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क्‍या होता है ब्रह्म मुहूर्त और क्‍या हैं इसके फायदे, पंडित जी से जानें

पंडित जी से जानें नियमित रूप से ब्रह्म मुहूर्त में उठना हिंदू धर्म में क्‍यों अच्‍छा माना गया है। 
Updated:- 2020-08-17, 19:29 IST
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"वर्णं कीर्तिं मतिं लक्ष्मीं स्वास्थ्यमायुश्च विदन्ति। ब्राह्मे मुहूर्ते संजाग्रच्छि वा पंकज यथा॥" अर्थात नियमित रूप से ब्रह्म मुहूर्त में सो कर उठने से व्यक्ति को सुंदरता, लक्ष्मी, बुद्धि, स्वास्थ्य, आयु आदि सभी की प्राप्ति होती है और शरीर कमल के फूल की तरह सुंदर दिखने लगता है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि आयुर्वेद के मूल ग्रंथ भावप्रकाश के सार-93 में ऐसा लिखा गया है। 

हिंदू धर्म में भी ब्रह्म मुहूर्त में सो कर उठने को बहुत ही शुभ माना गया है। ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखार्विंद पोद्दार कहते हैं, 'रात्रि का अंतिम प्रहर अर्थात प्रात: 4 से 5.30 बजे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहा गया है। जो व्‍यक्ति आलस्‍य को त्‍याग कर रोज सुबह जल्‍दी सो कर उठता है और अपनी दिनचर्या शुरू करता है, उसे हमेशा सफलता प्राप्‍त होती है। वह कभी किसी से किसी भी कार्य में पीछे नहीं रहता है। इतना ही नहीं, उसकी बुद्धि तेज होती है और सभी जटिल कार्यों को करने में सक्षम होता है। ब्रह्म को परमात्‍मा से भी जोड़ा गया है। अगर आप नियमित रूप से सुबह जल्‍दी उठ कर ईश्‍वर की आराधना करते हैं और मेडिटेशन करते हैं तो आपका मन शांत और सेहत दुरुस्‍त रहती है। '

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Importance of  brahma

पंडित जी ब्रह्म मुहूर्त में उठने के फायदे बताते हैं- 

स्वास्थ्य के लिए कैसे अच्‍छा है ब्रह्म मुहूर्त में उठना 

पंडित जी कहते हैं, 'धर्म ग्रंथों में इस बात का उल्‍लेख किया गया है कि सुबह 4 से 5:30 के बीच में सो कर उठने और योग करने से सेहत को बहुत लाभ मिलते हैं। इस वक्‍त वायुमंडल में स्‍वच्‍छ हवा का प्रवाह रहता है और ऑक्‍सीजन भी अधिक मात्रा में हाता है।' वैज्ञानिक तौर पर भी देखा जाए तो ब्रह्म मुहूर्त में 41 प्रतिशत ऑक्‍सीजन होती है। 

इतना ही नहीं, ब्रह्म मुहूर्त मे उठ कर सूर्य की पहली किरणों में कुछ देर बैठ कर ईश्‍वर का ध्‍यान करना सकारात्‍मक भावों को उत्‍पन्‍न करता है। ब्रह्म मुहूर्त का समय ही पशु-पक्षियों के जगने का भी होता है। इस समय उनकी मधुर आवाज जब कानों में पड़ती है तो यह शरीर को मेडिटेट करती है। 

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Significance of  brahma  muhurta

नहीं होती है धन की कमी 

"यद्य सूर उदितोऽनागा मित्रोऽर्यमा। सुवाति सविता भग:॥" सामवेद में भी इस बात का जिक्र मिलता है कि जो लोग सुबह सूर्योदय होने से पहले अपनी दिनचर्या शुरू करते हैं और भगवान की पूजा (पूजा के दौरान न करें ये 5 गलतियां) करते हैं, उन्‍हें सुख, समृद्धि के साथ ही धन की भी प्राप्‍ती होती है। वहीं अर्थवेद में लिखा है, 'उद्यन्त्सूर्यं इव सुप्तानां द्विषतां वर्च आददे।' अर्थात जो लोग सूर्य उगने के बाद सुबह उठते हैं उनका तेज खत्‍म हो जाता है और उनके सोचने विचारने की शक्ति भी कम हो जाती है। 

 

ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर जरूर करें ये काम 

ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर शरीर को अंदर और बाहर दोनों तरह से साफ-सुथरा करके साफ वस्‍त्र पहन लेने चाहिए। 

इस समय आप योगा और मेडिटेशन भी कर सकते हैं। इस वक्‍त ऑक्‍सीजन का स्‍तर अधिक होता है और इसलिए योगा करने पर आप गहरी सांस (सांस की प्रॉब्‍लम को हल करेंगे ये घरेलू नुस्खे) ले सकते हैं, इससे शरीर में ज्‍यादा से ज्‍याद ऑक्‍सीजन का प्रवेश होगा। 

विद्यार्थियों को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर अध्‍ययन करना चाहिए। इससे उन्‍हें अच्‍छे अंक प्राप्‍त होते हैं। 

 

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 Image Credit: Freepik

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