जब भी भारत के सबसे अमीर लोगों की चर्चा होती है हम हमेशा ही मुकेश अंबानी, शिव नादर जैसे लोगों की बात आती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की सबसे अमीर महिलाएं कौन हैं? अधिकतर लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं होगी, लेकिन फोर्ब्स के 100 richest Indians की लिस्ट में कई महिलाएं भी शामिल थीं। क्या आप जानते हैं वो कौन थीं?

कुछ ऐसी हैं जिन्हें विरासत में ये सब मिला है, लेकिन कुछ ऐसी भी हैं जो सेल्फ मेड हैं और अपने बल पर अरबों का कारोबार कर रही हैं। ऐसे में हम इनके बारे में आपको थोड़ी सी जानकारी देते हैं। इनके नेट वर्थ की जानकारी भी हमने फोर्ब्स की 2020 लिस्ट से ही निकाली है और ये सभी किसी न किसी बिजनेस ग्रुप से जुड़ी हुई हैं। 

1. सावित्री जिंदल

बिजनेस- ओ पी जिंदल ग्रुप

100 अमीर भारतीयों में से कितनी रैंक- 19

नेट वर्थ- 6.6 बिलियन डॉलर औसत (4865 करोड़ रुपए)

सावित्री जिंदल न सिर्फ जिंदल ग्रुप की चेयर पर्सन हैं बल्कि ये हरियाणा सरकार की मंत्री भी रह चुकी हैं। सावित्री जिंदल की शादी ओ पी जिंदगी से 1970 के दशक में हुई थी और सावित्री तब से ही एक सफल पत्नी, मां, बिजनेस वुमेन और मंत्रि की भूमिका निभा चुकी हैं। ओ पी जिंदल की मौत के बाद सावित्री को ही कंपनी की बागडोर मिली और उनके आने के बाद से कंपनी का कारोबार चार गुना बढ़ गया। अकेले 2020 में ही सावित्री जिंदल की कमाई औसतन 5.8 बिलियन डॉलर से बढ़कर 6.6 बिलियन डॉलर हो गई। ये 2019 की तुलना में 13.8% ज्यादा है। 

savitri jindal

ओ पी जिंदल की मौत के बाद सावित्री ने बच्चों पर भी बराबर जिम्मेदारी बांटी है। जिंदल स्टील, पावर, माइनिंग, ऑयल और गैस आदि बिजनेस उनके चार बेटे संभालते हैं पृथ्विराज, सज्जन, रतन, नवीन। आपको बताते चलें कि जिंदल स्टील भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्टील प्रोड्यूसर है। 

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2. किरण मजुमदार शॉ

बिजनेस- बायोक्वाइन

100 अमीर भारतीयों में से कितनी रैंक- 27

नेट वर्थ- 4.6 बिलियन डॉलर औसत (3393 करोड़ रुपए) 

किरण मजुमदार शॉ भारत की उन बिलियनएयर्स में से एक हैं जो सेल्फ मेड हैं और जिन्होंने अपनी जिंदगी में सब कुछ खुद ही हासिल किया है। न सिर्फ किरण ने ब्रिउइंग कोर्स (अलग-अलग तरह के अल्कोहल सही तरह से मिलाने की कला) में मास्टर्स किया है बल्कि वो जूलॉजी में डिग्री भी ले चुकी हैं। ट्रेनी ब्रुअर के तौर पर किरण ने काम किया था और धीरे-धीरे करके किरण ने एक-एक सीढ़ी चढ़ी। बायोक्वाइन केमिकल्स की फाउंडर से एक बार उनकी मुलाकात हुई और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे पलट कर नहीं देखा। शुरुआत छोटी नौकरी और फिर बड़े उपलब्धि से करने के बाद किरण ने आगे बढ़ना नहीं छोड़ा। किरण ने खुद को कुछ इस तरह से ढाला कि उपलब्धियों ने उनके कदम चूमे। इसी साल उन्होंने 2.38 बिलियन से 4.6 बिलियन डॉलर्स तक अपने नेट वर्थ को बढ़ाया। 

kiran majumdar shaw 

3. विनोद राय गुप्ता

बिजनेस- हैवल्स

100 अमीर भारतीयों में से कितनी रैंक- 40

नेट वर्थ- 3,55 बिलियन डॉलर औसत (2618 करोड़ रुपए) 

विनोद राय गुप्ता ही एक ऐसी महिला हैं इस लिस्ट में जिनकी कमाई इस साल घटी है। विनोद गुप्ता के पति कीमत राय गुप्ता ने हैवल्स की शुरुआत की थी और ये साल था 1958। इसके बाद विनोद ने धीरे-धीरे अपनी गृहस्थी जमाई, लेकिन अब वो बिजनेस में भी एक्टिव हैं। कीमत राय गुप्ता की मौत के बाद विनोद राय गुप्ता और उनके बेटे अनिल राय गुप्ता कंपनी की बागडोर संभालते हैं। विनोद और उनके बेटे अनिल 40% शेयर्स के साथ हैवल्स को चला रहे हैं। इस साल उन्हें लगभग 0.45% का घाटा हुआ है।  

vinod rai havells

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4. लीना तिवारी

बिजनेस- यूएसवी इंडिया

100 अमीर भारतीयों में से कितनी रैंक- 47

नेट वर्थ- 3.55 बिलियन डॉलर औसत (2212 करोड़ रुपए) 

leena gandhi tiwari

लीना गांधी तिवारी फार्मा कंपनी यूएसवी इंडिया की चेयरपर्सन हैं। ये कंपनी उनके पिता विट्ठल गांधी ने 1961 में शुरू की थी। उनकी कंपनी डायबिटिक और कार्डियोवस्कुलर ड्रग्स बनाती है और लीना के पति प्रशांत तिवारी इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर काम करते हैं। लीना ने बॉस्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है और बिजनेस को बहुत ध्यान से चलाने के साथ-साथ वो सोशल वर्क में भी काफी रुचि रखती हैं। लीना ने इस साल 1.08 बिलियन अपनी दौलत बढ़ाई है। यकीनन उनकी कंपनी ने काफी अच्छा बिजनेस किया है।  

5. मल्लिका श्रीनिवासन

बिजनेस- ट्रैक्टर्स और फार्म का सामान

100 अमीर भारतीयों में से कितनी रैंक- 58

नेट वर्थ- 2.45 बिलियन डॉलर औसत (1806 करोड़ रुपए) 

mallika sriniwasan

मल्लिका Tractors and Farm Equipment Limited (TAFE) की सीईओ हैं और ये भारत का ही नहीं बल्कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ट्रैक्टर मेकिंग बिजनेस है। इस ग्रुप को 81 साल पहले एस. अनंतरामकृष्णन ने स्थापित किया था और मल्लिका उनकी भतिजी हैं। वार्टन यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने वाली मल्लिका यू एस बिजनेस काउंसिल (USIBC), बोर्ड ऑफ AGCO कॉर्पोरेशन-यूनाइटेड स्टेट्स और टाटा स्टील लिमिटेड के बोर्ड का हिस्सा भी हैं। अब तो आप समझ ही गए होंगे कि मल्लिका इस लिस्ट में क्यों शामिल हैं। 

ये सभी महिलाएं अपने-अपने स्तर पर अपने बिजनेस की कमान संभाले हुए हैं और यकीनन कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। इनसे इंस्पिरेशन ली जा सकती है। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।