कार्तिक मास में क्यों किया जाता है दीप दान, जानें क्या है इसका महत्त्व

कार्तिक का महीना सभी महीनों में सबसे ज्यादा पावन और भगवान को समर्पित माना जाता है। यही वजह है कि इस महीने में कई व्रत एवं त्यौहार होते हैं। इस वर्ष कार्तिक का महीना 1 नवंबर से शुरू हो गया है। कार्तिक का महीना शरद पूर्णिमा के अगले दिन से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा के दिन समाप्त हो जाता है। इस साल कार्तिक का महीना 1 नवम्बर से शुरू होकर 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के साथ समाप्त हो जाएगा। कार्तिक के महीने का हिन्दू धर्म में और पुराणों में विशेष महत्त्व बताया गया है। इसके अलावा कार्तिक के महीने में दीप दान का भी विशेष महत्त्व है। आइये जानें कार्तिक के पावन महीने में दीप दान करना क्यों लाभकारी माना जाता है।
क्यों किया जाता है दीप दान

कार्तिक माह में दीप दान करना बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि कार्तिक माह में आकाश मंडल का सबसे बड़ा ग्रह सूर्य अपनी नीच की राशि तुला में गमन करता है, इस वजह से वातावरण में अंधकार छाने लगता है। यही कारण है कि इस पूरे माह में दीपक जलाने, जप -तप करने तथा दान और स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। अगर किसी विशेष कारण से कार्तिक के पूरे महीने में प्रत्येक दिन आप दीपदान करने में असमर्थ हैं, तो कार्तिक के विशेष दिन यानी कि कार्तिक पूर्णिमा को अवश्य ही दीपक प्रज्जवलित करने चाहिए।
कार्तिक में दीप-दान का महत्व

ऐसा कहा गया है कि जो व्यक्ति कार्तिक मास में श्रीकेशव के निकट अखण्ड दीपदान करता है, वह दिव्य कान्ति से युक्त हो जाता है। कार्तिक माह में पहले पंद्रह दिनों में अँधेरी रातें होती हैं। मान्यता ये है कि भगवान विष्णु के निद्रा त्यागने के कुछ दिन पूर्व यानी की कार्तिक माह में दीप जलाने से जीवन का अंधकार दूर होता है। जो व्यक्ति कार्तिक मास में दीपदान करता है, वह दिव्य कान्ति से युक्त हो जाता है।
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नियमित रूप से दीपक जलाएं
ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति भक्ति भाव से पूर्ण होकर कार्तिक के पूरे महीने भगवान विष्णु का पूजन करता है उसे मरणोपरांत भी स्वर्ग की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु के मन्दिर को दीपों से आलोकित करने पर व्यक्ति को धन, यश और कीर्ति प्राप्त होती है और उसके सात कुल पवित्र हो जाते हैं। मिट्टी के दीपक में घी या तिल का तेल डालकर कार्तिक पूर्णिमा तक नियमित रूप से दीप प्रज्वलित करें, इससे सभी कष्टों से मुक्ति मिलेगी ।
मंदिर में करें दीप दान

पुराणों के अनुसार जो मनुष्य देव मंदिर तथा घर के मंदिर में दीप दान करता है वह सभी सुखों को प्राप्त करता है। पद्मपुराण के अनुसार मंदिरों में और नदी के किनारे दीप दान करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती हैं। इसके अलावा भूमि पर या किसी दुर्गम स्थान पर दीपदान करने से व्यक्ति को स्वर्ग की प्राप्ति होती है।
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इस प्रकार कार्तिक के महीने में नियमित रूप से दीप दान करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होने के साथ कई पुण्यों का फल एक साथ प्राप्त होता है।
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