  • Published -17 May 2022, 18:03 ISTUpdated -17 May 2022, 19:07 IST
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significance of bindi for married women

कहा जाता है कि बिंदी महिलाओं की खूबसूरती बढ़ाने का काम करती है। बाजार में आपको रंग-बिंरगी बिंदियां मिल जाएंगी। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शादीशुदा महिलाएं केवल लाल बिंदी ही क्यों लगाती है? क्यों शादी के बाद बिंदी लगाना महिलाओं के लिए अनिवार्य होता है? ऐसे ही कई सवालों के जवाब आज हम आपको इस आर्टिकल में देंगे। इसलिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। 

शक्तियों का होता है वास

bindi importance in hindi

बिंदी शब्द संस्कृत शब्द बिंदु से लिया गया है। जिसका अर्थ बूंद या कर्ण होता है। बिंदी का कई क्षेत्रों में अलग नाम है, जैसे कुमकुम, सिंदूर, टीप, टिकली और बोट्टू आदि। हमारे शरीर में सात चक्र होते हैं। महिलाएं जिस जगह पर बिंदी लगाती हैं, वह हमारे शरीर का छठा चक्र जिसे आज्ञा चक्र, "भौंह चक्र" या "तीसरा नेत्र चक्र" कहा जाता है। इन सात चक्रों का वर्णन वेदों में भी किया गया है। बिंदी लगाने वाली जगह को अंतर्ज्ञान और बुद्धि की आंख माना जाता है। यानी बिंदी उन शक्तियों को बढ़ाती है, जिससे आपका आंतरिक ज्ञान बढ़ जाता है। आप शांत महसूस करते हैं।इससे आपको दुनिया को सही नजरिए से देखने की क्षमता मिलती है, जिससे आप अपने और दूसरों का भला करते हैं। 

लाल रंग का महत्व

क्या आपने कभी यह सोचा है कि शादीशुदा महिलाएं लाल रंग की ही बिंदी क्यों लगाती हैं? बाजार में तरह-तरह की रंग-बिरंगी बिंदिया मौजूद हैं, फिर भी लाल ही क्यों? इसका जवाब यह है कि लाल रंग को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए जैसे ही दुल्हन नए घर में प्रवेश करती है, वह अपने साथ समृद्धि लेकर आती है। हिंदू धर्म में लाल रंग को उगते सूरज से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए लाल रंग का महत्व अधिक है। 

लक्ष्मी जी से है संबंध 

bindi importance in hindu religion

आपने देखा होगा कि लक्ष्मी जी लाल अवतार में बिंदी , चूड़ी और सिंदूर लगाए नजर आती हैं। इसलिए लाल रंग को लक्ष्मी जी से जोड़ा जाता है। लक्ष्मी जी भगवान विष्णु की पत्नी हैं, वह हर सुख-दुख में उनके साथ रहती हैं। हर तरह से उनकी रक्षा करती हैं। इसी तरह माना जाता है कि दुल्हन भी अपने पति की रक्षा करती है। तभी तो कहा जाता है कि अगर एक औरत चाहे तो वह यमराज से भी अपने पति के प्राण वापस ले सकती है। (मेहंदी की रस्म क्यों की जाती है?)

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लाल रंग है मंगल का प्रभारी

ज्योतिशास्त्र के अनुसार मंगल का रंग लाल होता है, जो विवाह का प्रभारी होता है। इसी वजह से शादीशुदा महिलाएं ज्यादातर लाल रंग की ही बिंदी लगाती हैं। इससे पति-पत्नी के जीवन में खुशहाली रहती है। 

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सोलह श्रृंगार का है हिस्सा

solah shringar

महिलाओं के सोलह श्रृंगार में बिंदी भी शामिल है। इस कारण से भी महिलाएं हमेशा बिंदी लगाकर रखती हैं। सोलह श्रृंगार को महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है। (हिंदू धर्म में नथ का महत्व जानें)

अलग-अलग रंग की बिंदियों का महत्व

लाल रंग की बिंदी को प्यार और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इस रगं को बेहद शुभ माना जाता है। वहीं काले रंग को अशुभ माना जाता है। इसलिए शादीशुदा महिलाओं को काले रंग की बिंदी लगाने से मना किया जाता है।  

उम्मीद है कि आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया होगा। इसी तरह के अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए हमें कमेंट कर जरूर बताएं और जुड़े रहें हमारी वेबसाइट हरजिंदगी के साथ।

Image Credit: Shutterstock & Freepik

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