Fri Sep 11, 2026 | Updated 09:31 PM IST

Mata Sita: क्यों 14 साल के वनवास के दौरान माता सीता के वस्त्र नहीं हुए मैले?

माता सीता ने 14 वर्ष का वनवास भोगा लेकिन उनके वस्त्र कभी मैले नहीं हुए। आइये जानते हैं इसके पीछे का रहस्य।   
Updated:- 2022-12-02, 12:59 IST
sita mata

Mata Sita: रामायण ग्रंथ में इस बात का उल्लेख मिलता है कि माता सीता ने प्रभु श्री राम के साथ 14 वर्ष का वनवास काटा था। वनवास के दौरान कई ऐसी दिव्य घटनाएं हेई हैं जिनका वर्णन वाल्मीकि रामायण में मिलता है। उन्हीं में से एक घटना है माता सीता के वस्त्रों से जुड़ी।

हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स ने हमें बताया कि रामायण में इस बात का वर्णन मिलता है कि 14 वर्ष वन में बिताने के बाद भी और अनेकों कठिनाइयों को सहने के बाद भी माता सीता के वस्त्रों पर एक दाग भी नहीं लग पाया था। इस पूरी वनवास की अवधि के दौरान माता सीता के वस्त्र कभी मैले हुए ही नहीं। ऐसे में आइये जानते हैं इसके पीछे का रहस्य।

ऋषि अत्रि से मिलने पहुंचे श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण

mata sita ki katha

  • कथा के अनुसार, भगवान श्री राम का जब वनवास प्रारंभ हुआ तब वह सर्व प्रथम माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ ऋषि अत्रि के आश्रम में उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे थे।
  • तब वहां माता सीता की ऋषि अत्रि की पत्नी माता अनुसूया से भेंट हुई। माता अनुसूया को हिन्दू धर्म में सतीत्व का सर्वोच्च शिखर एवं पत्नी व्रता का सर्वोत्तम उदाहरण माना जाता है।

इसे जरूर पढ़ें: Shani Idol At Home: क्यों नहीं रखी जाती घर में शनि देव की मूर्ति?

माता अनुसूया ने दी माता सीता को भेंट

mata sita ka vanvaas

  • माता अनुसूया ने न सिर्फ श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी का स्वागत किया बल्कि माता सीता को पुत्री के समान अत्यंत प्रेम भी किया और उन्हें पत्नी धर्म का निर्वाहन करने का मार्ग भी बताया।
  • इसके अलावा, माता अनुसूया ने माता सीता को एक साड़ी भी भेंट स्वरूप दी थी। कथा में वर्णित जानकारी के अनुसार, माता अनुसूया को यह साड़ी स्वयं अग्नि देव ने उनके तपोबल से प्रसन्न होकर प्रदान की थी।

इसे जरूर पढ़ें:इन 5 लोगों को भूलकर भी न सताएं, शनिदेव हो सकते हैं नाराज

इस कारण से कभी मैले नहीं हुए मत सीता के वस्त्र

mata sita ke vastra

  • अग्नि देव द्वारा दी गई साड़ी की विशेषता यह थी कि न तो ये कभी फट सकती थी और न ही इसपर किसी भी प्रकार का कोई दाग लग सकता था। इस साड़ी में अग्नि देव का तेज विद्यमान था।
  • जब माता सीता ऋषि अत्रि के आश्रम पधारीं तब माता अनुसूया ने उसी साड़ी को मात सीता को उपहार के रूप में दे दिया था। माता सीता ने अपने संपूर्ण वनवास के दौरान उसी साड़ी को धारण किया था इसी कारण से सीता माता के वस्त्र कभी भी मैले नहीं हुए।

तो ये था वनवास के दौरान माता सीता के वस्त्रों के मैले न होने का कारण। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

Image Credit: Shutterstock, Pexels, Pinterest

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।