मंगलवार का दिन हनुमान जी के भक्तों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन को हिंदू धर्म के लोग भगवान हनुमान की पूजा अर्चना और पाठ करते हैं। अमूमन मंदिरों, चित्रों और मूर्तियों में भगवान हनुमान को केसरिया रंग में ही देखा गया है। उन पर पक्के सिंदूर को चढ़ाने का अलग ही महत्व है। मगर, भारत में एक स्थान ऐसा भी है जहां हनुमान जी कि प्रतिमा काली है। शायद आपको यह बात सुनकर आश्चर्य हो रहा होगा कि हनुमान जी का रंग काला कैसे हो सकता है। मगर, इसके पीछे एक बेहद रोचक कहानी छुपी हुई है। 

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हनुमान जी को हमेशा से ही भगवान राम का भक्‍त बताया गया है। शास्त्रों और पुराणों में भी भगवान राम और हनुमान जी से जुड़ी कई कहानियां मिल जाती हैं। रामायण में बताया गया है कि भगवान श्री राम के साथ मिल कर हनुमान जी ने माता सीता को लंका के राजा रावण से बचाया था। कई लोग भगवान हनुमान की पूजा इसलिए भी करते हैं क्यों कि वह बाल ब्रह्मचारी थे। जिन्हें डर और भय सताता है वह भी भगवान हनुमान की अराधना करते हैं। मगर, राजस्थान की राजधानी जयपुर के चांदी टकसाल स्थित भगवान हनुमान के काले होने का राज आपको हैरान कर देगा। 

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क्या है कहानी 

इस मंदिर की कहानी विचित्र है और साथ ही भगवान हनुमान के काले होने का राज भी आपको चकित कर देगा। दरअसल, पुराणों और शास्त्रों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि भगवान सूर्य हनुमान जी के गुरू थे। एक बार हनुमान जी को भगवान सूर्य को गुरु दक्षणा देने का मन हुआ। उन्होंने सूर्य देव से पूछा, ‘हे प्रभु में आपको गुरु दक्षणा में क्या दे सकता हूं।’ तब भगवान सूर्य ने कहा, ‘हनुमान, मेरा पुत्र शनि मेरा कहा नहीं सुनता और मेरे पास भी नहीं आता है। अगर तुम मेरे लिए कुछ करना चाहते हो तो मेरे पुत्र को मेरे पास ले आओ।'

हनुमान जी, ने अपने गुरू की इच्छा को पूरा करने के लिए शनि देव का पीछा किया। काफी मुश्किलों के बाद शनि महाराज जब हनुमान जी के हाथ लगे तो वह हनुमान जी की गुरु भक्ति के कायल हो गए। वह हनुमान जी के आगे नतमस्तक हो गए और कहा, ‘मैं आपकी गुरु भक्ति देख बहुत खुश हुआ हूं। मैं इस बात की घोषणा करता हूं कि शनिवार के दिन मेरे भक्तों की मनोकामना तब तक पूरी नहीं होगी जब तक वह मेरी अराधना के बाद आपकी पूजा नहीं करेंगे।’ इतना ही नहीं शनि महाराज की इच्छा अनुसार ही हनुमान जी ने काला रंग भी धारण कर लिया।

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स्थान 

जयपुर का यह मंदिर इस कहानी का प्रतीक है। यहां मंगलवार को तो हनुमान जी की पूजा होती ही है साथ ही शनिवार को भी यहां भक्तों की भीड़ रहती हैं। आपको बता दें कि यह मंदिर जलमहल के नजदीक है। इस मंदिर को आमेर के राजा जयसिंह ने बनवाया था। मंदिर में हनुमान जी की पूर्वमुखी प्रतिमा । इन्हें सांगानेरी गेट के भीतर रक्षक की तरह स्थापित किया गया है। 

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मंदिर की खासियत 

यह मंदिर बेहद खूबसूरत हैं। इसे राजस्थानी स्थापत्य कला और वास्तु के नियम कायदों को ध्यान में रख कर बनाया गया है।मंदिर को दो मंजिलाा बनाया गया है और बाहर से देखने में यह महल जैसा नजर आता है।मंदिर में कई देवी देवता हैं।

इस मंदिर में बॉलीवुड सेलिब्रिटीज बिपाशा बसु, एकता कपूर और शिल्पा शेट्टी भी हनुमान जी के दर्शन करने आ चुकी हैं।