हिंदू धर्म में पूर्णिमा को शुभ माना गया है। वहीं पूर्णिमा तिथि पर किए जाने वाले सभी कार्य उत्तम परिणाम लेकर आते हैं। पंचांग के अनुसार आश्विन माह में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। साथ ही इसे कोजागर पूर्णिमा भी कहा जाता है।
इस दिन विधिवत रूप से माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति को कभी भी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है और सौभाग्य में भी वृद्धि होती है।
पूर्णिमा के दिन रात्रि में चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने की मान्यता है और फिर अगले दिन उसे खाना चाहिए। इससे व्यक्ति को अक्षय फल मिलते हैं।
अब ऐसे में शरद पूर्णिमा के दिन किस विधि से माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और उनकी पूजा की सामग्री क्या है। इसके बारे में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।
शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए सामग्री क्या है?
शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए सामग्री के बारे में विस्तार से पढ़ें।
- लक्ष्मी जी की मूर्ति
- कलश
- रोली
- चंदन
- अक्षत
- फूल
- दीपक
- धूप
- नैवेद्य
- कलश में रखने के लिए पांच तरह के अनाज दही, शहद, गंगाजल, सिक्के, मौली, आम का पत्ता, नारियल
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शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा किस विधि से करनी चाहिए?
- शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा विधिवत रूप से करने की मान्यता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दौरान माता लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति को आर्थिक तंगी से छुटकारा मिल जाता है।
- सबसे पहले पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
- एक कलश लें और उसमें पांच तरह के अनाज, दही, शहद, गंगाजल, सिक्के, मौली, आम का पत्ता और नारियल डालें। कलश को गंगा जल से भरें और उस पर आम के पत्ते का झंडा लगाएं।
- माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र को एक साफ आसन पर स्थापित करें।
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- घी का दीपक जलाकर माता लक्ष्मी के चरणों में रखें।
- पूजा के दौरान शुद्ध घी या कपूर की जलाएं।
- माता लक्ष्मी को फूल, अक्षत, रोली, चंदन आदि अर्पित करें।
- माता लक्ष्मी को खीर, फल और मिठाई का भोग लगाएं।
- माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें।
- ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः
- ॐ ऐं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः
- रात में चंद्रमा को अर्घ्य दें और माता लक्ष्मी का ध्यान करें।
- माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाने के बाद उसे चंद्रमा की रोशनी में रख दें।
- आखिर में माता लक्ष्मी की आरती करें।
शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने का महत्व
शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी विशेष रूप से प्रसन्न होती हैं। इस दिन उनकी पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। माता लक्ष्मी धन की देवी हैं। उनकी पूजा करने से घर में धन की वर्षा होती है और जीवन में समृद्धि आती है। माता लक्ष्मी सुख और शांति की देवी भी हैं। उनकी पूजा करने से घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है। इस दिन माता लक्ष्मी से मनोकामनाएं मांगने से वे शीघ्र पूरी होती हैं। इस दिन की गई पूजा से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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Image Credit- HerZindagi
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