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Pitru Paksha 2020: पितृ दोष के लक्षण और उसके निवारण के उपाय पंडित जी से जानें

पंडित जी बता रहे हैं कब और क्‍यों व्‍यक्ति पर लगता है पितृ दोष और उसके निवारण के आसान तरीके क्‍या हैं। 
Updated:- 2020-08-31, 19:27 IST
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इस वर्ष 2 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू हो रहे हैं। 15 दिन चलने वाले पितृ पक्ष को हिंदू धर्म में पितरों के श्राद्ध के रूप में मनाया जाता है। इन दिनों पितरों की आत्‍मा को शांति पहुंचाने के लिए परिवार में उनका श्राद्ध किया जाता है। कई लोग इन दिनों पिंड दान और पितृ दोष शांति के लिए विशेष कार्य भी करते हैं। 

पितृ दोष मनुष्‍य की कुंडली में मौजूद कई तरह के दोषों में से एक होता है। जिस भी व्‍यक्ति की कुंडली में पितृ दोष होता है वह जीवन में कठिनाइयों और बहुत सारे उतार-चढ़ाव का अनुभव करता है। ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखार्विंद विनोद सोनी पोद्दार इस बारे में कहते हैं, 'यदि कुंडली में पितृ दोष है तो कई तरह की परेशानियां जीवने में आ सकती हैं। बहुत जरूरी है कि आप पितृ दोष के लक्षण को समझें और उसके निवारण के लिए उपाय करें।'

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पितृ दोष क्या होता है ?

पंडित जी बताते हैं, ' जब हमारे पितरों को यह आभास होता है कि हम उन्‍हें भूल गए हैं या फिर उनके प्रति श्रद्धा नहीं रखते हैं तो वह हमसे नाराज हो जाते हैं और उनके श्राप से कुंडली में पितृ दोष लगता है।' 

पितृ दोष के लक्षण 

पंडित जी पितृ दोष के कुछ असामान्‍य लक्षणों के बारे में बताते हैं। 

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खाने में से बाल निकलना

भोजन में बाल निकलना अच्‍छी बात नहीं मानी जाती है। आमतौर पर इसे हाइजीन से जोड़ कर देखा जाता है, मगर यदि ऐसा बार-बार हो तो समझ जाएं कि आपके पितृ आपसे नाराज हैं। 

बदबू या दुर्गंध

घर की रोज साफ-साफई करने के बाद भी अगर घर से दुर्गंध (घर से दुर्गंध हटाने के उपाय) आती है तो यह भी पितृ दोष का ही लक्षण होता है। 

शुभ कार्य में बाधा

किसी शुभ अवसर पर अगर कोई ऐसी बाधा आ जाए जिसके बारे में आपने कभी विचार भी नहीं किया था तो जान लें कि शुभ अवसर पर कुछ अशुभ घटित होना पितरों (पितरों की मुक्ति लिए बना है यह तीर्थ) की असंतुष्टि का संकेत है।

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पितृ दोष की शांति के उपाय

  • पितृ दोष के सामान्‍य उपायों की बात की जाए तो पंडित जी बताते हैं, ' पिंड दान, सर्प पूजा, ब्राह्मण को गौ-दान, कुआं या तालाब बनवाना, श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करना चाहिए।'
  • पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध जरूर करें। किसी अच्‍छे पंडित को कुंडली दिखाएं और पितृ दोष के प्रकार के अनुसार पितृ दोष शांति का उपाय अपनाएं। 
  • यदि आप भगवान शिव और माता पार्वती की नियमित पूजा करते हैं तो भी समस्‍त प्रकार के पितृ दोष से होने वाले संकट टल जाते हैं। 
  • हर महीने अमावस्‍या पर नियमित रूप से गाय को भोजन कराएं। इससे भी पितृ दोष कम हो जाएगा। 
  • प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती या सुन्दर काण्ड का पाठ करने से भी यह दोष कम हो जाता है। 
  • हर सुबह सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और लाल फूल चढ़ाएं। इससे भी पितृ दोष के कारण भविष्‍य में आने वाला संकट टल जाएगा। 
  • पितृ पक्ष में पीपल के पेड़ की परिक्रमा अवश्य करें अगर आप पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा लगाएंगे तो पितृ दोष अवश्य दूर हो जाएगा।

 

पंडित जी कहते हैं, 'पितृ दोष होने से बड़ी-बड़ी बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए हम जैसे ईश्‍वर को रोज प्रणाम करते हैं वैसे ही हमें अपने पितरों को भी प्रसन्‍न करने के लिए रोज उन्‍हें प्रणाम करना चाहिए और अपनी गलतियों की माफी भी मांगनी चाहिए।'

 

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 Image Credit:Pixabay

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