कार्तिक महीने को हिन्दू धर्म में विशेष रूप से महत्त्व दिया जाता है। मान्यतानुसार इस महीने में भगवान विष्णु का माता लक्ष्मी के साथ पूजन अत्यंत फलदायी होता है। इस साल कार्तिक माह का आरम्भ 1 नवंबर को हो रहा है। आइये जानें क्या है कार्तिक के महीने का महत्त्व और इस महीने में क्या करना चाहिए जिससे घर की सुख समृद्धि बनी रहे।   

कब से प्रारम्भ है कार्तिक का महीना 

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इस वर्ष कार्तिक का महीना 1 नवंबर यानी कि रविवार से शुरू हो रहा है। ये मास शरद पूर्णिमा के अगले दिन से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा के दिन समाप्त हो जाता है। मान्यतानुसार ये महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसमें ईश्वर का श्रद्धा भाव से पूजन करना अत्यंत फलदायी होता है। इस महीने में कई त्यौहार होते हैं जैसे कार्तिक की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ मनाया जाता है, उसके बाद त्रयोदशी को धनतेरस, चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी और अमावस्या को दिवाली का त्यौहार होता है और इसी तरह कई त्योहारों के साथ कार्तिक पूर्णिमा को इस महीने का समापन होता है। इस साल कार्तिक का महीना 1 नवम्बर से शुरू होकर 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के साथ समाप्त हो जाएगा। कार्तिक के महीने का विशेष महत्त्व है। इसलिए इस महीने में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन बड़े ही श्रद्धा भाव से करना चाहिए। 

कार्तिक माह का महत्त्व 

कार्तिक के महीने को इतना पवित्र माना जाता है कि इस महीने में कोई भी शुभ कार्य जैसे शादी विवाह, मुंडन संस्कार एवं गृहप्रवेश आदि कार्य बिना किसी मुहूर्त के किये जा सकते हैं । इस महीने में तुलसी पूजन का भी विशेष महत्त्व है क्योंकि तुलसी को भी विष्णु प्रिया माना गया है। 

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दीपदान का है महत्त्व 

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शास्त्रों के अनुसार कार्तिक में दीपदान का विशेष महत्व है। पुराणों के अनुसार इस माह दीपदान करने के माहतम्य के बारे में स्वयं भगवान विष्णु ने ब्रह्मा जी को, ब्रह्माजी ने नारद जी को और नारद मुनि ने महाराज पृथु को बताया है। इसलिए इस माह में किसी नदी या पोखर में दीपदान अवश्य करें। कार्तिक के पूरे महीने में  शाम के समय मंदिर, तुलसी के पेड़, नदी, पोखर आदि में दीपदान करना चाहिए। इससे बहुत ज्यादा पुण्य मिलता है। 

तुलसी पूजा का है विशेष महत्त्व 

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हिन्दू धर्म के अनुसार तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र माना जाता है। कार्तिक माह में तुलसी पूजन का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है क्योंकि यह भगवान  विष्णु की प्रिया हैं ,इसलिए कार्तिक माह में नियमित रुप से तुलसी का पूजन करना चाहिए। इस पूरे महीने में तुलसी की पूजा करने से और तुलसी के पास दीप प्रज्ज्वलित करने से विशेष लाभ मिलता है। इसी महीने में तुलसी विवाह भी होता है जिसमें तुलसी के पौधे को दुल्हन की तरह सजाया जाता है और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इसी माह में तुलसी का विवाह भगवान् विष्णु के साथ हुआ था। कार्तिक महीने में तुलसी का पौधा भी लगाना लाभकारी होता है। 

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भूमि पर सोना है शुभ 

कार्तिक माह में भूमि पर सोने का अलग महत्त्व है। कहा जाता है कि यदि कार्तिक के पूरे महीने में व्यक्ति भूमि पर सोता है तो उसे विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। व्यक्ति का मन और शरीर सात्विक भाव से ओत-प्रोत हो जाता है। 

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क्या है पंडित जी की राय 

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कार्तिक माह और उसके माहत्म्य के बारे में अयोध्या के जाने माने पंडित श्री राधे श्याम शास्त्री जी बताते हैं कि कार्तिक के महीने में रोज़ मंदिर में और घर के मुख्य द्वार पर दीपक अवश्य प्रज्ज्वलित करें। घर के सभी सदस्य एक साथ शाम को घर के मंदिर में (दिवाली में कैसे करें घर के मंदिर की सजावट) संध्या आरती में सम्मिलित हों और दीप प्रज्ज्वलित करें एवं दीप दान करें। तुलसी पूजन इस महीने में विशेष महत्त्व रखता है इसलिए तुलसी के पौधे के पास प्रतिदिन दीपक प्रज्ज्वलित करके रखें और तुलसी की आरती करें। यदि भगवान् विष्णु को भोग अर्पित कर रही हैं तो भोग में तुलसी दल अवश्य रखें। ऐसा करने से निश्चय ही कल्याण होगा। 

कार्तिक के महीने का विशेष महत्त्व है। इसलिए पूरे श्रद्धा भाव से इस महीने में भगवान की पूजा करें जिससे सभी मनोरथ सिद्ध हो सकें। 

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