हिंदू धर्म में कई देवी-देवताओं और संतों की पूजा की जाती है। इनमें से एक साईं बाबा भी हैं। साईं बाबा एक ऐसे संत हैं, जो किस धर्म विशेष पर विश्‍वास रखने का संदेश नहीं देते बल्कि उनकी विचारधारा सबसे अलग है। वह कहते हैं, 'सबका मालिक एक है'। साईं बाबा की इसी विचारधारा ने देश-विदेश के लाखों-करोड़ों लोगों को उनका भक्‍त बना दिया है। 

अगर आप भी साईं बाबा के भक्‍त हैं तो जाहिर है आप भी रोज उनकी पूजा करते होंगे। हालांकि साईं बाबा की भक्ति करना बेहद आसान है, मगर फिर भी आप कुछ बातों का ध्‍यान रखें तो साईं बाबा को प्रसन्‍न कर सकते हैं। उज्‍जैन के पंडित कैलाश नारायण बताते हैं, 'साईं बाबा की दिनचर्या सरल है और इसलिए उनकी पूजा विधि भी कठिन नहीं है।' इतना ही नहीं, पंडित जी साईं बाबा की पूजा करने का सही तरीका भी बताते हैं- 

व्रत का संकल्‍प इस तरह करें- 

  • वैसे तो साईं बाबा की पूजा आप नियमित रूप से कर सकती हैं। मगर आपको यदि साईं बाबा के व्रत शुरू करने हैं तो पंडित जी के मुताबिक गुरु पूर्णिमा का दिन सबसे अच्‍छा माना गया है। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 24 जुलाई को है। आप इस दिन साईं बाबा को अपना गुरु मान कर उनके व्रत शुरू कर सकती हैं। 
  • मगर इससे पहले आपको साईं बाबा के व्रत का संकल्‍प लेना होगा। पंडित जी कहते हैं, ' यदि आप किसी भी देवी या देवता के व्रत रखती हैं तो उससे पहले शुभ मुहूर्त में आपको यह संकल्‍प लेना होता है कि आप कितने दिन और किस विधि से व्रत रखेंगी।' 
  • साईं बाबा का व्रत बहुत ही सरल होता है। इसलिए इसका संकल्‍प भी जटिल नहीं है। जो भी भक्‍त साईं बाबा का व्रत रखना चाहता है, वह गुरु पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर साईं बाबा की प्रतिमा या तस्‍वीर के आगे खड़े हो कर यह यह संकल्‍प ले सकता है कि वह साईं बाबा के कितने व्रत रखना चाहता है और किस विधि से व्रत रखेगा। 
  • पंडित जी बताते हैं, ' साईं बाबा की पूजा आप किसी भी दिन कर सकते हैं। मगर गुरुवार का दिन विशेष रूप से साईं बाबा को अर्पित होता है। आप इस दिन 9, 21, 51 में से जितनी भी आपकी श्रद्धा हो उतने गुरुवार का व्रत करने का संकल्‍प कर सकती हैं। '

sai baba puja on thursday

साईं बाबा को स्‍नान कैसे कराएं- 

  • आमतौर पर लोगों के घरों में संगमरमर के पत्‍थर से बने साईं बाबा होते हैं। साईं बाबा को पहले गंगाजल मिले पानी से नहलाएं। 
  • इसके बाद इस पानी को नाली में फेंकने के स्‍थान पर या तो खुद पी जाएं या फिर पौधों में विसर्जित कर दें। 
  • इसके बाद साईंबाब को दूध से स्‍नान करवाएं। इस दूध को एक पात्र में इकट्ठा करें और इसकी ही खीर बना कर प्रसाद के तौर पर सभी को बाटें। 
  • एक बार फिर से साफ जल से साईं बाबा को स्‍नान कराएं और साफ कपड़े से पोछ लें। 

कैसे पहनाएं साईं बाबा का वस्‍त्र- 

साई बाबा को वस्‍त्र के रूप में आप एक शॉल उढ़ा सकते हैं। जरूरी नहीं है कि आप रेशम के कपड़े की महंगी शॉल ही बाबा को उढ़ाएं आप साधारण सूती कपड़े की शॉल भी बाबा को अर्पित कर सकते हैं। साईं बाबा के सिर को खुला न रखें बल्कि उनके सिर पर एक साफ भी जरूर बांध दें। 

साईं बाबा श्रृंगार कैसे करें- 

साईं बाबा ने हमेशा साधारण जीवन जीया है। आप उन्‍हें सोने या चांदी के जेवर अर्पित करके खुश नहीं रख सकते हैं। बल्कि आप केवल एक गुलाब का फूल उन्‍हें चढ़ा कर उनका दिल जीत सकते हैं। पंडित जी कहते हैं, ' साईं बाबा ने हमेशा सब को यही संदेश दिया है कि सबका मालिक एक है। इसलिए अपने मन से धर्म और जात-पात की दीवार को तोड़ कर एक-दूसरे की मदद करें। जो धन आप साईं बाबा के श्रृंगार में खर्च करना चाहते हैं उससे गरीबों को भोजन कराएं।'

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rules of sai baba puja

साईं बाबा की पूजा विधि जानें- 

  • साईं बाबा की पूजा की शुरुआत उनकी कथा पढ़ कर करें। साईं बाबा की कथा से जुड़ी पुस्‍तकें आपको बाजार में आसानी से मिल जाएंगी। 
  • कथ पढ़ने के बाद आप साईं बाबा की आरती करें। आरती करते वक्‍त सबसे पहले उनके चरणों की आरती करें। 
  • फिर मध्‍य शरीर की आरती करे और सबसे आखिर में साईं बाबा के मुख की आरती करें। 

कैसे खोलें साईं बाबा का व्रत- 

  • आपने जैसा संकल्‍प लिया हो वैसे ही व्रत रखें। व्रत खोलने से पहले साईं बाबा का प्रसाद सब में बाटें। 
  • इसके बाद आप साईं बाबा के प्रसाद से ही अपना व्रत खोलें। 
  • अगर आपने व्रत में केवल फल खाने का संकल्‍प लिया है तो अपने हिस्‍से का भोजन पशु-पक्षियों और गरीबों में दान करें। 

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इस तरह आप पूरी श्रद्धा के साथ गुरुवार के दिन साईं बाबा का व्रत रख कर उनकी पूजा कर कसते हैं और सुखद फल प्राप्‍त कर सकते हैं। 

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