सुशांत सिंह राजपूत की मौत को डेढ़ महीना हो चुका है। उनकी आखिरी फिल्म 'दिल बेचारा' डिजनी हॉटस्टार के माध्‍यम से कल दिखाई गई थी। खास बात ये है कि फिल्म को फ्री ऑफ कास्ट रखा गया है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि सुशांत की फिल्म वह लोग भी देख सकें, जिन लोगों के पास डिजनी हॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन नहीं है। सुशांत की ये फिल्म उन्हें श्रद्धांजलि तौर पर भी रिलीज की जा रही है। सुशांत के फैन्स को उनकी आखिरी फिल्म‘दिल बेचारा’ काफी पसंद आई। फिल्म का थीम 'मौत और प्यार' है। थोडी अजीब जरुर है लेकिन यह फिल्म जिंदगी को दिल खोलकर जीना औ मुश्किल समय में भी मुस्कुराना सिखाती है। यहां तक कि कुछ फैन्‍स तो फिल्‍म देखकर बुरी तरह से रोने लगे।

दिवंगत एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत स्टारर 'दिल बेचारा' 24 जुलाई, 2020 को उनके मरणोपरांत रिलीज़ हुई। फिल्म का निर्देशन मुकेश छाबड़ा ने किया है, जो इंडस्ट्री के जाने-माने कास्टिंग डायरेक्टर हैं। यह उनकी डायरेक्टर के तौर पर पहली फिल्म है। डायरेक्‍टर मुकेश छाबड़ा की, फिल्म जॉन ग्रीन के प्रसिद्ध उपन्यास द फॉल्ट इन अवर स्टार्स पर आधारित है। फिल्म की कहानी दो कैंसर रोगियों किज़ी और मैनी के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। सुशांत सिंह राजपूत के अलावा, फिल्म में संजना सांघी और सैफ अली खान प्रमुख भूमिका में हैं। इस फिल्‍म से संजना सांघी डेब्‍यू करने जा रही हैं। दिल बेचारा में सुशांत को आखिरी बार देखने के बाद फैन्‍स अपने आंसूओं को नहीं रोक पा रहे हैं। आज हम आपको दिल बेचारा के कुछ ऐसे मोमेंट्स के बारे में बताएंगे, जिनसे दर्शकों को रूला दिया।

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dil bechara movie inside

जब मैनी किज़ी से मिलती है

फिल्म में मैनी और किजी दोनों एक दूसरे से बहुत ही निराले अंदाज में मिलते हैं। जब किजी चल रही होती है, तो वह सड़क पर एक लड़के को अचानक से भोजपुरी गाने पर नाचते हुए नोटिस करती है। इस चौंका देने वाली सीन को किजी दर्पण के माध्यम से देखती है और साथ ही देखती हैं कि मैनी उसे फ्लाइंग किस कर रहा है। इससे वह बहुत घबरा जाती है।

जब मैनी ने किज़ी के पिता से दिल की बात की

इस सीन में, मैनी को किजी के पिता से कहते हुए देखा जा सकता है कि उसके पैरों को काटकर अलग कर दिया है लेकिन बावूजूद इसके उसे कभी ऐसा नहीं लगा कि वह अपने लिए कुछ नहीं कर रहा है। बास्केटबॉल खेलना, जीतना या हारना, वह कभी भी अपने लिए कुछ नहीं चाहता था। लेकिन वह निश्चित रूप से किजी के अपने फेवरेट सिंगर से मिलने के सपने को पूरा करना चाहता है।

