bhagwan shiv without nandi

Sawan 2023 Shiv Mandir: इकलौता ऐसा शिव मंदिर जहां नहीं है नंदी

सावन में शिव मंदिर जाने की एक अलग ही दिव्य अनुभूति होती है। मान्यता है कि इस माह के दौरान शिव मंदिर जाकर नंदी जी के कानों में इच्छा बोली जाए तो वह पूरी अवश्य होती है।&nbsp; &nbsp; <div>&nbsp;</div>
Editorial
Updated:- 2023-08-03, 23:00 IST

Kis Mandir Mein Shiv Ji Ke Sath Nahi Hain Nandi: सावन में भगवान शिव के दर्शनों के लिए मंदिर जरूर जाना चाहिए।

ऐसा इसलिए क्योंकि शिवालय जानें से न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है बल्कि नंदी जी के द्वारा शिव जी तक आपकी इच्छा पहुंचती है।  

शिव मंदिर में जानें का सबसे बड़ा लाभ यही माना जाता है कि शिव जी के दर्शन हो जाते हैं और नंदी से हम अपने हृदय की बात कहते हैं।

हर शिव मंदिर में नंदी की प्रतिमा इसलिए ही होती है ताकि भक्त अपनी परेशानियों को उनके माध्यम से भगवान शिव तक पहुंचा सकें। 

मगर एक शिवालय ऐसा भी है जहां नंदी मौजूद नहीं है। यह इकलौता ऐसा मंदिर है जिसमें शिव जी के साथ नंदी जी स्थापित नहीं है। 

ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि कहां शिओव मंदिर में नंदी विराजमान नहीं है और क्या है इसके पीछे की रोचक कथा। 

कपालेश्वर मंदिर में शिव जी के साथ नहीं है नंदी 

shiv ji without nandi temple

  • महाराष्ट्र के नासिक के गोदावरी तट पर स्थिति कपालेश्वर महादेव मंदिर है जहां नंदी शिव जी (शिव जी के प्रतीक) के साथ नहीं है। 
  • मान्यता है कि याहं शिव जी ने निवास किया था और अकेले कुछ समय बिताया था इसलिए यहां नंदी नहीं है।

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  • शिव जी ने नंदी को उनके साथ इस स्थान पर रहने से मना कर दिया था क्योंकि वह हत्या का प्राश्चित कर रहे थे।

कपालेश्वर मंदिर में शिव जी के साथ क्यों नहीं है नंदी 

lord shiva without nandi temple

  • पौराणिक कथा के अनुसार, ब्रह्मदेव (कैसे जन्में ब्रह्म देव) के 5 मुख हुआ करते थे। इसमें से चार मुख वेदोच्चारण करते थे।
  • मगर पांचवा मुख मात्र निंदा किया करता था। इसी पांचवें मुख ने एक दिन शिव निंदा का दुस्साहस किया। 
  • तब शिव जी ने क्रोध में आकर पाने त्रिशूल से ब्रह्मा जी के पांचवें मुख को धड़ के अलग कर दिया।  

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  • इसके बाद ब्रह्मा जी का अहंकार तो दूर हुआ लेकिन शिव जी को ब्रह्म हत्या का पाप लग गया। 
  • तब ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव ने नासिक के पास रामकुंड में स्नान किया। 
  • साथ ही, यहां रहकर अपने पाप का पश्चाताप भी किया। इसलिए इस मंदिर में शिव जी के साथ नंदी नहीं हैं। 

 

यह वो मंदिर है जहां शिव जी के साथ नंदी हैं। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।  

Image Credit: wikipedia 

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