Sawan 2023 Damru At Home: भगवान शिव के डमरू को घर में कहां रखना चाहिए?

Ghar Mein Kaha Rakhe Damru: भगवान शिव को कई चीजें प्रिय हैं। इन चीजो में से एक डमरू भी है।
सावन में डमरू को घर में रखना बहुत शुभ माना जाता है। इससे घर में मौजूद बुरी शक्तियां दूर हो जाती हैं।
ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं डमरू को घर में रखने की सही दिशा और नियम के बारे में।
घर में यहां रखें डमरू

- घर में अगर शिवलिंग स्थापित है तो डमरू को शिवलिंग के पास ही रखें।
- इसके अलावा, पूर्व दिशा (पूर्व दिशा में रखें ये चीजें) में एक छोटे मिट्टी के बर्तन में भी रख सकते हैं।
- साथ ही, डमरू को घर में लगे बेलपत्र के पौधे के पास रखना भी शुभ है।
- अगर घर में शिव प्रतिमा स्थापित है तो डमरू और त्रिशूल को साथ में रखें।
- छोटा डमरू ही घर में लाएं। डमरू का आकार हथेली के बराबर ही हो।
यह भी पढ़ें: Sawan Somwar 2023: घर की इस दिशा में रखें बेलपत्र, होगा लाभ
- इससे बड़ा डमरू मंदिरों या शिवालयों में ही रखना उचित माना गया है।
- डमरू को तांबे या मिट्टी के बर्तन में ही रखें। कपड़े में न लपेटकर न रखें।
- डमरू को हमेशा त्रिशूल के साथ ही रखना शुभ और उत्तम माना गया है।
- शिव जी के त्रिशूल का निर्माण रज, तम और सत गुणों से मिलकर हुआ है।
- ऐसे में त्रिशूल के साथ डमरू घर में रखना कई कष्टों से मुक्ति दिलाता है।
- बड़ा त्रिशूल रखना जरूरी नहीं। डमरू के आकार का त्रिशूल रख सकते हैं।
घर में डमरू रखने के लाभ

- भगवान शिव की स्तुति डमरू के साथ करने से कभी कुछ अमंगल नहीं होता है।
- डमरू बजाने से घर की नकारात्मकता (नकारात्मकता दूर करने के उपाय) दूर होती है और बुरी शक्तियां नष्ट होती हैं।
- डमरू बजाने से घर के लोगों को कैसी भी बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है।
यह भी पढ़ें: Sawan 2023: सावन में क्यों पहनी जाती हैं हरी चूड़ियां? जानें महत्व और लाभ
- डमरू बजाने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और तनाव भी दूर होने लगता है।
- डमरू से चमत्कारी मंत्रों की ध्वनि उत्पन्न होती है जो दिमाग के लिए अच्छी होती है।
- बच्चों के कमरे में डमरू जरूर रखना चाहिए। इससे उनके मन का भय कम होता है।
आप भी सावन में माह में घर की इस दिशा में डमरू को रख कर लाभ पा सकते हैं। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit: shutterstock, pinterest
- भगवान शिव को डमरू कहां से मिला?
- जब शिव जी नटराज रूप में अवतरित हुए थे तब भगवान शिव ने खुद डमरू का निर्माण किया था।
- शिव जी के डमरू का नाम क्या है?
- शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव के डमरू का नाम 'ब्रह्मनाद' है।
- डमरू का हिन्दू धर्म में महत्व क्या है?
- डमरू को एक ऐसा वाद्य यंत्र माना जाता है जो बुरी शक्तियों के प्रभाव में आने से हमें बचाता है। शिव पूजा में डमरू ज़रूर रखना चाहिए।
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।