साईं बाबा को मनने वालों में केवल हिंदू ही नहीं बल्कि देश में मौजूद लगभग सारे धर्म के लोग अपने-अपने तरह से साईं बाबा की पूजा करते हैं और उन्हें खुश करने का प्रयास करते हैं। दरअसल, ऐसा कहा जाता है कि साई बाबा का न तो कोई धर्म था न ही कोई जात। यहां तक की उन्हें उनका नाम भी पंडित के पुजारी ने दिया था। इन सबके बावजूद शिरडी में मौजूद साईं बाबा मंदिर में भक्तों का मेला लगा रहता है। सभी धर्म के लोग यहां आते हैं, साईं बाबा के आगे माथा टेकते हैं और मन्नत मांगते हैं। भक्तों में ज्यादा संख्या हिंदुओं की होती है क्यों कि साई बाबा के मंदिर का रख रखाव भी हिंदू तौर तरीकों से किया जाता है। इतना ही नहीं हिंदुओं में साईं बाबा के नाम पर व्रत रखनें और उनकी पूजा करने का भी रिवाज है। ऐसी मान्यता है कि यदि कोई पूरी श्रद्धा भाव के साथ साईं बाबा के हर गुरुवार व्रत रखता है उससे बाबा प्रसन्न हो जाते हैं। साथ ही साईं बाबा के महा मंत्र का जो 108 बार जाप करता है बाबा उसकी सारी मनोकामना पूरी करते हैं। तो चलिए आज हम आपको साईं बाबा के महा मंत्र और पूजा अर्चना करने की सही विधि बताते हैं। 

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साई सच्चरित्र के मुताबिग ये हैं साईं बाबा के महामंत्र 

1) ॐ साईं राम 

2) जय जय साईं राम 

3) सबका मालिक एक है 

4) ॐ साईं देवाय नमः 

5) ॐ साईं गुरुवाय नमः 

6) ॐ शिर्डी देवाय नमः 

7) ॐ सर्व देवाय रूपाय  नमः

8) ॐ समाधिदेवाय नमः 

9) ॐ अजर अमराय नमः 

10) ॐ मालिकाय नमः 

11) ॐ फखिरदेवाय नमः  

12) ॐ शिरडी वासाय विद्महे सच्चिदानंदाय  धीमहि  तनो साईं प्रचोदयात    

13) ॐ सर्वज्ञा सर्व देवता सवरूप अवतारा , सत्य धर्म शांति प्रेमा स्वरूप अवतारा, सत्यम शिवम् सुन्दरम स्वरुप अवतारा , अनंत अनुपम ब्रह्म स्वरूप अवतारा , ॐ परमानंद श्री शिरडी नाथाय नमः

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साई बाबा का व्रत 

  • साई बाबा का व्रत रखने के लिए को किसी भी गुरुवार सुबह जल्दी उठ कर स्नान करे साफ कपड़े पहन कर साई बाबा के चित्र या मूर्ति के आगे खड़े होकर बाबा के व्रत का संकल्प करना है। 
  • संकल्प करते वक्त आपको यह तय करना होगा कि आप साई बाबा का व्रत कितने गुरुवार रखना चाहते हैं। अगर आप 9 गुरुवार साई बाबा का व्रत रखना चाहते हैं तो आपको 9 गुरुवार या 21 गुरुवार का संकल्प लेना चाहिए। 
  • संकल्प लेने के बाद साईं बाबा की फोटो के आगे फूल माला और दीप जला कर उनकी कथा पढ़नी चाहिए। 
  • आपको साई चालिसा आसानी से पूजा सामग्री रखने वाली दुकान में मिल जाएगी। साई बाबा की कथा पढ़ने के बाद आपको साईं बाबा को किसी भी पीली वस्तु का भोग चढ़ाना चाहिए। इस प्रसाद को दूसरों में बांट कर खुद ग्रहण करना चाहिए। 
  • आपको बता दें कि साई बाबा कभी पूरा दिन भूखे रहने को नहीं कहते हैं। वह कहते हैं खुद भी खाओं और लोगों से मिल बांट कर खाओं। इसलिए यदि आप साई बाबा के व्रत में पूरे दिन का फास्ट नहीं रख सकती हैं तो आपको आधे दिन का व्रत रखना चाहिए। शाम को आप फलाहार या अन्न तक ग्रहण कर सकती हैं। 
  • यदि आप पूरा दिन खाते पीते रहना चाहती हैं तो आप ऐसा भी कर सकती हैं। ऐसे में आपको संकल्प लेते वक्त ही इस बात पर विचार कर लेना चाहिए। 
  • जैसा आपने पहले गुरुवार का व्रत रखा है आपको वैसा ही अगले सारे गुरुवार रखना होगा। आप कभी असुविधा होने पर या किसी जरूरी कार्य की वजह से आप किसी गुरुवार व्रत न कर पाएं तो आप बाबा की पूजा अर्चना वैसे ही करें। यह गुरुवार आपके संकल्प लिए गए व्रत के साथ शामिल नहीं होगा।