भारत अब एक अहम कदम की ओर बढ़ गया है। कोरोना वायरस का असर जहां पूरी दुनिया पर हो रहा है वहीं भारत में भी इसके केस तेज़ी से बढ़ रहे हैं। ये खबर लिखे जाने तक भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 415 पार कर गई थी। इसी के साथ, पिछले तीन दिनों में 250 से ज्यादा लोगों के कोरोना संक्रमित होने की खबर सामने आई है। जहां COVID 19 के इन्फेक्शन को लेकर सरकार काफी सतर्क हो गई है और 22 मार्च को सरकार की तरफ से जनता कर्फ्यू की घोषणा हुई थी वहीं उसके तुरंत बाद देश के कई हिस्सों से खबर आ रही हैं कि Coronavirus के कारण अब कई सारी सुविधाएं बंद हैं और साथ ही साथ कई शहरों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

अगर आप भी सोच रहे हैं कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार के कदम और कितनी सर्विसेज पर असर पड़ा है और कितने शहर बंद हुए हैं इसका आपपर क्या असर पड़ेगा ये जानना आपके लिए जरूरी है।

इसे जरूर पढ़ें- Coronavirus: घर से बाहर निकलते और ऑफिस में रहते हुए ऐसे रखें खुद को सुरक्षित, WHO ने जारी की गाइडलाइन्स

क्या है लॉकडाउन-

शायद आप सोशल मीडिया आदि पर लॉकडाउन शब्द सुन रहे होंगे। हो सकता है आप चिंता भी कर रहे हों। लॉकडाउन का मतलब वो सभी सर्विसेज जो दैनिक जरूरतों वाली नहीं हैं उन्हें बंद कर देगा और लोगों को घर के अंदर रहने की हिदायत देना। हालांकि, अभी इटली और चीन जैसा लॉकडाउन नहीं हुआ है जहां लोगों को घर से निकलने की ही मनाही हो,  लेकिन फिर भी सभी जगह धारा 144 लग गई है। अगर इसका उलंघन करते कोई पाया गया तो लोगों पर उचित कार्यवाही की जाएगी। जनता कर्फ्यू के बाद इस लॉक डाउन से लोगों को चिंता हो रही है। ऐसे में इससे जुड़े कुछ सवालों का जवाब हम दे रहे हैं।

coronavirus lockdown delhi

कितने शहरों पर पड़ा है ज्यादा असर-

देश के 80 जिलों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। ये वो जिले हैं जहां से कोरोना वायरस मरीजों का पता चला है। ये सभी जिले हाई सेंसिटिव जोन में हैं।

कहां-कहां हो रहा है लॉकडाउन?

इसे आप आसानी से समझने की कोशिश करें। उसके लिए हम लॉकडाउन को कुछ प्वाइंट्स में बाट देते हैं।

coronavirus lockdown states

रेलवे, मेट्रो और लोकल ट्रेन, बस और फ्लाइट पर असर

सबसे ज्यादा असर ट्रैवल पर पड़ा है। पैसेंजर ट्रैवल खास तौर पर। इसमें ट्रेन सर्विस भी शामिल हैं। इसमें सिर्फ पैसेंजर ट्रेन हैं और सामानवाहक गाड़ियों पर इसका असर नहीं हो रहा है। भारतीय रेलवे की तरफ से सभी पैसेंजर ट्रेन्स 31 मार्च तक बंद कर दी गई है। इसके अलावा, बड़े शहरों में मेट्रो सर्विसेज और बस सर्विस पर भी असर पड़ा है। दिल्ली मेट्रो को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसी के साथ, मुंबई लोकल में सिर्फ वही लोग सरफ कर सकते हैं जो सरकारी सर्विसेज में काम करते हैं और साथ ही साथ उन्हें अपना आईडी भी दिखाना होगा। 

सभी राज्यों से दूसरे राज्यों तक जाने वाली बसों पर भी रोक लग गई है। कुछ शहरों के पब्लिक ट्रांसपोर्ट चल रहे हैं, लेकिन उन शहरों के नहीं जहां कोरोना के संक्रमित मरीज निकले हैं।

जहां तक फ्लाइट की बात है तो कुछ सर्विसेज अभी भी शुरू हैं, लेकिन खास तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर और साथ ही साथ जरूरी चेक करवा कर ही ये उपलब्ध है। इसके अलावा, सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर एक हफ्ते की रोक है।

