कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचाया है और अब इसका सीधा असर भारत और भारतीयों के जनजीवन पर पड़ा है। पूरे भारत को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है। होम मिनिस्ट्री की तरफ से कुछ जरूरी सामानों वाली दुकानों को छोड़कर सब कुछ बंद करने के आदेश दे दिए हैं। जैसे ही पीएम मोदी का संबोधन हुआ देश भर में लोगों में पैनिक दिखा।

पर कोरोना वायरस का ये लॉकडाउन आखिर भारत के लिए क्या मायने रखता है? जहां एक ओर कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती चली जा रही है वहीं ये लॉकडाउन यकीनन बहुत कुछ बदल देगा। पर इसी बीच लोगों में डर का माहौल है और कई लोग ये समझ नहीं पा रहे कि आखिर आने वाले 21 दिनों में क्या होगा। इसके लिए हम आपको सरकारी गाइडलाइन्स के बारे में बताएंगे और कुछ जरूरी सवालों के जवाब देंगे।

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क्या हैं सरकारी गाइडलाइन्स?

जैसे ही पीएम मोदी ने ये घोषणा की कि पूरा देश लॉकडाउन पर जाएगा वैसे ही लोगों सड़कों पर उतर आए जरूरी सामान खरीदने के  लिए। पर क्या इसकी जरूरत थी? गृहमंत्रालय की तरफ से जरूरी गाइडलाइन्स आई हैं जो सभी को जान लेनी चाहिए। अगर आप ये गाइडलाइन्स पढ़ना चाहें तो गृहमंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पढ़ सकते हैं।


उन गाइडलाइन्स के हिसाब से हम आपको जरूरी सवालों का जवाब दे रहे हैं-

1. क्या ऑफिस खुले रहेंगे?

नहीं, सभी सरकारी और प्राइवेट ऑफिस बंद रहेंगे। इसमें कुछ एक्सेप्शन भी हैं जैसे सेंट्रल पुलिस फोर्स, ट्रेजरी, पब्लिक सर्विस जैसे पेट्रोल, रसोई गैस, सीएनजी, पीएनजी आदि, डिजास्टर मैनेजमेंट का ऑफिस, बिजली विभाग, इन्फॉर्मेशन सेंटर और एजेंसी, पुलिस, होम गार्ड्स, सिविल डिफेंस, फायर डिपार्टमेंट, जेल, मुंसिपल ऑफिस जैसे बिजली, पानी, सफाई आदि की सुविधाएं। पर हर जगह कम से कम लोगों में काम होगा।

2. तो क्या इनके अलावा सभी कुछ बंद होगा?

नहीं, अस्पताल और सभी बेसिक जरूरतों का सामान जैसे राशन शॉप, मेडिकल स्टोर, एम्बुलेंस, पैरा मेडिकल स्टाफ आदि की सुविधाएं खुली रहेंगी।

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3. अगर मुझे खाने का सामान लेना हुआ तो?

सरकार की एडवाइजरी के मुताबिक खाने-पीने का सामान, डेयरी और मिल्क बूथ, मीट शॉप, मवेशियों का चारा लेने वाली शॉप, आदि खुली रहेंगी। हालांकि, ये जिला अधिकारियों पर निर्भर करता है कि कितने सामान की होम डिलिवरी करवाई जा सके। कुछ मामलो में गोदाम आदि भी खुले रहेंगे। अन्य सब कुछ वर्क फ्रोम होम होगा।

जहां तक फैक्ट्रियों की बात है तो सिर्फ वही खुली रहेंगी जो जरूरी सामान बनाती हैं जो रोजमर्रा का सामान है। इसके लिए उन्हें पहले सरकार से परमीशन लेनी होगी।

4. अगर पैसे की जरूरत पड़ी तो?

बैंक, एटीएम और इंश्योरेंस ऑफिस भी इस समय खुले रहेंगे। हालांकि, बैंक सिर्फ सीमित अवधि के लिए ही खुलेंगे।

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5. अगर मुझे कहीं जाना हो तो?

सभी तरह का ट्रांसपोर्ट बंद है। सिर्फ वही ट्रांसपोर्ट जो जरूरी सामान देश के एक हिस्से से दूसरे में पहुंचाता है वो खुला है।

6. क्या पूजा करने जा सकते हैं?

नहीं सभी तरह से मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा आदि बंद रहेंगे। साथ ही किसी भी तरह के धार्मिक और सामाजिक सम्मेलन पर रोक लगी है।

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7. अगर किसी की मृत्यु हो गई तो?

20 लोगों से ज्यादा इकट्ठे नहीं हो सकते।

8. अगर मैं कर्फ्यू तोड़ता हूं तो क्या होगा?

इस प्रावधान में 2 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। सभी डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट फैसला ले सकते हैं कि उस इंसान को किस तरह की सज़ा दी जाएगी जो कर्फ्यू तो तोड़ रहा है। आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी। इसी के साथ, डिजास्टर मैनेजमेंट के सेक्शन 51 और सेक्शन 60 के तहत भी कार्यवाही होगी। जो डिजास्टर मैनेजमेंट के सेक्शन के तहत चार्ज किए जाएंगे उन्हें 1-2 साल की जेल और फाइन। जो आईपीसी की धारा 188 के तहत चार्ज किए जाएंगे उन्हें 200 रुपए फाइन आदेश न मानने और 1000 रुपए तक का फाइन दूसरों की जिंदगी खतरे में डालने के लिए देना होगा और इसके साथ ही 1 माह तक की जेल भी हो सकती है।

ये आदेश 25 मार्च से ही लागू कर दिया गया है।