Sat Sep 12, 2026 | Updated 04:42 AM IST

महाकुंभ में महिला नागा साधु का आना क्यों माना जाता है खास?

महाकुंभ में नागा साधुओं का विशेष रूप से जमावड़ा लगता है और शाही स्नान का आरंभ भी सबसे पहले नागा साधुओं द्वारा ही किया जाता है। वहीं, महिला नागा साधुओं का आना बहुत विशेष होता है।
Updated:- 2024-12-04, 11:56 IST
maha kumbh mein mahila naga sadhu ke aane se kya hota hai

सनातन धर्म में महाकुंभ का बहुत महत्व माना जाता है। हर 12 साल में महाकुंभ का आयोज किया जाता है। आखिरी महाकुंभ साल 2013 में लगा था वहीं, अब पौष माह की पूर्णिमा यानी कि 13 जनवरी 2025, दिन सोमवार से महाकुंभ का आरंभ होगा और महाशिवरात्रि यानी कि 26 फरवरी 2025, दिन बुधवार को महाकुंभ का समापन होगा। महाकुंभ मेले से जुड़े कई रोचक बातें जो सिर्फ इस मेले के दौरान ही पता चलती हैं, मेले के साथ ही इनका अस्तित्व शुरू होता है और किसी रहस्य की भांति मेले के साथ ही यह लुप्त हो जाती हैं। ठीक ऐसा ही कुछ है नागा साधुओं के साथ।

महाकुंभ में नागा साधुओं का विशेष रूप से जमावड़ा लगता है और शाही स्नान का आरंभ भी सबसे पहले नागा साधुओं द्वारा ही किया जाता है। वहीं, यह तो हम सब जानते हैं कि महाकुंभ में पुरुष नागा साधुओं का आना न सिर्फ एक परंपरा है बल्कि यह एक आलौकिक घटना है लेकिन महाकुंभ में महिला नागा साधुओं का आना बहुत विशेष होता है। ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं महाकुंभ में महिला नागा साधु का महत्व।

महाकुंभ में महिला नागा साधुओं का आना क्यों है विशेष?

mahila naga sadhu ke rahasya

यूं तो महिला और पुरुष दोनों के लिए ही नागा साधु बनने के नियम और प्रक्रिया समान है लेकिन इसके बाद भी महिला नागा साधुओं का तप पुरुष नागा साधुओं के मुकाबले ज्यादा कठिन माना जाता है।

यह भी पढ़ें: Maha Kumbh 2025: महाकुंभ लगाने के लिए कैसे चुना जाता है स्थान?

ऐसा इसलिए क्योंकि जिस प्रकार धार्मिक कार्यों में सामान्य महिलाओं का रजस्वला अवस्था यानी कि पीरियड्स में भाग लेना मना होता है। उसी प्रकार यह नियम नागा साधु की तपस्या के दौरान भी मान्य है।

mahila naga sadhu ki mystery

ऐसे में महिला नागा साधुओं को अपने उच्च स्तर के तप को कम अवधि में समाप्त करने की बाध्यता होती है ताकि रजस्वला अवस्था में पहुंचने से पहले ही वह अपना पूजा एवं तप का संकल्प निर्विघ्न पूरा कर लें।

यह भी पढ़ें: Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में कौन करता है सबसे पहले शाही स्नान? जानें इससे जुड़े नियम, विधि और लाभ 

महाकुंभ में जब महिला नागा साधु आती हैं तो वह अपनी संपूर्ण शक्ति से परिपूर्ण होती है। माना जाता है कि जब पुरुष नागा साधु शाही स्नान के लिए उतारते हैं तो वह पुरुष रूपी बुरी ऊर्जाओं को नियंत्रित कर लेते हैं।

maha kumbh mein hi kyu dikhati hain mahila naga sadhu

ठीक ऐसे ही जब महिला नागा साधु महाकुंभ में शाही स्नान के लिए उतरती हैं तब उनमें महिला रूपी बुरी ऊर्जाओं को नियंत्रित करने की शक्ति का संचार होता है। महिला नागा साधु का दिखना भी बहुत शुभ होता है।

अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं और अपना फीडबैक भी शेयर कर सकते हैं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

image credit: herzindagi 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।