अस्पताल से वापस आने के बाद जब मैनी किज़ी से मिलती है

सब कुछ बस प्‍लानिंग के अनुसार हो रहा था। पेरिस की जर्नी के लिए टिकट बुक किए गए थे। किजी को आखिरकार अपने फेवरेट सिंगर अभिमन्यु से मिलने का मौका मिल रहा था। हालांकि, एक मेडिकल इमरजेंसी के कारण वह ठीक होने तक मैनी से मिलने से इंकार कर देती है। बाद में, जब वह अंत में मैनी से मिलती है, तो वह उसे गले लगाती है और उसे बताती है कि ''वह उसे कितना भी अनदेखा कर दे, उसके लिए उसकी भावनाएं कभी नहीं बदलेंगी।''

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पेरिस में किज़ी और मैनी

सिंगर अभिमन्यु से मिलना अच्छा नहीं है इसके बजाय, उसने दोनों को यह कहते हुए विदाई दी, "एक था 'राजा' एक थी 'रानी' दोनों मर गए खत्म हुई कहानी"। निराश किजी तब मैनी को बताता है कि अभिमन्यु सही था, लेकिन वह बदले में उसे शांत करता है। वह उसे बताता है कि भले ही अभिमन्यु अधूरा गाना खत्म नहीं करता है, वह उसके लिए ऐसा करेगा।

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खुद के अंतिम संस्कार में शामिल होने की बात कहना 

जब मैनी कहता है कि ''वह खुद के अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहता है।'' इस सीन ने दर्शकों को बुरी तरह से रूला दिया। जी हां क्‍लाइमेस के दौरान, जब मैनी को कैंसर का पता चलता है और उसकी स्थिति बिगड़ जाती है तो वह अपने सबसे अच्छे दोस्त और किज़ी को एक चर्च में बुलाता है। वहां वह उन दोनों से उसके लिए अपना स्तवन देने को कहता है। इमोशनल सीन ने कई दिलों को पिघला दिया।

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दिल छूने वाले सुशांत के डायलॉग्स

  • 'जन्म कब लेना है और कब मरना है ये तो हम डिसाइड नहीं कर सकते, लेकिन कैसे जीना है ये हम डिसाइड करते हैं।'
  • 'मैं एक फाइटर हूं और मैं बहुत बढ़िया तरीके से लड़ा।'
  • 'मैं बहुत बड़े-बड़े सपने देखता हूं पर उन्हें पूरा करने का मन नहीं करता।'
  • 'जब कोई मर जाता है उसके साथ जीने की उम्मीद भी मर जाती है, पर मौत नहीं आती।'
  • 'प्यार नींद की तरह होता है धीरे-धीरे आता है और फिर आप उसमें खो जाते हैं।'
  • 'हीरो बनने के लिए पॉपुलर नहीं होना पड़ता, वो रियल लाइफ में भी होते हैं।'

संजना सांघी का इंटेंस वॉयस ओवर

एक्‍ट्रेस द्वारा आत्मीय वर्णन करना फिल्म की सबसे अच्छी चीजों में से एक है, क्योंकि इसने दिल बेचारा को एक अनूठा और दिल छू लेने वाला स्पर्श दिया। उसके प्रारंभिक गायन "एक था राजा, एक थी रानी, दोनों मर गए खत्‍म कहानी" से लेकर उस हिस्से तक, जहां वह कहती है, "लेकिन कैंसर को हंसी और खुशी से प्रॉब्‍लम है" इस आवाज़ ने लोगों के दिलों को बस हिलाकर रख दिया।

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सुशांत का डांस ऑन टाल्ट ट्रैक दिल बेचारा

अगर आपने फिल्म देखी है तो आप इस स्‍पेशल गाने पर पैरों को हिलाते हुए एक्‍टर को याद करना भूल नहीं पा रहे होंगे। हालांकि उन्होंने अपने नृत्य कौशल को पुरस्कार और रियलिटी टीवी शो में दिखाया है, लेकिन यह उन सभी के बीच सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मुस्कुराहट और मूव्‍स सभी को मोहित करनेवाली हैं! आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि फराह खान द्वारा कोरियोग्राफ की गई इस धुन को पूरी तरह से एक ही टेक में शूट किया गया था।

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