शिक्षा आपकी पूरी जिंदगी को बदल सकती है, इस बात का ताजा उदाहरण हैं चेन्नई की रहने वाली मधु प्रिया। मधु प्रिया के माता-पिता तमिलनाडु में सालों से सब्जियां बेच रहे हैं। दोनों ही पढ़-लिखे नहीं हैं, लेकिन उन्होंने जिंदगी में फैसला किया कि वह अपनी बेटी को पढ़ाएंगे और उसे काबिल बनाएंगे। मधु प्रिया ने अपने माता-पिता के इस सपने को ना सिर्फ पूरा किया बल्कि यह भी बताया कि वह उन्हें अपने माता-पिता के रूप में पाकर कितना गर्व महसूस करती है।

मधु प्रिया ने अपनी कहानी के जरिए बताया कि वह आज जो कुछ भी हैं सिर्फ अपने माता-पिता की वजह से। जिन्होंने उन्हें काबिल बनाने के लिए लाइफ में कई बार सैक्रिफाइस किया। मधु प्रिया अपने परिवार की पहली बेटी हैं, जिसने मास्टर की डिग्री हासिल की है। मधु प्रिया ने लिंक्डिन पर पोस्ट शेयर कर बताया कि कैसे उनकी मां पैरेंट्स टीचर मीटिंग में हमेशा आखिर में आती थीं। इसके लिए वह हमेशा उन पर गुस्सा होती, लेकिन जब वह बड़ी हुई तब उसे एहसास हुआ कि आखिर वह ऐसा क्यों करती थीं।

स्कूल में दोस्त उड़ाते थे मजाक

vegetable vendor

मधु प्रिया के माता-पिता ने उन्हें प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाया, वहां अपर मीडिल क्लास के लोग अपने बच्चों को पढ़ाते थे। हर गर्मियों की छुट्टियों में वेकेशन के लिए वो बच्चे विदेश जाते थे, लेकिन मधु प्रिया अपने माता-पिता के साथ दुकान में हाथ बंटाती थी। स्कूल फंक्शन में सभी बच्चों के माता-पिता आते थे, लेकिन मधु प्रिया के माता-पिता सब्जी की दुकान चलाते थे, जिसे छोड़कर आना नामुकिन था। हालांकि यह सबकुछ मधु प्रिया को अच्छा नहीं लगता था, जब वह 10वीं में गईं तो उनकी एक दोस्त ने यह कह कर दोस्ती तोड़ दी, कि वह उनके साथ नहीं रहेगी, क्योंकि वह एक सब्जी वाले की बेटी है। इस बात ने मधु प्रिया को अंदर से तोड़ कर रख दिया। क्लास में कई बच्चे मजाक बनाते थे, धीरे-धीरे सारे दोस्त दूर होते जा रहे थे और मधु प्रिया अकेले रहने लगी। इस वक्त वह काफी बीमार हो गई और खाना बंद कर दिया था, जिसकी वजह से उसे निमोनिया हो गया। काफी वक्त तक उनकी जिंदगी ऐसे ही गुजरती रही।

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माता-पिता को आसपास के लोग देते थे ताना

madhu family

मधु प्रिया जब ग्रेजुएशन में गईं तो उनकी मां ने बताया कि वह आखिर उनके स्कूल क्यों नहीं जाती थीं। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहती थीं कि उनका मजाक बने कि वह एक सब्जी वाले की बेटी है। उनके पिता भी हर वक्त लुंगी पहनते थे और अंग्रेजी भी नहीं बोल पाते थे। इसलिए वह नहीं चाहती थीं कि उनकी सच्चाई जानने के बाद बच्चे उन्हें स्कूल में परेशान करें। उस वक्त मधु प्रिया को एहसास हो गया कि यह सिर्फ माता-पिता ही कर सकते हैं। इसके बाद उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की तो दोस्ती सोच समझकर की, क्योंकि वह इस बार नहीं चाहती थीं कि कोई उनका मजाक बनाए। यही नहीं मास्टर की पढ़ाई के दौरान उनके माता-पिता ने कई लोगों से उधार लिया था, जिसके बारे में उन्हें खुद नहीं पता था। वे लोग आकर अक्सर माता-पिता को ताना देते थे और उन्हें भड़काने की कोशिश करते कि बेटी को पढ़ाने का कोई फायदा नहीं, पैसों को बर्बाद कर रहे हो। तब उनके माता-पिता ने कहा कि वह नहीं चाहते थे कि सच्चाई सामने आए। क्योंकि उन्हें पता था कि सच्चाई जानने के बाद मधु प्रिया आगे की पढ़ाई नहीं करेगी।

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नौकरी कर चुकाए सारे कर्ज

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कॉलेज प्लेसमेंट के दौरान मधु प्रिया को नौकरी मिल गई थी, जिससे उन्होंने सारे कर्ज चुका दिए। फिलहाल वह शादीशुदा हैं और एक बेटी की मां भी हैं। कई बार जब वह काम से थक जाती हैं तो उनके पति उन्हें ब्रेक लेने को कहते हैं, पर वह तुरंत ना कहती हैं। मधु प्रिया मानती हैं कि जो सैक्रिफाइस उनके माता-पिता ने किये हैं, उसके सामने यह कुछ भी नहीं। आज मधु प्रिया यूएस बेस्ड कंपनी में एचआर मैनेजर हैं। अब लोग उनकी तारीफ करते हैं और उनके माता-पिता के फैसलों को सही बताते हैं।

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