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Pride Month: LGBTQ+ समुदाय की जिंदगी के दर्द को बखूबी दर्शाती हैं बॉलीवुड की ये फिल्में

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री न केवल मसाला फिल्में बनाती हैं, बल्कि वह संवेदनशील सामाजिक मुद्दों से लोगों को रूबरू भी करवाती है। 
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  • Hema Pant
  • Editorial
Published -07 Jun 2022, 13:32 ISTUpdated -07 Jun 2022, 14:39 IST
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bollywood films based on lgbtq community in hindi

कहा जाता है कि फिल्में समाज का आईना होती है। यानी फिल्में हमें वह सब कुछ दिखाती है, जो चीजें हमारे समाज में चल रही होती हैं। बॉलीवुड में आज भी बड़े पैमाने पर मसाला फिल्में बनती हैं। लेकिन वहीं कुछ ऐसे डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं, जो सामाजिक मुद्दों को दर्शकों के सामने लाते हैं। यह वह फिल्में होती हैं, जिस पर हमारा समाज बात करने से संकोच करता है। जैसे एलजीबीटीक्यू समुदाय।

इस समुदाय पर लोग अलग-अलग टिप्पणी करते हैं। हमारा समाज उन्हें न जाने कितने नामों से पुकारता है। लोग उनके सेक्सुअलिटी पर सवाल उठाते हैं। हालांकि, इस विषय पर बॉलीवुड में कई सालों से फिल्में बनाई जा रही हैं, जिन्हें देख कुछ हद तक लोगों ने एलजीबीटीक्यू समुदाय के प्रति अपना नजरिया बदला है। चलिए जानते हैं बॉलीवुड की वह फिल्में जिनमें  LGBTQ+ समुदाय की कहानी दिखाई गई है। 

अलीगढ़

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साल 2015 में आई हंसल मेहता की फिल्म " अलीगढ़" सत्य घटना पर आधारित है। इस फिल्म में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर की कहानी दिखाई गई है। जिनका नाम राम चंद्र सिरस होता है, जो समलैंगिक होते हैं। उनका एक रिक्शेवाले के साथ प्राइवेट वीडियो वायरल हो जाता है। जिसके कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है। साथ ही समाज द्वारा उन्हें काफी जिल्लत भी झेलनी पड़ती है। इस फिल्म में राजकुमार राव और मनोज बाजपेयी ने अहम भूमिका निभाई है। यह फिल्म समाज की रूढ़ीवादी सोच को दर्शाती है। जहां इंसान को इंसान नहीं माना जाता है। 

फायर

LGBTQ+ समुदाय पर साल 1996 ''फायर" फिल्म रिलीज हुई थी। इस फिल्म को दीपा मेहता ने डायरेक्ट किया था। ऐसा कहा जा सकता है कि समलैंगिकता को बड़े पर्दे पर इस फिल्म द्वारा पहली बार बखूबी दर्शाया गया था। इसमें शबाना आजमी और नंदिता दास लीड रोल में नजर आ चुकी हैं। जहां उन्होनें देवरानी और जेठानी का किरदार निभाया है।

इस फिल्म दो महिलाओं के संबंध के कहानी है। उस दौर में इस तरह की फिल्म बड़े पर्दे पर आना बेहद बड़ी बात थी। हालांकि, इस फिल्म को लेकर उस समय काफी विवाद भी हुए थे। 

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मार्गरिटा विद द ए स्ट्रॉ

margrita with strawयह फिल्म साल 2015 में रिलीज हुई थी। शोनाली बोस ने इस फिल्म के जरिए सेरेब्रल बीमारी के बारे में लोगों को अवगत कराया है। साथ ही ऐसी दो लड़कियों की कहानी बताई है, जो एक-दूसरे से प्यार करती हैं। वहीं उनके इस रिश्ते के प्रति परिवार की सोच को भी दर्शाया है। इस फिल्म में कल्कि कोचलिन और सयानी गुप्ता लीड रेल में हैं। 

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शुभ मंगल ज्यादा सावधान

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आयुष्मान खुराना और जितेंद्र कुमार की फिल्म शुभ मंगल ज्यादा सावधान भी समलैंगिकता पर बनी फिल्म है। यह फिल्म हसांते-हसांते इस संवेदनशील मुद्दे को समाज के सामने बखूबी रखती है। इस फिल्म में गे कपल की लव स्टोरी दर्शायी गई है। जिसमें दिखाया गया है कि  वह किस तरीके से अपने परिवार वालों को इस रिश्ते के बारे में बताता है। हाालांकि, उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। 

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Image Credit: Instagram

 
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