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Akshaya Tritiya 2022: भूलकर भी न करें ये काम, पंडित जी से जानें क्यों

अक्षय तृतीया पर क्या नहीं करना चाहिए, यह तो सब बताते हैं मगर क्या करने सौभाग्य प्राप्त होगा आपको पता है? आइए एस्ट्रोलॉजर से जानें।
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अक्षय तृतीया भारत में सबसे शुभ त्योहारों में से एक है। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल अक्षय तृतीया 3 मई को है। किसी भी मांगलिक कार्य को करने के लिए इस दिन को शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सोना या चांदी खरीदने से समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। लोग जरूरतमंदों को जरूरी सामान भी दान करते हैं।

इस दिन कई सारी चीजों को करने की मनाही होती है और कुछ कर्म करने से आपको सौभाग्य प्राप्त होता है। इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं यह हमने ज्योतिषाचार्य पंडित जनार्दन पंत से पूछा, तो पंडित ने कहा, 'पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आप इस दिन बिना पंचांग देखे किसी भी शुभ काम को कर सकते हैं और तो और इस तिथि में किए गए मंगल कार्यों का आपको कई गुना फल मिलता है। सतयुग और त्रेता युग का प्रारंभ इसी तिथि से हुआ था, इसलिए इसका विशेष महत्व है।'

पंडित जी आगे बताते हैं, 'इस दिन विशेष रूप से स्नान, जप और तप का बड़ा महत्व है। इस पर्व में दान-दक्षिणा करना शुभ माना जाता है। पुराणों में ऐसा कहा गया है कि इस दिन दान करने वाले के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।'

अक्षय तृतीया एक महत्वपूर्ण तिथि है, इस दिन क्या करना चाहिए और क्या करने से बचना चाहिए, वो भी पंडित जनार्दन जी ने स्पष्ट रूप से बताया है। 

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अक्षय तृतीया पर करें ये काम

अक्षय तृतीया पर दान कर्म अच्छा माना जाता है, इसलिए जितना हो सके लोगों को भले मन से दान करना चाहिए और जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। इस दिन सौभाग्य प्राप्ति के लिए आप क्या कर सकते हैं, आइए जानें-

तुलसी के पौधे पर दूध चढ़ाएं

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भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का कृपा के लिए अक्षय तृतीया का दिन बहुत खास है। अगर आप इस दिन भगवान की कृपा चाहते हैं, तो अपने आंगन में रख तुलसी के पौधे पर जल की जगह दूध चढ़ाएं। तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा नहीं की जा सकती है। ऐसा करने से आपके ऊपर उनकी कृपा होगी। इसके साथ ही मिठाई का भोग लगाएं और यह भोग लगाकर प्रसाद के रूप में बांट दें। शाम को घी का दीपक जलाकर अर्चना करें।

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भगवान विष्णु के दशावतार की कथा पढ़ें

हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के 10 अवतारों में वर्णन किया गया है, जिन्हें दशावतार कहा जाता है। अक्षय तृतीया के दिन आपको भगवान विष्णु के दशावतार की कथा जरूर पढ़नी चाहिए। यह कथा पढ़ने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और आपको सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन रामचरितमानस का पाठकरने से भी आपको कई लाभ होते हैं। 

जल से भरा कलश दान करें

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पंडित जनार्दन कहते हैं, 'अक्षय तृतीया के अवसर पर आप जल से भरा कलश दान कर सकते हैं। तांबे के कलश में अगर तांबे का कलश न भी तो साफ कलश में पानी रखकर मंदिर में रखें या फिर दान कर देने से व्यक्ति को अपने जीवन में धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं इससे आपके नवग्रह की शांति होती है और आपके ऊपर भगवान की कृपा बनी रहती है।

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जौ करें दान

जौ को सबसे पुराने अनाजों में से एक माना जाता है। इसे सोने के समान कीमती माना जाता है। विभिन्न पूजा विधियों के दौरान, हवन समारोहों में जौ का उपयोग किया जाता है। अगर आप वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर जौ का दान करते हैं तो आपका भाग्य चमकता है और बैकुंठ की प्राप्ति का योग बनता है। स्नान करने के बाद किसी जरूरतमंद को जौ का दान करें या उसे मंदिर में चढ़ाएं।

अक्षय तृतीया पर न करें ये काम

अक्षय तृतीया पर जो भी काम करें वो बिल्कुल साफ मन से करें, तभी वो आपके लिए शुभ होगा। बेमन से किए गए कार्य कभी पूरे नहीं होते और न ही उनका फल मिलता है, इसलिए इस दिन ऐसे काम करने से बचना चाहिए।

घर में अंधेरा न होने दें

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मान्यता के अनुसार इस दिन घर के किसी भी कोने में अंधेरा नहीं रखना चाहिए। अगर आपके घर के किसी कोने में उजाला नहीं है, तो वहां दीपक जलाएं। साथ ही अपने घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाकर रखें। इससे मां लक्ष्मी खुश होंगी और उनकी कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी।

भगवान विष्णु और लक्ष्मी की अलग-अलग पूजा न करें

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दीपावली के दिन सिर्फ मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना होती है, उनके साथ भगवान विष्णु की अर्चना नहीं होती। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दीपावली चतुर्मास में पड़ती है और उन चार महीनों के लिए भगवान विष्णु सुतल लोक में होते हैं। उसके अलावा भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की अलग पूजा नहीं की जाती है। अक्षय तृतीया के दिन भी गलती से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की अलग-अलग पूजा न करें।। मां लक्ष्मी शक्ति का रूप ही नहीं, बल्कि भगवान विष्णु के लिए बहुत प्रिय हैं। वे पति-पत्नी हैं और दोनों की एक साथ पूजा करने से सौभाग्य और सुख की प्राप्ति होती है।

किसी को खाली हाथ न भेजें

अगर अक्षय तृतीया पर आपके घर में कोई जरूरतमंद आता है, तो उसे खाली हाथ नहीं भेजना चाहिए। साथ ही किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए। अगर आप अपने कार्यों का संपूर्ण फल पाना चाहते हैं, तो किसी जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र आदि का दान करें और उसे खाली हाथ न जाने दें।

अक्षय तृतीया के शुभ मौके पर किन चीजों को करना चाहिए और किन चीजों को नहीं, ये आपने पंडित जी से जाना। आप भी अक्षय तृतीया के मौके पर इन बातों का ध्यान रखें। अगर आपको यह लेख पसंद आया तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें। ऐसे अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी के साथ।

Image Credit : Freepik & Google Searches

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