एक हेल्‍दी ब्रेन एक हल्‍दी बॉडी में ही हो सकता है, इसका सीक्रेट उस जगह पर निहित है, जहां आप रहती हैं। आपका घर सिर्फ ईंटों और मोर्टार से नहीं बनता है बल्कि इसमें ऊर्जाओं का भी वास होता है, जिसे वास्‍तु शास्त्र की हेल्‍प से समझा जा सकता है।

ये ऊर्जाएं आपकी चेतना के साथ एक त्वरित जुड़ाव स्थापित करती हैं और आपके ब्रेन और हेल्‍थ को लगातार प्रभावित करती हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आपके घर को वास्तु शास्त्र के अनुसार बनाया और आकार दिया जाए ताकि ये ऊर्जा सकारात्मक प्रभाव फैलाए। चाहे वह कमरों की दिशा हो या घरेलू चीजों को रखना, सुनिश्चित करें कि आप अपने जीवन में नकारात्मकता को आमंत्रित नहीं करें। एक मीडिया हाउस को न्यूमरोलॉजी और वास्‍तु शास्त्र विशेषज्ञ नितिन गुप्ता ने घर में कुछ दिशाओं और उन परिवर्तनों के बारे में बताया जिससे आप वास्‍तु शास्‍त्र का फायदा उठा सकते हैं। आइए ऐसी ही कुछ बदलाव के बारे में जानें, जिनसे आप बीमारियों को दूर भगा सकते हैं।

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जी हां आजकल की लाइफस्‍टाइल के चलते ज्‍यादातर लोग किसी ना किसी बीमारी से परेशान हैं और इससे बचने के उपायों की तलाश में रहते है। अगर आप भी किसी बीमारी से परेशान हैं और इससे बचने के उपायों की खोज कर रहे हैं तो इस आर्टिकल में दिए वास्‍तु टिप्‍स आपके बहुत काम आ सकते हैं। आइए जानें कौन से है ये टिप्‍स।

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बेडरूम की दिशा

घर के पूर्व और दक्षिणपूर्वी हिस्से के बीच सोने वाले व्यक्ति को हाई ब्‍लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियां होने की आशंका रहती है। चूंकि ये स्‍ट्रेस के हाई लेवल के कारण होती है और इन दिशाओं में ऊर्जाएं इस तरह की भावनाओं को कंट्रोल करती हैं, इसलिए यह आपको चीजों को ज्‍यादा सोचने से तनाव होता है।
टिप: आप नेगेटिव इफेक्‍ट को कम करने के लिए अपने बेडरूम में एक महिला की दही मथते हुए और उसमें से मक्‍खन निकालते हुए चित्र लगा सकती हैं।

पश्चिम और उत्तर पश्चिम दिशाओं के बीच एक बेडरूम डि्रपेशन, नशा की आदत और आत्महत्या की प्रवृत्ति को जन्म दे सकता है। इसलिए, ये दिशाएं ख़ासकर आपके बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।
टिप: कमरे में क्रीम कलर का पेंट करके, आप बुरे प्रभावों को कम कर सकते हैं।



दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा में बेडरूम नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, इससे आपको पेट की निचले हिस्‍से में होने वाली गंभीर बीमारियों का सामना हो सकता हैं जो आपके लिए घातक साबित हो सकता है।
टिप:  अगर आपका बेडरूम दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में है, तो आप इसके बुरे प्रभावों को कम करने के लिए वहां एक खाली पीतल का बर्तन रख सकते हैं।

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टॉयलेट की दिशा

अगर आपके घर में टॉयलेट उत्तरपूर्वी हिस्से में है तो आपको न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्‍लम्‍स हो सकती हैं। और अगर टॉयलेट दक्षिण और दक्षिणपूर्वी हिस्सों के बीच
में होता है, तो यह मस्‍कुलर डिस्ट्रोफी का कारण बन सकता है।
टिप: वास्‍तु शास्त्र के अनुसार टॉयलेट के लिए सबसे अच्छा स्थान दक्षिण और दक्षिण पश्चिम दिशाओं के बीच है। यह हेल्‍दी मन और शरीर को बनाए रखने में मदद करता है।

किचन की दिशा

अगर आपके घर में किचन पूर्वोत्तर भाग में है, तो यह एक कमजोर इम्‍यून सिस्‍टम का कारण बन सकता है।
टिप: दक्षिण और दक्षिण-पूर्व दिशाओं में एक किचन डाइजेशन में सुधार कर सकता है और आपकी फैमिली खाने में जो कुछ भी खाती है उससे उन्‍हें पूरा पोषण मिलता है।
घर के लिए कुछ वास्‍तु टिप्‍स को अपनाकर आप भी बीमारियों से बचकर लंबे समय तक हेल्‍दी रह सकते हैं।