सावन का महीना चल रहा है और इस महीने में कई तीज त्योहार आते हैं। इन त्योहारों में से एक है 'सावन की शिवरात्रि'। वैसे तो साल में 12 शिवरात्रि आती हैं, मगर इनमें से सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण महाशिवरात्रि को माना गया है। लेकिन सावन की शिवरात्रि का भी विशेष महत्व है।

खासतौर पर यह शिवरात्रि शादी-विवाह में आने वाली अड़चनों को दूर करने और दांपत्य जीवन में मधुरता बनाए रखने के लिए विशेष होती है। भोपाल के ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखार्विंद विशेषज्ञ शास्त्री विनोद सोनी पोद्दार बताते हैं, 'सावन का महीना शिव जी को अति प्रिय होता है और इस माह में पड़ने वाली शिवरात्रि पर शिव परिवार की पूजा की जाती है। ऐसा करने से शादी में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और दांपत्य जीवन सुखद बना रहता है।'

सावन की शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त 

हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष के 14वें दिन शिवरात्रि आती है। सावन के महीने में इस बार शिवरात्रि 6 अगस्त को पड़ रही है। पंडित जी इस दिन शिव परिवार की पूजा करने का शुभ मुहूर्त बताते हैं, '6 अगस्त को शाम 6:28 मिनट से शिवरात्रि आरंभ होकर 7 अगस्त शाम 6:12 तक रहेगी। उदय तिथि देखी जाए तो शिवरात्रि 7 अगस्त को भी मनाई जाएगी।'

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सावन की शिवरात्रि की पूजा विधि 

  • सावन की शिवरात्रि पर केवल भगवान शिव ही नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार की विधि विधान से पूजा की जाती है। यह पूजा विधि इस प्रकार है- 
  • शिवरात्रि के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त (क्‍या होता है ब्रह्म मुहूर्त?) में उठें और स्नान करके साफ कपड़े पहनें। 
  • अब घर पर ही भगवान शिव की किसी ऐसी तस्‍वीर की स्थापना करें, जिसमें माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय भी हों। 
  • इस तस्‍वीर पर बेल-पत्र आदि चढ़ाएं और दूध की मिठाई का भोग लगाएं। 
  • आप चाहें तो पूजा करने के साथ-साथ व्रत का संकल्प भी ले सकते हैं। 
  • इस बात का ध्यान रखें कि शिवरात्रि का व्रत हमेशा दूसरे दिन ही खोला जाता है। 
  • यदि आप व्रत रख रहे हैं, तो फल आदि का सेवन कर सकते हैं। 

पंडित जी कहते हैं, 'सावन की शिवरात्रि पर आप घर पर ही जागरण कर के भगवान शिव के भजन गा सकते हैं और शिव कथा सुन सकते हैं।'

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सावन की शिवरात्रि पर शादी में आ रही अड़चन और दांपत्य जीवन की परेशानियों को दूर करने के उपाय- 

पंडित जी कहते हैं, 'सही आयु और समय पर व्यक्ति का विवाह होना सौभाग्य की बात है। इसी तरह वैवाहिक जीवन सुखद बना रहे, यह भी जरूरी है। मगर आजकल की जीवनशैली और व्यक्ति की ग्रह दशा के कारण ऐसा कई बार संभव नहीं हो पाता है। तब आप कुछ ज्‍योतिषी उपाय अपना कर इन बाधाओं को दूर कर सकते हैं।'

  • इस बार सहयोग से शुक्रवार के दिन सावन की शिवरात्रि पड़ रही है। अपने वैवाहिक जीवन को सुखद बनाए रखने के लिए आप इस दिन से वैभव लक्ष्मी के व्रत उठा सकती हैं। आप इस दिन 5,7 ,11 या 16 शुक्रवार के व्रत का संकल्प लें।
  • इस दिन आप विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए माता गौरी की आराधना भी कर सकते हैं। इस बात का विवरण रामायण में भी मिलता है कि माता सीता ने भी विवाह से पूर्व माता गौरी की आराधना की थी और तब उन्‍हें वर स्वरूप श्री राम जी मिले थे। 
  • विवाह में देर हो रही है या फिर अड़चन आ रही है तो आप सावन की शिवरात्रि के दिन माता कात्यायनी के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं। 

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  • इस दिन भगवान शंकर के मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जाप करें और 21 बिल्व पत्र चढ़ाएं। ऐसा करने पर विवाह में आ रही बाधा दूर हो जाती है। 
  • यदि आप विवाहित हैं, तो अपने वैवाहिक जीवन को सुखद बनाए रखने के लिए शिवलिंग का अभिषेक करें और 108 बार 'ॐ श्रीं अर्धनारीश्वर प्रेम तत्त्व मूर्तये नमः शिवाय।।' मंत्र का जाप करें। 

उम्मीद है कि पंडित जी द्वारा दी गई यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। इन उपायों को अपनाएं और सावन की शिवरात्रि पर विधिवत शिव परिवार की पूजा करें। आर्टिकल को शेयर और लाइक जरूर करें, साथ ही इसी तरह और भी आर्टिकल्‍स पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से। 

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