अक्सर लोग ऐसा कहते हैं कि 60 की उम्र के बाद भगवान का नाम लेना चाहिए और अपनी आगे की जिंदगी को चैन से बिताना चाहिए। समाज की नजर में ये जीवन के आखिरी दिन होते हैं, जहां आप अपनी जिंदगी पुराने दिनों को याद करते हुए बिताते हैं। हालांकि दिल्ली की रहने वाली सुल्ताना का जीवन जीने का नजरिया बिल्कुल अलग है। 64 साल की उम्र में वह अपने लिए एक परफेक्ट मैच ढूढ़ रही हैं, जो उनके हाथ को थाम सके, जब भी वह अकेला महसूस करें या फिर बारिश के मौसम में उनके साथ शाम की चाय पी सके।

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे ने अपने इंस्टाग्राम पर दिल्ली की रहने वाली सुल्ताना की कहानी शेयर की है। सुल्ताना बताती हैं कि 60 साल की उम्र में वह डेटिंग ऐप चलाती थीं। इसकी जानकारी जब उनकी आंटी को हुई तो उन्होंने कहा- ''60 साल की उम्र में तुम्हें लड़का चाहिए। चुपचाप घर में बैठों और प्रार्थना करों।'' आंटी के यह कहने के बाद वह काफी नाराज हुईं और चिल्लाईं कि क्या उन्हें चुपचाप मर जाना चाहिए। महिलाओं की भी जरूरतें होती हैं।

क्या है सुल्ताना की कहानी

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सुल्ताना जब पैदा हुईं तो उनकी मां उनसे घृणा करने लगीं। जब वह 5 साल की हुईं तो उनकी मां ने कहा कि वह कभी भी चौथा बच्चा नहीं चाहती थीं, उन्होंने कई बार बच्चा अबॉर्ट कराने की भी कोशिश की। ऐसे में वह एक अनवांटेड चाइल्ड बनकर रह गईं। सुल्ताना आगे कहती हैं कि मैंने बड़े होकर भी कुछ ऐसा नहीं किया जिसपर वह गर्व कर सकती हों। मैंने सिर्फ तीसरी और छठवीं क्लास तक पढ़ाई की है। हालांकि मेरे भाई-बहन पढ़ने में काफी अच्छे थे, ऐसे में मैं उनके साथ नहीं रहती थी। घर में सुल्ताना सिर्फ अपने पिता के करीब थीं, क्योंकि वह उन्हें स्पेशल बच्चा मानते थे।

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हजार रुपये लेकर मुंबई पहुंची सुल्ताना

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सुल्ताना बताती हैं कि किसी तरह उन्हें एक कॉलेज मिला। जहां उन्हें एक एयर होस्टेस का विज्ञापन दिखा। इसे देखने के बाद उन्होंने जबरदस्ती इसके लिए आवेदन कर दिया, जिसके बाद उन्हें मुंबई आने के लिए कहा गया। मुंबई जाने को लेकर उनकी मां ने कहा कि अगर वह गईं तो काट देंगी, लेकिन सुल्ताना के पास खोने के लिए कुछ नहीं था। 20 साल की उम्र में जहां उनके चचेरे भाई बच्चे पैदा कर रहे थे, वहीं सुल्ताना ने करियर बनाने के लिए घर छोड़ दिया। उस वक्त सुल्ताना के पास सिर्फ हजार रुपये थे। मुंबई में वह अपने पिता के दोस्त के घर पर रहती थीं, लेकिन एयर होस्टेस की ट्रेनिंग के लिए शेड्यूल टाइम सही नहीं था, इसलिए वहां से उन्हें बाहर निकाल दिया गया। बाहर निकाले जाने के बाद सुल्ताना कई दिनों तक चर्चगेट स्टेशन पर सोईं और अंडे खाकर दिन बिताये।

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शादी के कुछ समय बाद ही सुल्ताना का हो गया था तलाक

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3 महीने बाद जब उनकी ट्रेनिंग पूरी हो गई तो वह फ्लाइट पर अधिक रहती थीं। इस दौरान घर आना जाना कम होता था, लेकिन उस वक्त वह काफी अकेला महसूस करती थीं। कई बार वह एयरक्राप्ट लू में रो पड़ती थीं। सुल्ताना बताती हैं कि उन्होंने कई लोगों को डेट किया जिसमें से एक ने उन्हें इसलिए धोखा दिया क्योंकि उसकी मां एक मुस्लिम बहू नहीं चाहती थीं। दूसरे ने इसलिए छोड़ दिया क्योंकि वह उन्हें सिर्फ फन के लिए अच्छी लगती थी। साल 1989 में न्यूयॉर्क में उन्हें एक लड़का मिला। कुछ हफ्तों में उसने उन्हें प्रपोज किया, सुल्ताना 32 साल की उम्र में अनमैरिड और अकेली थीं, इसलिए उन्होंने भी हां कर दी, लेकिन कुछ समय बाद पता चला कि वह गे है। इससे उन्हें काफी दुख पहुंचा और जल्दी ही उन्होंने तलाक ले लिया। इसी दौरान उनके पिता की तबियत खराब हो गई। उन्हें बेहतर महसूस कराने के लिए वह उन्हें यूरोप ट्रिप पर ले गईं। पिता उन्हें देखकर एक दिन कहते हैं कि मैंने शायद पिछले जन्म में कुछ अच्छा किया होगा, जो तुम मुझे मेरी बेटी के रूप में मिलीं। सुल्ताना ने 20 साल तक अपने पिता की सेवा की। साल 2015 में जब वह रिटायर हो गईं, तो दिल्ली आ गईं। यहीं वह रहती हैं और खुद को फिट रखने के लिए योगा भी करती हैं।

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