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    नैपकिन पर 12% टैक्स से राहत पाने के लिए महिलाएं कर रहीं सरकार से अपील

    मोदी सरकार से महिलाएं सैनिटरी नैपकिन टैक्स फ्री करने की अपील कर रही हैं। क्योंकि ये डायरेक्ट हमारे हेल्थ से जुड़ा है। 
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    • Gayatree Verma
    • Her Zindagi Editorial
    Updated at - 2017-12-16,16:32 IST
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    ठीक है। मैं मानती हूं कि हम औरतें बहुत कमजोर हैं। यही सुनना चाहते हैं ना आप। लेकिन जब आप खुद मानते भी हैं तो हमारे साथ इतना अन्याय क्यों? सैनिटरी नैपकिन पर 12% GST क्यों? 

    जबकि हम तो सोच रहे थे कि आप देश में पीरियड्स से जुड़े टैबू को खत्म करने में हमारी मदद करेंगे। अपने साथ हमारा भी विकास करेंगे। लेकिन आपने तो हमें ही बेहाल कर दिया... उर्फ लहूलुहान ही कर दिया। 

     

    इसलिए तो महिलाओं ने #लहू का लगान नाम से ट्विटर पेज बनाया है और आपसे अपील कर रही हैं कि इसे खत्म करें। 

    Sanitary pad big

    #लहू का लगान

    सोशल मीडिया पर अप्रैल में 'शी सेज' नाम की संस्था ने 'लहू का लगान' (#LahukaLagaan) नाम से एक कैंपेन की शुरुआत की है। इस कैंपेन में सैनिटरी नैपकिन्स को टैक्स फ्री करने की अपील की गई है। इसे आम महिलाओं के साथ बॉलीवुड एक्ट्रेसेस अदिति राव हैदरी, स्वरा भास्कर व बैडमिंटन प्लेयर ज्वाला गट्टा जैसी सेलेब्रिटीज ने भी अपील कर महिलाओं की आवाज को सपोर्ट देने का काम किया है। 

     

    बॉलीवुड का सपोर्ट

    कई बॉलिवुड एक्ट्रेसेस देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली को टैग कर सैनिटरी नैपकीन को टैक्सफ्री करने की अपील कर रही हैं। अदिति राव हैदरी ने ट्वीट किया, 'अरुण जेटली जी, सैनिटरी नैपकीन हमारी जरूरत है, लग्जरी नहीं। कृपया इन्हें जीएसटी से बाहर कर दीजिए, ताकि और ज्यादा महिलाएं इनका इस्तेमाल कर सकें।'

     

     

    सार्थक फिल्में करने वाली और फिल्म अनारकली ऑफ आरा में बेहद बोल्ड रोल अदा करने वाली स्वरा भास्कर ने भी सैनिटरी नैपकिन्स पर टैक्स का विरोध किया है। स्वरा ट्विट करती हैं, 'मैं अदिति राव हैदरी से पूरी तरह सहमत हूं। सरकार को सैनिटरी नैपकीन पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि यह हमारी जरूरत है, किसी तरह की विलासिता नहीं।

     

     

    वहीं इंडियन बैडमिंटन प्लेयर ज्वाला गुट्टा लिखती हैं, 'मिस्टर अरुण जेटली ये बहुत ही चौंकाने वाली बात है। मुझे मालुम नहीं था कि सैनिटरी नैपकीन यूज़ करना लग्जरी है। मैं काफी हैरान हूं, इसलिए मैं आपसे रिक्वेस्ट करती हूं कि सैनिटरी नैपकीन पर टैक्स ना लगाया जाए, ताकि सभी महिलाएं इसका इस्तेमाल कर सकें।'

     

    साथ में शी-सेज़ ने कुछ डिमांड भी की हैं। 

     

    इसके अलावा सेनेटरी नैपकीन पर टैक्स वसूलने के विरोध में एक प्राइवेट चैनल का वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है। वीडियो में दिखाया गया कि एक महिला ऑफिस में काम करने वाली दूसरी महिला के पास जाकर नैपकीन मांगती है तो वो महिला अपने पर्स से सूखे पत्ते निकाल कर दे देती है और कहती है इसे इस्तेमाल कर लो। इस तरह वो महिला कई दूसरी महिलाओं के पास जाती है जिनमें से कोई टॉयलेट पेपर यूज़ करने के लिए देती है तो कोई कपड़ा। लेकिन महंगा होने की वजह से कोई नैपकीन नहीं देता। इसलिए इसे टैक्स फ्री करना बेहद जरूरी है। क्योंकि ये डायरेक्ट महिलाओं के हेल्त से जुड़ा है।

     

    Video source- Girliyapa

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