महाभारत का जब भी जिक्र होता है द्रौपदी का किरदार जहन  में खुद ब खुद उभर आता है. लोग द्रौपदी को दो ही कारणों से जानते हैं. पहला कि उसके पांच पति थे और दूसरा की उसका चीरहरण हुआ था. मगर द्रौपदी की पहचान केवल इन दो कारणों पर नहीं टिकी बल्कि उसके किरदार में कई ऐसी बातें थी जो उसे महाभारत की मजबूत कड़ी बनाती है. कई लोग यह भी मानते  हैं कि महाभारत का युद्ध द्रौपदी की वजह से ही हुआ था. इस वजह से लोगों के बीच उसकी गलत छवि भी बनी हुई है. मगर आपको यह जानकर हैरानी होगी कि द्रौपदी अपनी इंसल्ट होने पर चुप नहीं बैठी और उसने इसका बदला लिया और जीत भी हासिल की.  द्रौपदी में केवल जीतने का हौसला ही नहीं था बल्कि उसमें कई ऐसे गुण भी थे, जो 21 वीं सदी की महिलाओं को द्रौपदी से सीखने चाहिए और अपने behaviour में शामिल करने चाहिए। 

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 image courtesy: isha.sadhgun.com

1) Bold थी द्रौपदी : बेशक आधुनिक युग की महिलाएं बोल्ड हैं. वे अपने हिसाब से रहती खाती और काम करती हैं. मगर आज भी महिलाओं में इतनी boldness नहीं आई की वे sex और periods जैसे सब्जेक्ट्स पर खुल कर बातें कर सकें। आज भी यह सब्जेक्ट्स उनके लिए टैबू  बने हुए हैं. खासतौर पर पुरुषों के आगे उन्हें इन सब्जेक्ट्स पर डिस्कशन करने में शर्म आती है. यहाँ तक कि महिलाएं चाहती ही नहीं हैं कि  उनके पीरियड्स के बारें में किसी को पता चल सके. मगर draupadi इन मामलों में बेहद बोल्ड थी. जब पांडव कौरवों से जुएं में द्रौपदी को हार गए तो दुशासन द्रौपदी को दरबार में ले जाने के लिए पहुंचा। तब द्रौपदी ने उससे कहा कि  ' मेरे पीरियड्स हल रहे हैं और इस वजह से तबियत ठीक नहीं है, मैं दरबार में नहीं जा पाउंगी।' तब दुशासन द्रौपदी को बालों से खींचते हुए दरबार तक ले गया. मगर द्रौपदी ने भरी सभा में अपने पीरियड्स चलने की बात सभी को बताई। आजकल की महिलाएं तो आपस में भी पीरियड्स की बातों को code words में करती हैं. जबकि यह एक natural process है.   

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2)  सच बोलने की हिम्मत: द्रौपदी हमेशा सच बात को एक्सेप्ट करती थी.एक खेल के दौरान सभी को अपनी जीवन एक ऐसा सह बताना था, जो किसी को नहीं पता हो. इस game में द्रौपदी के पाँचों पति भी मौजूद थे.  द्रौपदी की जब बारी आई तो पतियों की परवाह किये बिना उसने बताया की वे, कर्ण  से marriage करना चाहती थी मगर cast problem की वजह से उसने कर्ण  से कभी भी अपने प्यार का इजहार नहीं किया। यह बात सुन कर पांचव पांडव हैरान रह गए. द्रौपदी की तरह ही  सच  को एक्सेप्ट करने और सच के साथ आगे बढ़ने की ताकत सभी महिलाओं में होनी चाहिए। तब ही life में आगे बढ़ा जा सकेगा।  

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3) Gender देख कर न करें दोस्ती: आज के morden ज़माने में भी लड़का और लड़की की friend पर समाज question mark लगाता है. लड़का लड़की की दोस्ती लोगों से digest नहीं होती। लड़कियां भी लड़कों को से ज्यादा दोस्ती रखने से बहती हैं. मगर द्रौपदी ने अपने समय पर इस दकियानूसी सोच को दरकिनार कर भगवान कृष्णा से दोस्ती की थी. भगवान कृष्ण ने अपनी इस दोस्ती को पूरी तरह से निभाया।  द्रौपदी के चीरहरण के वक्त भगवान कृष्ण ने ही उसकी मदद की थी. द्रौपदी अपने फ्रेंड भगवन कृष्ण की हर बात मानती और सुनती थी. 

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4) husband पर control रखने की art : बात जब पति पर कंट्रोल रखने की होती है तो महिलाऐं उनके mobile  को चेक  करना और उनके साथ office में काम करने वाली महिलाओं को social sites पर stock करना शुरू कर देती हैं. मगर द्रौपदी का फंडा  अलग था. वह smart होने के साथ ही बेहद fashionabel थी. अपने रूप श्रृंगार का बेहद ख्याल रखती थी. पांचों पांडव द्रौपदी की ख़ूबसूरती पर बड़ा घमंड करते थे.  द्रौपदी ने एक बार भगवन कृष्ण के दूसरी वाइफ सत्यभामा को भी पति को कंट्रोल में रखने के टिप्स दिए थे जिसमें उसने बताया,' पति को खुद से बांध कर रखना, उस पर शक करना और उसकी आजादी में रुकावट बनना अपने relationship की insult करने जैसा है. पति को बांधना है है तो स्नेह से बांधो और अपनी ख़ूबसूरती से उसे रिश्ते में रोक कर रखो. ' 

5) चतुराई से करें बात: अधिकतर लोग चतुराई शब्द को नेगेटिव लेते हैं मगर कुछ परिस्थितियों में चतुराई भी जरूरी है. द्रौपदी एक चतुर महिला थी उसे पता था की किस तरह से वे अपने दुश्मनों से बदला ले सकती है. बेहद चतुराई के साथ उसने पांडवों से शादी की, जबकि वे कर्ण से प्रेम करती थी. आजकल की महिलाओं को भी द्रौपदी से यह सीख लेनी चाहिए।  पुरुष की शक्ल से ज्यादा उसके हुनर को इम्पोर्टेंस देनी चाहिए।