जब ठंड की वजह से हम सभी चुपचाप अपने घरों में मौजूद थे, उस समय एक बेहद खतरनाक और हिला देने वाला हादसा दिल्ली की सड़कों पर अंजाम ले रहा था। जी हां हम निर्भया रेप केस की बात कर रहे हैं, जिसने न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था। 16 दिसंबर 2012 की उस खौफनाक रात को कोई भूल नहीं सकता है। हालांकि इस घटना के बाद बहुत ज्‍यादा बदलाव आया है, लोगों में इस घटना के बाद जागरूता बढ़ी है और तुरंत लोग अपनी प्रॉब्‍लम के बारे में बोलने लगे हैं। लेकिन अभी भी ग्राउंड लेवल पर रिस्‍पौंस को बदलने की जरूरत है।

आज भी टीनएजर्स की सुरक्षा पेरेंट्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए टीनएजर्स की सुरक्षा के लिए कौन से सेफ्टी टिप्‍स अपनाने चाहिए? इस बारे में हरजिंदगी को IPS ऑफिसर सुतापा सानियाल जी बता रही हैं। उनका कहना है कि ''कोरोनावायरस के कारण आजकल जो हम ट्रेंड देख रहे हैं, उसके चलते ऑनलाइन क्राइम बहुत ज्‍यादा बढ़ गया है क्‍योंकि लोगों का बाहर निकलना कम हो गया है। ऑनलाइन क्राइम एक बहुत बड़ा अपराध है जो किसी की जिंदगी बर्बाद कर सकता है। ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, साइबर बुलिंग, सेक्शुअल हैरेस्मेंट जैसी कई चीज़ें हैं जिन्होंने टीनएजर्स की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। इसलिए कुछ टिप्‍स को अपनाना बेहद जरूरी है।'' आइए इन टिप्‍स के बारे में जानें।  

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पेरेंट्स बच्‍चों के साथ दोस्‍त बनकर रहें

अगर कोई भी दिक्‍कत होती है तो पेरेंट्स को हमेशा बच्‍चों का साथ देना चाहिए और उन्‍हें समझना चाहिए। बच्‍चों को अच्‍छी तरह से गाइड करें। अब जबकि सभी चीजें बहुत ज्‍यादा एंडवास हो चुकी हैं, इसलिए पेरेंट्स को भी ऑनलाइन चीजों को अच्‍छी तरह से जानना, सीखना और समझना होगा ताकि वह अपने बच्‍चों को इन सभी के बारे में अच्‍छी तरह से समझा सकें।

कम्युनिकेशन है बेहद जरूरी 

बच्‍चे और पेरेंट्स के बीच उम्र के हिसाब से बातचीत होनी चाहिए। बहुत सारे घरों में ऐसी बातों को टैबू माना जाता है। ऐसा बिल्‍कुल नहीं होना चाहिए। ऐसी बातचीत आपके घर में होनी चाहिए। बच्‍चे और बड़े खुलकर बात कर सकें, यह रवैया हर घर में जरूर होना चाहिए। यह बातें लड़कियों से ही नहीं लड़कों से भी करनी चाहिए। 

मानसिकता बदलना है जरूरी

हर किसी को अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए। हमारे समाज में लड़के और लड़कियां दोनों को बराबरी का दर्जा देना चाहिए, भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी को बराबर ट्रीटमेंट मिलना चाहिए और सभी को इस बारे में जानकारी होनी चाहिए।

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अंजान लोगों की दोस्‍ती से बचें 

टीनएजर्स फेसबुक या कोई और सोशल मीडिया पर अंजान लोगों को दोस्‍त बनाने से बचें। प्रोफाइल फोटो में कोई किसी की भी फोटो लगाकर इस्‍तेमाल कर सकता है। माना कि हम इंसान हैं और हमें अपने आस-पास लोग चाहिए लेकिन बच्‍चों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है। कुछ भी करने से पहले एक बार जरूर सोचें कि उसका क्‍या परिणाम हो सकता है?

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पासवर्ड देने से बचें

बच्‍चों को अपनी पर्सनल जानकारी जैसे पासवर्ड, पैनकार्ड, आधारकार्ड आदि को किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। जिस जानकारी की आवश्‍यकता नहीं है उसे कभी भी सोशल मीडिया पर किसी से शेयर न करें। अंजान लोगों को कोई भी पर्सनल जानकारी बिल्‍कुल नहीं देनी चाहिए। बच्‍चों को अपने दिमाग से काम लेना चाहिए।

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ग्रूमिंग से बचें

साइबर स्‍पेस में बहुत तरह के ग्रुप्‍स होते हैं जो अलग तरह के काम करते हैं। बहुत सारे स्‍पेस्स में लोग ग्रूमिंग करते हैं। यह बहुत जल्‍दी प्रोग्रेस करता है, लड़कियां बहुत जल्‍दी बातों में आ जाती हैं और फिर अपनी फोटोज भेजने लगती हैं। इसके बाद लोग ब्‍लैकमेलिंग शुरू कर देते हैं। इसलिए बच्‍चों को सोशल मीडिया पर बहुत ज्‍यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।

पेरेंट्स से चीजें छिपाने से बचें

बच्‍चे अपने पेरेंट्स से किसी भी चीज को छिपाने से बचें। अगर आप किसी भी परेशानी में हैं तो सबसे पहले अपने पेरेंट्स को जरूर बताएं, इससे पहले की समस्‍या और भी बढ़ती चली जाए। ऐसी बातों में बिल्‍कुल न आएं जिसमें क्राइम करने वाले बोलते हैं कि अपने पेरेंट्स को बिल्‍कुल मत बताना वर्ना उनके साथ बहुत बुरा हो सकता है। 

अगर कोई लड़की किसी से मिलने जा रही है तो उसको मिलने वाले की पूरी जानकारी होनी चाहिए और जब जाएं तो पेरेंट्स को सही लोकेशन बता कर जाएं। बच्‍चों और पेरेंट्स में आपसी विश्‍वास होना बेहद जरूरी है। यह सारे सेफ्टी टिप्‍स हर पेरेंट्स और टीनएजर्स को जरूर पता होने चाहिए। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।     

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