• ENG
  • Login
  • Search
  • Close
    चाहिए कुछ ख़ास?
    Search

Janmashtami 2022: कान्हा के जन्म का उत्सव जन्माष्टमी कब मनाया जाएगा, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व जानें

हिंदू धर्म में श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को विधि विधान से मनाया जाता है। आइए जानें इस साल कब मनाया जाएगा ये पर्व और इसका क्या महत्व है।
author-profile
Published -02 Aug 2022, 14:12 ISTUpdated -02 Aug 2022, 14:36 IST
Next
Article
janmashtami  puja vidhi shubh muhurat

हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का बहुत अधिक महत्व होता है। भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को कृष्ण जन्माष्टमी के नाम से जाना जाता है। मान्यता अनुसार  इस दिन श्री कृष्ण के बाल रूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन की गई लड्डू गोपाल की पूजा का विशेष महत्व है और इससे मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

जन्माष्टमी साल के बड़े त्योहारों में से एक है। जन्माष्टमी की पूजा मुख्य रूप से मथुरा, वृन्दावन और द्वारिका में विधि विधान से की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण जी का जन्म इसी दिन हुआ था।

ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से भगवान श्री कृष्ण सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। आइए ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ डॉ आरती दहिया जी से जानें इस साल कब मनाया जाएगा जन्माष्टमी का पर्व और इसका क्या महत्व है।

जन्माष्टमी 2022 की तारीख व मुहूर्त

janmashtami  date

  • साल 2022 में कृष्ण जन्माष्टमी  18 अगस्त 2022, गुरुवार को मनाई जाएगी।
  • पूजा का शुभ मुहूर्त -18 अगस्त रात्रि 12:20 से 01:05 तक रहेगा और इसकी अवधि लगभग 45 मिनट रहेगी.
  • पारण का मुहूर्त - 19 अगस्त, रात्रि 10 बजकर 59 मिनट के बाद
  • इस साल रोहिणी नक्षत्र 20 अगस्त की रात्रि 1 बजकर 53 मिनट से लग रहा है, जिस वजह से इस साल जन्माष्टमी का पर्व रोहिणी नक्षत्र के बिना ही मनाया जाएगा। इस साल 19 अगस्त को व्रत पारण किया जाएगा।

जन्माष्टमी का महत्व

janmasthmi  date shubh muhurat

पौराणिक कथाओं के अनुसार श्री कृष्ण भगवान विष्णु के सबसे शक्तिशाली मानव अवतारों में से एक हैं। जन्माष्टमी का त्योहार सद्भावना को बढ़ाने और दुर्भावना को दूर करने को प्रोत्साहित करता है। मान्यता है कि इस दिन पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करने से भगवान कृष्णसबकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है उनके लिए यह व्रत करना बहुत ही फायदेमंद होता है साथ ही संतान प्राप्ति के लिए भी यह व्रत करना बहुत अच्छा होता है।

इसे जरूर पढ़ें:जन्माष्टमी के त्योहार में सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए ऐसे करें पूजन

कैसे करें जन्माष्टमी का पूजन

janmashtami  puja vidhi

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म जन्माष्टमी की रात 12 बजे हुआ था।
  • इस दिन के पूजन के लिए भगवान श्री कृष्ण को दूध और गंगाजल से स्नान कराएं और नए वस्त्र पहनाएं।
  • इसके बाद उन्हें मोरपंख, बांसुरी, मुकुट, चंदन, वैजयंती माला, तुलसी दल आदि से सजाएं।
  • इसके बाद उन्हें फल, फूल, मखाने, मक्खन, मिश्री का भोग, मिठाई, मेवे आदि अर्पित करें।
  • फिर भगवान श्री कृष्ण के सम्मुख दीप-धूप जलाएं।
  • इस दिन लड्डू गोपाल को भी स्नान कराएं और उन्हें भी भोग अर्पित करें।
  • श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की आरती उतारें और प्रसाद बांटे।

इस प्रकार यदि आप जन्माष्टमी के दिन पूजन करते हैं तो आपके लिए विशेष रूप से फलदायी होगा। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit: freepik.com 

Disclaimer

आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।