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Sawan 2023: इकलौता ऐसा शिव मंदिर जहां खड़े हैं नंदी

भगवान शिव के जितने भी मंदिर हैं सभी में नंदी विराह्मान हैं और बैठी हुई प्रतिमा ही उनकी देखने को मिलती है लेकिन इकलौता ऐसा शिवालय भी है जहां नंदी कहदे हुए स्वरूप में स्थापित हैं। 
Updated:- 2023-07-03, 12:59 IST
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Bhagwan Shiv Ke Is Mandir Mein Khade Hain Nandi: भगवान शिव के सभी मंदिरों में नंदी की प्रतिमा स्थापित है। 

जहां नंदी हर मंदिर में बैठे स्वरूप में विराजमान हैं तो वहीं, एक ऐसा मंदिर भी है जहां उनके खड़े रूप के दर्शन होते हैं। 

खड़े नंदी वाला यह इकलौता शिव मंदिर है। ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ. राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं इस मंदिर के बारे में। 

कहां है खड़े नंदी वाला शिव मंदिर?

standing nandi in shiv mandir

  • नंदी की कड़ी प्रतिमा वाला इकलौता शिव मंदिर उज्जैन के महर्षि सांदीपनि आश्रम में स्थित है। 
  • यह वही आश्रम है जहां श्रीकृष्ण (श्री कृष्ण के जिंदा सबूत), बलदाऊ और सुदामा ने साथ में शिक्षा प्राप्त की थी।
  • इसी स्थान पर श्री कृष्ण ने 64 दिनों में 16 कलाओं और 64 विद्याओं का ज्ञान पा लिया था। 

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  • आश्रम में श्री कृष्ण के समय से मौजूद एक शिव मंदिर भी है जिसका नाम पिंडेश्वर महादेव है। 
  • इस यह मंदिर है तो बहुत छोटा लेकिन लोगों के बीच इसकी आस्था का कोई तोड़ नहीं है। 

क्यों खड़े हैं नंदी इस मंदिर में? 

standing nandi in shiv temple

  • एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार शिव जी श्री कृष्ण से मिलने आश्रम पहुंचते थे। 
  • उन्हें श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का आनंद लेना था। शिव जी नंदी के साथ आश्रम आए। 
  • श्री कृष्ण से मिलने की जल्दी में वह नंदी को पीछे ही छोड़ स्वयं अंदर चले गए। 
  • नंदी जी उनके पीछे-पीछे गए तो वह श्री कृष्ण और शिव जी को एक साथ देख भावुक हो उठे। 
  • उनकी इच्छा तो हुई कि प्रभु का आदेश ले कर बैठ जाएं लेकिन उन्होंने ऐसा किया नहीं।  

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  • जब शिव जी श्री कृष्ण से मिले तो वह उनकी बाल लीलाओं में पुरी तरह लीन हो गए। 
  • नंदी जी श्री कृष्ण और शिव जी (शिव जी के 8 पुत्र) को साथ में देख उनकी लीलाओं को खड़े होकर ही निहारते रहे। 
  • शाम के समय जब शिव जी के जाने का समय आया तब उनका ध्यान नंदी पर गया।
  • उन्होंने देखा कि नंदी सुबह से शाम तक खड़े होकर ही दोनों प्रभु के दर्शन में लीन थे।
  • तब शिव जी ने वरदान दिया इस मंदिर में नंदी खड़े स्वरूप में ही रहेंगे। 

 

यह है उज्जैन का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां नंदी खड़े स्वरूप में है। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit: wikipedia, twitter 

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