शास्त्रों के अनुसार जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, उस घर में सुख-समृद्धि का वास रहता है, और बीमारियां कोसों दूर रहती हैं।

हिंदू धर्म में तुलसी को सबसे पवित्र और शुभ माना जाता है, इसलिए आपको लगभग हर घर के आंगन में तुलसी का पौधा देखने को मिलता है। जी हां इससे घर का वातावरण भी शुद्ध बना रहता है। साथ ही साथ यह घर में पॉजिटीव एनर्जी के प्रवेश का द्वार खोलता है। इसके अलावा तुलसी का पौधा हेल्‍थ के लिए भी बहुत फायदेमंद रहता है। जी हां इसकी पत्तियां का सेवन करने से आप कई तरह की बीमारियों से बची रह सकती हैं। कुछ महिलाएं तो रोजाना सुबह नहा-धोकर तुलसी की पूजा करती हैं क्‍योंकि इस पौधे को भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है। कहा जाता है कि तुलसी की पूजा करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद आपको मिलता रहता है।

जिस घर के आंगन में तुलसी का पौधा होता है, वहां किसी तरह का कोई वास्तुदोष नहीं होता है। लेकिन तुलसी के पौधे को घर में रखने के भी कई नियम होते है अगर उन नियमों के अनुसार अपने तुलसी की पूजा नहीं की तो आपको भगवान का आशीर्वाद नहीं मिलता है। जी हां तुलसी की पूजा करते समय महिलाओं को कुछ बातों का विशेष रूप से ध्‍यान रखना चाहिए। आइए ऐसी ही कुछ बातों के बारे में जानें।

इसे जरूर पढ़ें: पूजा पाठ के दौरान इन 8 जरूरी बातों का रखें ध्‍यान

tulsi puja society inside

जल और दीपक जलाने के नियम

अगर घर में तुलसी का पौधा लगा है तो तुलसी की सुबह-शाम दोनों समय पूजा करना जरूरी है। सुबह के समय तुलसी पर जल चढ़ाएं और शाम के वक्त तुलसी के पास दीपक भी जलाना चाहिए ऐसी मान्यता है कि जो महिलाएं शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाती हैं, उनके घर में महालक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। साथ ही घर के वास्तु दोष भी दूर हो जाते हैं।

सही देखभाल है जरूरी

सही देखभाल ना मिलने के कारण अक्सर तुलसी का पौधा सूख या फिर मुरझा जाता है और शास्त्रों के अनुसार तुलसी का पौधा सूखना अच्छा नहीं माना जाता है। इसलिए इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि तुलसी के पौधे के आसपास कभी गंदगी नहीं होनी चाहिए। गंदगी होने से ये पौधा सूखने लगता है। तुलसी को दूध से सींचने पर वो हमेशा हरी भरी रहती है। जिस गमले में तुलसी है उस गमले में कोई दूसरा पौधा ना लगाए।

tulsi puja society inside

बहुत ज्‍यादा जल चढ़ाने से बचें

मैंने अक्‍सर देखा है कि तुलसी के पौधे पर घर के सभी लोग चढ़ाते हैं। ऐसा करने से यानि ज्यादा पानी देने से तुलसी की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। और वह मुरझा सकता है। जी हां तुलसी के पौधों को जरूरत से ज्यादा पानी पसंद नहीं होता है। इसलिए तुलसी के पौधे को पानी देते समय आप इस बात का ध्यान रखें कि आप पौधे को उतना ही पानी दे, जितने की उसे जरूरत हो। अगर घर के सभी सदस्‍यों को तुलसी पर जल चढ़ाना है तो थोड़ा-थोड़ा ही चढ़ाएं। 

रात को पत्ते तोड़ने से बचें

शास्त्रों के अनुसार तुलसी के पत्ते कुछ खास दिनों में नहीं तोड़ने चाहिए। जी हां एकादशी, रविवार और सूर्य या चंद्र ग्रहण काल में आपको तुलसी के पत्तों को तोड़ने से बचना चाहिए। रात को कभी भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। ऐसा करने पर भी व्यक्ति को दोष लगता है।

tulsi puja society inside

घर के अंदर तुलसी के पौधे को लगाने से बचें

तुलसी के पौधे को कभी भी घर के अंदर नहीं लगाया जाना चाहिए सिर्फ घर के आंगन में या बगीचे में लगाना चाहिए। इसके पीछे मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने तुलसी को वचन दिया था कि उनका स्थान सदैव घर के बाहर नहीं परन्तु भगवान के दिल में रहेगा।

इसे जरूर पढ़ें: स्‍ट्रेस को नेचुरली कम करती हैं तुलसी की सिर्फ 5 पत्तियां

अन्‍य टिप्‍स

  • कई महिलाएं तुलसी को चुनरी ओढ़ाती है और उसे अगले साल तुलसी विवाह पर ही बदलती हैं। लेकिन अगर चुनरी पुरानी हो जाये तो वो चुनरी हटा कर नई चुनरी ओढ़ा दें।
  • महिलाएं तुलसी की पूजा करते समय बालो को खुला न रखें। अन्‍य पूजा की तरह तुलसी की पूजा के दौरान भी अपने बालों को बांध लें।
  • जब भी तुलसी का दीप बुझ जाएं तो उसे वहां से हटा देना चाहिए।
  • तुलसी के पत्तों को कभी भी दांतों से नहीं चबाना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार तुलसी के पत्तों में पारा होता है जो दांतों को पूरी तरह गला सकता है। इसलिए इन पत्तों को चबाए नहीं बल्कि निगल लेना चाहिए।