घर में अगर कोई pet हो तो घर का माहौल बहुत बदल जाता है। उनके साथ खेलना, समय बिताना सबको अच्छा लगता है, लेकिन उनका ख्याल रखना और उन्हें हर चीज़ के लिए ट्रेनिंग देना आसान नहीं है। जानवरों को मारना या उन्हें सज़ा देना भी सही नहीं और उन्हें बहुत ज्यादा बिगाड़ना और लाड़ करना भी अच्छा नहीं। कई लोगों के मुंह से आपने सुना होगा कि पेट्स को रखने के बाद बहुत काम बढ़ जाता है, या फिर हमारा डॉगी तो बात समझता ही नहीं। मैंने बचपन से ही डॉग पाले हैं और कई डॉग्स को ट्रेनिंग भी दी है। उनके लिए कुछ खास तरीके अपनाए जाते हैं।   

ऐसे में पेट्स को ट्रेनिंग देने की बात सामने आती है, लेकिन ये जरूरी तो नहीं कि उन्हें ट्रेनिंग देने के लिए किसी प्रोफेशनल ट्रेनर का सहारा लिया जाए। चाहें कोई भी pet हो वो आपकी बात समझेगा अगर आप थोड़ा संयम रखेंगी, लेकिन इसके साथ ही कुछ खास टिप्स आपकी मदद भी कर सकती हैं। तो चलिए आज बात करते हैं उन्हीं टिप्स के बारे में।  

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1. बेसिक कमांड घर लाने के बाद तुरंत सिखाना शुरू कर दें-  

ये डॉगी और बिल्ली के साथ सबसे ज्यादा काम आता है। उन्हें छोटे से ही आदत डालनी होती है नहीं तो वो आपकी बात नहीं सुनेंगे। बेसिक कमांड जैसे sit, stand, stay, walk, fetch (बैठो, उठो, इंतज़ार करो, चलो, लेकर आओ) आदि सिखाने के लिए ये कमांड्स उन्हें बार-बार बोलें। पहले एक कमांड से शुरू करें। घर का सामान वो न उठाएं इसके लिए उन्हें fetch कमांड सिखाते समय उसके ही खिलौने दें। उसके चबाने आदि के लिए कुछ पहले से ही लेकर आएं ताकि वो घर के फर्नीचर को नुकसान न पहुंचाए। 

2. कुछ भी सिखाने से पहले उसे नाम पहचानना सिखाएं-  

कमांड तो वो तब पहचानेगा जब उसे अपना नाम समझ आएगा। छोटा सा pet जब आप अपने घर लेकर आती हैं तो उसकी देखभाल काफी ज्यादा करनी होती है। ऐसे में आपके लिए सुविधा ये होगी कि आप उसे अपने नाम की आदत डालें। जब भी उसे बुलाएं तो उसके नाम के साथ बुलाएं और ऐसा दिन में 6-7 बार करें। अगर उसे अपना नाम याद करने में दो दिन से ज्यादा लगते हैं तो उसे ट्रीट देकर समझाने की कोशिश करें। यानी जब भी वो अपने नाम के पुकारे जाने के बाद आए तो उसे कुछ खाने को दें। 

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3. कमांड सिखाने का सबसे अच्छा तरीका-  

कमांड सिखाने का सबसे अच्छा तरीका है कि उनके नाम के साथ कमांड बोली जाए। इससे वो कन्फ्यूज नहीं होते हैं। मसलन आपके डॉगी या बिल्ली का नाम जैकी है तो उसे jacky sit करके कमांड सिखाएं और जब वो ये काम पूरा कर ले तो उसे ट्रीट दें। उसके लिए सबसे अच्छा होगा कि पेडिग्री के एक दो दानें देते रहें। हर कमांड बोलने पर ऐसा ही करें। उससे pets जल्दी सीखते हैं। 

4. 10-15 मिनट से ज्यादा एक बार में सिखाने की कोशिश न करें- 

नया pet वैसे भी नए माहौल में डरा हुआ होगा ऐसे में अगर आप उसे बहुत ज्यादा मेहनत करवाएंगे तो ज्यादा मुश्किल होगी। ऐसे में दिन में तीन बार 10-15 मिनट ट्रेनिंग देने के लिए निकालें। उससे ज्यादा में pet को समस्या होगी और वो घबरा जाएगा। ध्यान रहे कि आपका pet हमेशा आपको खुश करना चाहेगा इसलिए गुस्सा और खुशी आराम से पहचान लेगा। उसकी ट्रेनिंग के लिए आपको शांत रहना होगा। धीरे-धीरे ही वो सीखेगा। एकदम से चमत्कार की उम्मीद न करें। साथ ही, कुछ जरूरी एक्सरसाइज रोज़ करवाएं। पेट्स के लिए घर से बाहर निकलना भी जरूरी है। अगर वो चेन से बंधा रहेगा तो वो खूंखार भी हो सकता है और एकदम शांत भी रह सकता है। उसे दिन में एक बार जरूर घुमाएं। 

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5. खाने और घूमने की ट्रेनिंग-

आपको छोटे से pet पर बहुत प्यार आ रहा है तो जरूरी नहीं कि उसे हर बार खाना दिया जाए या उसे कभी भी घुमाने ले जाएं इससे उनकी आदत बिगड़ेगी। बहुत छोटे pet को दिन में 4 बार थोड़ा-थोड़ा खाना, 3-6 महीने के pet को दिन में 3 बार और उससे बड़े को दिन में दो बार भरपूर खाना और एक बार थोड़ा सा स्नैक जैसा कुछ देना। हर बार खाएंगे तो pet के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ेगा और वो बेडौल भी होंगे। 

ऐसे ही घूमने के लिए भी करें। उन्हें हर जगह घुमाएं, ट्रेकिंग पर ले जाएं, स्विमिंग पर ले जाएं, कार में बैठना भी सिखाएं, लेकिन ध्यान रखें कि हर वक्त घूमने की आदत नहीं डालें। वर्ना उनकी आदत खराब हो जाएगी।