कई बार हम जिन चीज़ों को खराब समझकर फेक देते हैं वो असल में बहुत उपयोगी साबित होती है। जैसे, फलों के छिलके, खराब हुए ब्रश, एक्सपायर हुए शैम्पू आदि। क्या आप जानती हैं कि अंडों के छिलकों का भी बहुत अच्छा इस्तेमाल किया जा सकता है। नहीं-नहीं हम अंडों के छिलकों से छिपकली भगाने की बात नहीं कर रहे हैं। वो तो एक देसी नुस्खा है ही, लेकिन साथ ही साथ अंडों के छिलकों का इस्तेमाल गार्डन में भी किया जा सकता है। आपको शायद न पता हो, लेकिन अंडे के छिलके में बहुत सारा प्रोटीन और कैल्शियम होता है जो पौधों की ग्रोथ के लिए अच्छा साबित हो सकता है।

क्यों गार्डन के लिए अच्छे हो सकते हैं अंडों के छिलके-

जैसा कि हम बता चुके हैं कि इनमें कैल्शियम और प्रोटीन होता है, ये 40% कैल्शियम से बने होते हैं। साथ ही, इसमें बोरोन, कॉपर, आयरन, मैग्नीशियम, सल्फर, सिलिकॉन और जिंक सहित कुल 27 एलिमेंट्स होते हैं जो पौधों की ग्रोथ को सही करते हैं।

तो आज हम आपको कुछ बेहतरीन गार्डनिंग टिप्स बताने जा रहे हैं जो अंडों के छिलकों की मदद से की जा सकती हैं। अगर आपको छोटी सी जगह में सब्जियां उगानी हैं तो ये टिप्स बहुत काम आएंगे।

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1. सीधे मिट्टी में मिलाए जा सकते हैं एगशेल्स-

सबसे पहले आप एगशेल्स या अंडों के छिलकों का पाउडर बना लें। आप चाहें तो ब्लेंडर का इस्तेमाल करें या फिर कूट लें। इसे सीधे मिट्टी में मिलाएं। पर ध्यान रहे ये तरीका उन पौधों के लिए इस्तेमाल न करें जिन्हें बहुत ज्यादा खाद और पानी की जरूरत नहीं होती है। वर्ना कैल्शियम की बहुतायत हो जाएगी। तुलसी का पौधा, करी पत्ता, धनिया जैसे पौधों में ये काम नहीं आएगा, लेकिन अगर आप टमाटर, भिंडी या मिर्च जैसा कुछ उगा रहे हैं तो उनके लिए एगशेल्स वाला तरीका बहुत अच्छा साबित हो सकता है। हां, यहां ये बात ध्यान रखने वाली है कि एगशेल्स की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं रखनी है।

eggs and soil for gardening

2. कीड़ों और इल्लियों से बचाव के लिए ऐसे इस्तेमाल करें अंडों के छिलके-

अगर आपके गार्डन में बार-बार कीड़े आते हैं या इल्लियों की वजह से बहुत ज्यादा परेशानी है, तो आप अपने पौधों की जड़ों के पास अंडों के छिलके क्रश करके डाल सकते हैं। ये न तो बहुत ज्यादा बड़े और न ही बहुत ज्यादा छोटे होने चाहिए और ध्यान रहे कि ये पौधों की जड़ों के पास पूरी तरह से फैले हों। ऐसे में आपके पौधों में घोंघे, इल्ली और ऐसे ही कीड़ो-मकोड़े नहीं आएंगे। इस टिप में एगशेल्स को पूरी तरह से मिट्टी में नहीं मिलाना है।

3. फर्टिलाइजर की तरह कर सकती हैं इस्तेमाल-

ये शायद एगशेल्स को इस्तेमाल करने का सबसे अच्छा तरीका है और ये यकीनन काफी ज्यादा किफायती भी है। अगर आप नेचुरल फर्टिलाइजर बना रही हैं या कॉम्पोस्ट की तैयारी कर रही हैं तो एगशेल्स को अपनी कॉम्पोस्ट बिन में डाल दीजिए। बस आपका काम हो जाएगा। न ही इन्हें कूटने की जरूरत है और न ही इनका पाउडर बनाना होगा।

4. माइक्रोवेव कर एगशेल्स का करें इस्तेमाल-

अगर आपकी मिट्टी में न्यूट्रिटिव वैल्यू कम है और आप चाहती हैं कि छोटी सी स्पेस जैसे किसी छोटे गमले में भी अच्छी तरह से पौधे लग जाएं तो ये ट्रिक इस्तेमाल करें। अंडों के छिलकों को या तो दो दिन के लिए धूप में सुखा लें या फिर पानी से अच्छे से धोकर उन्हें 1 मिनट के लिए माइक्रोवेव कर लें। ये तरीका अंडों के छिलकों में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया को मार देगा और आपको मिलेंगे सिर्फ न्यूट्रिएंट्स।

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5. एगशेल में ही प्लांट करें पौधा-

एगशेल की मदद से आप पौधे भी उगा सकती हैं। इसके लिए बहुत ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं होगी। बस थोड़े साबुत से एगशेल्स लीजिए। इन्हें कम्पोस्ट से भरिए और थोड़ी सी मिट्टी डालिए। बस इसमें ही बीज बो दीजिए।

egg gardening

इस तरीके का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको पौधा रीप्लांट करने की जरूरत नहीं होगी। जैसे ही बीज में से अंकुर फूटने लगे उसे मिट्टी में दबा दीजिए। अंडे का छिलका अपने आप ही डिकम्पोज हो जाएगा और पौधे को कैल्शियम तो मिलेगा ही।



इन ट्रिक्स को जरूर आजमाएं और अपने गार्डन को बहुत ही अच्छा लुक दें। होम डेकोर के लिए भी ये बहुत अच्छी टिप्स साबित हो सकती है क्योंकि इनकी मदद से कम स्पेस में भी अच्छी गार्डनिंग की जा सकती है।

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