बॉडी बिल्डिंग, कुश्ती लड़ना, कबड्डी खेलना सिर्फ लड़कों का खेल हैं महिलाओं का नहीं। अगर आप भी कुछ ऐसा ही सोच रहे हैं तो सिर्फ आप गलत सोच रहे हैं। क्यूंकि, भारत आज वो देश बन चूका हैं जहां महिलाएं भी बॉडी बिल्डिंग, कुश्ती लड़ना, कबड्डी खेलना इत्यादि में अपना करियर बना रही है। इन्हीं में से एक है पावर लिफ्टिंग। अमूमन पावर लिफ्टिंग फील्ड में देखने और सुनने में आता है कि किसी पुरुष में इतना किलो वेट उठाकर पावर लिफ्टिंग का नया रिकॉर्ड बनाया है। लेकिन, अब इस फील्ड में महिलाएं भी पीछें नहीं है। जी हां, कश्मीर की साइमा उबैद अपना करियर बनाकर और अनेकों राज्य स्तरीय पदक अपने नाम करके यह साबित कर दिया है कि पावर लिफ्टिंग में भी महिलाएं किसी से कम नहीं है। लेख में हम आपको पावर लिफ्टिंग में करियर बनाने वाली कश्मीर की पहली महिला साइमा उबैद के बारे में बात करने जा रहे हैं।

कौन हैं साइमा उबैद?

saima ubaid kashmir first powerlifter woman inside

मूल रूप से जम्मू कश्मीर के श्रीनगर की रहन वाली है साइमा उबैद। साइमा ने प्रारंभिक पढ़ाई श्रीनगर से ही किया है। प्रारंभिक शिक्षा के बाद साइमा उबैद ने श्रीनगर के गवर्नमेंट कॉलेज से होम साइंस में ग्रेजुएशन किया है। उनके बारे में कहा रहा है कि वो एक बच्चे की मां भी है। वो पावर लिफ्टिंग करने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को ट्रेनिंग भी देती हैं।

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स्वर्ण पदक विजेता 

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जम्मू कश्मीर में हर साल पावर-लिफ्टिंग प्रतियोगिता आयोजित होता है लेकिन, इस साल पहली बार महिलाओं के लिए पावर-लिफ्टिंग प्रतियोगिता किया गया था, जिसमें साइमा उबैद भाग लिया था। कहा जा रहा है कि इस पावर-लिफ्टिंग प्रतियोगिता साइमा में स्वर्ण पदक जीतकर अपने साथ पूरे जम्मू कश्मीर और देश का भी नाम रोशन किया है। कहा जा रहा ही उन्होंने 255 किलो वजन उठाकर यह गोल्ड मेडल जीता है। (जम्मू-कश्मीर की पहली महिला बस ड्राइवर पूजा देवी)

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पति का साथ है पूरा 

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अक्सर पावर-लिफ्टिंग प्रतियोगिता में जाने और इसमें करियर बनाने के लिए किसी भी महिला के लिए आसान नहीं होता है। अगर घर वाले साथ न दें तो कुछ अधिक ही मुश्किल होता है किसी भी महिला के लिए ऐसा रास्ता चुनने में लेकिन, साइमा उबैद के इस करियर में उनके पति उबैज हाफिज का अहम् किरदार रहा है। कहा जा रहा है कि साइमा के पति खुद एक पावर लिफ्टर हैं और अपने पत्नी साइमा उबैद को ट्रेनिंग भी देते हैं।

बच्पन से शौक था 

एक मीडिया खबर के अनुसार माने तो साइमा उबैद बच्पन से ही शौक था पावर-लिफ्टिंग में करियर बनाने का। वो बच्पन से ही पावर-लिफ्टिंग के लिए जिम जाती थी और वहां ट्रेनिंग लेती थी। शादी के बाद भी इस शौक को बरक़रार रखा और पति ने भी उनका खूब अच्छे से साथ दिया। आज वो जम्मू कश्मीर के साथ-साथ भारत के लिए एक मिशल बन गई हैं। उनके इस कामयाबी पर सोशल मीडिया पर खूब तारीफे हो रही है।

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सोशल मीडिया पर चर्चा 

 

255 किलो वजन उठाकर गोल्ड मेडल जितने के बाद साइमा उबैद को सोशल मीडिया पर भी खूब तारीफे मिली। किसी ने कमेंट्स में लिखा 'स्ट्रांग वुमेन' तो किसी ने कमेंट्स में लिखा 'साइमा उबैद को इस जीत के लिए बहुत बहुत बधाई'। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

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