आमतौर पर जब भी पति-पत्नी के वैवाहिक रिश्ते की बात होती है, तो उनके बीच की फिजिकल इंटिमेसी की ही बात की जाती है। लेकिन उनके बीच की इमोशनल इंटिमेसी व इमोशनल बॉन्डिंग के बारे में कोई बात नहीं करता। जबकि वास्तव में वैवाहिक रिश्ते को सफल बनाने में इमोशनल इंटिमेसी का बेहद अहम् रोल होता है। जहां वैवाहिक जीवन में समय बीतने के साथ फिजिकल इंटिमेसी कम होने लगती है, वहीं इमोशनल इंटिमेसी उनके बीच के प्यार को और भी मजबूत और गहरा बनाती है।

कई बार हम ऐसे कपल्स देखते हैं जो 40-50 सालों से एक साथ है और उनके बीच की बॉन्डिंग जबरदस्त है। ऐसा उनके बीच की इमोशनल इंटिमेसी के कारण ही संभव हो पाता है। जिन कपल्स के बीच इमोशनल इंटिमेसी मजबूत होती है, वह एक-दूसरे से भावनात्मक स्तर पर गहराई से जुड़े होते हैं। यही कारण है कि वह एक-दूसरे के मन की बात व उनके विचारों को अक्सर बिना कहे ही समझ जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपने रिश्ते को सफल बनाना चाहती हैं तो आपको अपने रिलेशनशिप में इमोशनल इंटिमेसी को मजबूत करने पर ध्यान देना होगा। हालांकि इसे आप कुछ बेहद आसान उपायों की मदद से कर सकती हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

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सुनें एक-दूसरे की बात 

emotional intimacy in your relationship inside

आजकल कपल्स के बीच इमोशनल बॉन्डिंग उतनी मजबूत नहीं होती या फिर रिश्ते बेहद जल्द खत्म हो जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि हम सभी सिर्फ अपनी बात ही कहना चाहते हैं, पार्टनर के मन की बात को सुनना, उसके विचारों के जानने में किसी की कोई रूचि नहीं होती। जब आप सामने वाले की बात नहीं सुनतीं तो वह भी आपकी बातों को सुनना व समझना नहीं चाहता। जिसके कारण कपल्स कभी भी एक-दूसरे से भावनात्मक स्तर पर नहीं जुड़ पाते। इसलिए अपने पार्टनर को हमेशा धैर्यपूर्वक सुनें।

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हमेशा रहें निष्पक्ष

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अगर आप सच में चाहती हैं कि आप अपने पार्टनर के साथ बेहतर इमोशनल इंटिमेसी कायम कर पाएं तो अपने पार्टनर की बात सुनते समय निष्पक्ष रहने की कोशिश करें। कई मामलों में देखा जाता है कि जब एक पार्टनर अपने मन की बात सामने वाले व्यक्ति को बताता है तो दूसरा पार्टनर उसका अपने हिसाब से ही मतलब निकाल लेता है या फिर वह उसे जज करने लगता है। कई बार तो बाद में झगड़ा होने पर वह उन बातों को दोहराता है, जिससे पार्टनर का दिल दुखता है। इसलिए अपने पार्टनर को जज किए बिना या फिर उसकी गलती निकाले बिना उसकी बात को सुनें। (हैप्पी रिलेशनशिप में कपल्स भूलकर भी नहीं करते यह चीजें) आपके पार्टनर के मन में यह विश्वास पैदा करें कि वह आपसे अपनी सबसे बुरी बात भी शेयर कर सकता है। जब उसके मन में यह विश्वास पैदा होने लगेगा, तो आपके रिश्ते में इमोशनल इंटिमेसी नेक्स्ट लेवल पर चली जाएगी।

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बनें सर्पोटिव

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जैसा कि मैंने आपसे कहा कि इमोशनल इंटिमेसी दो लोगों को भावनात्मक स्तर पर जोड़ती है और यह जुड़ाव सिर्फ प्यार के स्तर तक ही सीमित नहीं होता। हर व्यक्ति जीवन में अपने लक्ष्यों व सपनों के प्रति भी भावनात्मक रूप से काफी जुड़ा होता है। इसलिए हमेशा एक-दूसरे के प्रति सपोर्टिव रहें। आपके पार्टनर को हमेशा यह अहसास होना चाहिए कि उनके लक्ष्यों व सपनों को पूरा करने में आप भी हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी है। (संकेतों से पहचानें कि आपका पार्टनर आपका है की नहीं) जब दोनों व्यक्ति एक-दूसरे के प्रति यही फीलिंग रखते हैं तो इससे उनका रिश्ते में इमोशनल इंटिमेसी भी मजबूत होती है, क्योंकि आप दोनों ही एक-दूसरे के लिए बाधा नहीं वास्तव में एक सपोर्ट सिस्टम है।

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