हमारे देश की महिलाओं ने हर एक क्षेत्र में अपना परचम लहराया है। जब बात हो स्पोर्ट्स की तब भी महिलाऐं किसी भी जगह पुरुषों से पीछे नहीं हैं। इसी बात का सबसे अच्छा उदाहरण हैं भारत की शतरंज चैम्पियन कोनेरू हम्पी, जिन्होंने इस साल का BBC स्पोर्ट्स वुमन ऑफ द ईयर का खिताब अपनी झोली में कर लिया है।

खेल के क्षेत्र में देश की बेहतरीन महिलाओं को सम्मानित करने के लिए बीबीसी स्पोर्ट्सवुमन अवॉर्ड ऑफ द ईयर साल 2019 में शुरू किया गया था। इस तरह कोनेरू साल 2020 के लिए इस खिताब की विजेता बन गई हैं। वास्तव में कोनेरू ने ये साबित किया है कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। 

कौन हैं कोनेरू हंपी 

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कोनेरू हंपी का जन्म 31 मार्च 1987 को आंध्र प्रदेश में हुआ था। हम्पी की शतरंज प्रतिभा को उनके पिता ने बचपन में ही पहचान लिया था। 2002 में 15 साल की उम्र में ही ग्रैंड मास्टर बनकर उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित कर दी थी।  यह एक रिकार्ड था, जिसे 2008 में चीन की हाउ यीफैन ने तोड़ा था। कोनेरू एक भारतीय शतरंज खिलाड़ी हैं, जो महिलाओं की विश्व रैपिड चैंपियन भी हैं। इस साल कोनेरू शतरंज खिलाड़ी इंटरनेशनल ग्रैंड मास्टर  बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड के दूसरे संस्करण की विजेता बनी हैं।  

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कैसे मिला खिताब 

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एक रिपोर्ट के अनुसार जाने-माने खेल पत्रकारों और विशेषज्ञों की जूरी ने इस अवॉर्ड के लिए पाँच भारतीय महिला खिलाड़ियों को नॉमिनेट किया था। जिसमें एथलीट दुती चंद, शतरंज चैंपियन कोनेरू हम्पी, शूटर मनु भाकर, पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय महिला फ़ील्ड हॉकी टीम की मौजूदा कप्तान रानी रामपाल शामिल थीं। इस खिताब के लिए कोनेरू हम्पी वर्ल्ड रैपिड चेस चैंपियनशिप की मौजूदा विजेता हैं। उनके लिए यह वास्तव में एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह ख़िताब उन्होंने साल 2019 में दो साल की मैटरनिटी लीव के बाद जीता है। इसके साथ ही वो केयर्न्स कप 2020 की भी विजेता हैं। 

 
 
 
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कही ये बात 

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एक मीडिया इंटरव्यू में अवॉर्ड जीतने बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कोनेरू हम्पी ने कहा, "यह अवॉर्ड उनके लिए बेहद क़ीमती है, न सिर्फ़ उनके लिए बल्कि शतरंज से जुड़ी पूरी बिरादरी के लिए यह कीमती है।  शतरंज एक इनडोर गेम है इसलिए भारत में क्रिकेट की तरह इस पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया जाता. लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इस अवॉर्ड के बाद शतरंज की ओर लोगों का ध्यान जरूर जाएगा। "

इस तरह कोनेरू हम सभी को प्रेरणा देती हैं और इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण हैं कि कोई भी काम मुश्किल नहीं है।  

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Image Credit: instagram #koneruhumpy