लॉकडाउन का असर होगा इनपर-

कोरोना वायरस संक्रमित जिलों के अलावा, कई राज्यों ने भी अपने यहां पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया है। इसमें नागालैंड, राजस्थान, दिल्ली जैसे राज्य पूरी तरह से बंद हैं और नागालैंड ने तो अपने यहां आने वालों पर अनिश्चितकालीन रोक लगा दी है। उत्तर प्रदेश की 15 डिस्ट्रिक्ट बंद हैं। इसके अलावा, कई राज्यों ने पार्शियल लॉकडाउन की स्थिति रखी है।

क्या होता है फुल लॉकडाउन-

अभी फुल लॉकडाउन भारत में सिर्फ कुछ ही जगहों पर है। लेकिन इस तरह के लॉकडाउन में आपको कहीं भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं होती। यानी अगर घर के अंदर हैं तो घर के अंदर ही रहें। ऑफिस आदि जाने की या दिहाड़ी की भी इजाजत नहीं होगी। इसी के साथ, अगर आपको लगता है कि बहुत जरूरी सुविधा यानी मेडिकल सर्विस, राशन आदि की सुविधाएं रहती हैं, लेकिन उसके अलावा आप कहीं भी नहीं जा सकते और अगर आप लॉकडाउन तोड़ते पाए गए तो आपको जुर्माना या जेल भी हो सकती है।

coronavirus lockdown cities

इसे जरूर पढ़ें- Corona Virus के बारे में आई नई रिपोर्ट, अगर हो रहे हैं ये लक्ष्ण तो तुरंत लें डॉक्टरी सलाह

Recommended Video

क्या कर पाएंगे ओला-ऊबर से सफर?

ओला-ऊबर और कैब सर्विसेज ने भी लॉकडाउन का समर्थन किया है और जिन जिलों में और राज्यों में लॉकडाउन हैं वहां पर अब लोग ओला-ऊबर भी बुक नहीं कर पाएंगे। मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकता, पुने, भोपाल आदि सभी शहर इस मामले में शामिल हैं।

क्या इसका मतलब सब कुछ बंद?

नहीं जैसा कि पहले बताया गया, दैनिक जरूरतों का सामान आप ले पाएंगे। उदाहरण PTI की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में जरूरी सुविधाएं जैसे मेडिकल सुविधाएं, एटीएम, राशन की दुकान आदि खुले रहेंगे। इसी के साथ, पुलिस स्टेशन, मीडिया चैनल, रसोई गैस देने वाली एजेंसी, पानी देने वाली एजेंसी, बिजली विभाग, टेक अवे और डिलिवरी वाले रेस्त्रां, पेट्रोल पंप, ई-कॉमर्स डिलिवरी आदि खुला रहेगा।

हालांकि, AIIMS जैसे अस्पतालों में ओपीडी सर्विस अनिश्चितकालीन बंद कर दी गई है।

क्या सरकार जरूरत से ज्यादा कड़े फैसले ले रही है?

नहीं भारत के सामने जो मुसीबतें मौजूद हैं उनके हिसाब से यकीनन बहुत सख्त फैसले लेने की जरूरत है। एक कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति कई लोगों को ये संक्रमण दे सकता है। कई लोगों में तो कोरोना वायरस के लक्षण भी नहीं दिखते हैं। ऐसे में ज्यादा लोग इसका शिकार हो सकते हैं। बेहतर है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

कोरोना वायरस से बचने के लिए खास तौर पर हाईजीन सही रखने की जरूरत है। साथ ही साथ लोगों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है।

क्या लॉकडाउन से सब सही हो जाएगा?

WHO की जानकारी के अनुसार अब शहरों का बंद होना काफी नहीं है। पर इसका मतलब ये नहीं कि ये जरूरी नहीं है। कोरोना वायरस से बचने के लिए हमें कई चीज़ों की जरूरत है। सरकार अपने स्तर पर पूरी तरह से कोशिश कर रही है। जहां तक आम इंसान का सवाल है तो उनके लिए घर के अंदर रहना ही सबसे अच्छा तरीका है। पर अगर किसी को भी कोई भी कोरोना वायरस का खतरा महसूस हो रहा है तो उन्हें तुरंत सरकारी हेल्पलाइन में कॉल करना चाहिए।

कितने राज्य लॉकडाउन में हैं?

महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात  उत्तर प्रदेश, हरयाणा, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, आंद्र प्रदेश, तमिल नाडु, पंजाब, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडीसा, पु्द्दुचेरी और उत्तराखंड

भारत जैसे देश के लिए लॉकडाउन बहुत ज्यादा जरूरी है। COV-IND-19 स्टडी जो यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में की गई है उसके अनुसार भारत में अगर सरकार की तरफ से जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो मई तक देश भर कोरोना की चपेट में होगा। इसलिए ये जरूरी है कि लोग इस वक्त लॉकडाउन का पालन करें।

All image Credit: Twitter