भारत की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर निरंतर आगे ही बढ़ती जा रही हैं। ऐसा ही एक उदाहरण प्रस्तुस्त किया है भारत की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने, जो बहुत जल्द ही हमारे देश की पहली महिला चीफ जस्टिस बनने वाली हैं। 

आपको बता दें, कि जस्टिस बी वी नागरत्ना ने कर्नाटक में 1987 में बार काउंसिल में नामांकन कराया था और वो संवैधानिक और उन्होंने वाणिज्यिक कानूनों के विषय में प्रैक्टिस शुरू की थी। उन्हें  2008 में कर्नाटक हाईकोर्ट में एडिशन जज बनाया गया था और इतने कम समय में वो इतना बड़ा पद संभालने की कतार में शामिल हो गयी हैं। जानें इनसे जुड़ी कुछ ख़ास बातें। 

कौन हैं जस्टिस बी वी नागरत्ना 

जस्टिस  बी.वी. नागरत्ना  का जन्म जन्म 30 अक्टूबर 1962 को हुआ था। उनके पिता ई.एस. वेंकटरमैया भारत के 19वें मुख्य न्यायाधीश थे। उन्हें 19 जून 1981 को नियुक्त किया गया था और 17  दिसंबर 1989 को उनकी सेवानिवृत्ति तक सेवा दी गई थी। उन्होंने बैंगलोर में संवैधानिक कानून, वाणिज्यिक कानून, बीमा कानून, सेवा कानून, प्रशासनिक और सार्वजनिक कानून, भूमि और किराया कानून, परिवार कानून, अनुबंधों जैसे संबंधों में अपनी प्रैक्टिस की है। उन्हें 18 फरवरी 2008 को कर्नाटक उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश और 17 फरवरी 2010 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। जस्टिस  बी.वी. नागरत्ना  इस समय भारत में कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायाधीश हैं। 

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भारत की पहली महिला चीफ जस्टिस 

first women chief justice bv nagarathna

हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार जस्टिस बी वी नागरत्ना वर्ष 2027 में भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश यानी कि चीफ जस्टिस होंगी। वर्तमान में जस्टिस बी वी नागारत्ना कर्नाटक हाईकोर्ट की जज हैं और वो देश में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे ई एस वेंकटरमैया की पुत्री हैं। जस्टिस नागरत्ना ने कर्नाटक में कॉमर्शियल और संवैधानिक कानूनों की व्याख्या करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं। वेंकटरमैया 19 जून 1989 से 17 दिसंबर 1989 तक देश के प्रधान न्यायाधीश थे और अब उनकी बेटी यानी कि जस्टिस बी.वी.नागरत्ना इतना बड़ा पद संभालने की होड़ में शामिल हो गयी हैं। 

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चीफ जस्टिस के निर्णय के लिए नौ नाम थे शामिल 

जस्टिस बी वी नागरत्ना उन नौ नामों में शामिल थीं, जिन्हें सर्वोच्च न्यायालय के पांच सदस्यीय कॉलेजियम द्वारा शीर्ष अदालत में नियुक्तियों के लिए मंजूरी दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के नेतृत्व में, कॉलेजियम द्वारा स्वीकृत अन्य नामों में दो और महिला न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट बार से एक सीधी नियुक्ति शामिल है। जस्टिस बी वी नागरत्ना के अलावा, अन्य दो महिला न्यायाधीशों का चयन किया गया था, जिनमें न्यायमूर्ति हिमा कोहली, जो तेलंगाना हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश हैं और न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी, जो गुजरात हाई कोर्ट में न्यायाधीश हैं। लेकिन इस चयन में शीर्ष पर जस्टिस बी वी नागरत्ना हैं जिनके साल 2027 में चीफ जस्टिस बनाने की घोषणा की गयी है। 

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भारत के लिए गर्व का मौका है 

आपको बता दें कि लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में एक महिला चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया की मांग उठती रही है। पूर्व चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े ने भी रिटायरमेंट से पहले कहा था कि भारत में अब एक महिला चीफ जस्टिस नियुक्त होने का समय आ गया है। वास्तव में ये हमारे देश के लिए गर्व की बात है जब एक महिला इतना बड़ा पद संभालने की कतार में शामिल हो गई है। 

निश्चय ही बी वी नागरत्ना हम सभी के लिए प्रेरणा की स्रोत हैं और सभी को उनसे  प्रेरित होकर आगे बढ़ना चाहिए। 

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