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भारतीय रेडियो पर सबसे पहले सुनाई दी थी जिस महिला की आवाज, जानें सईदा बानो की कहानी

ऑल इंडिया रेडियो की शुरुआत साल 1930 में हुई। जिसके 20 साल बाद देश को पहली महिला रेडियो न्यूज रीडर मिली।
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Published -08 Jul 2022, 15:48 ISTUpdated -27 Jul 2022, 17:26 IST
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who is saaeda bano

आजादी की लड़ाई में रेडियो की अहम भूमिका रही है। साल 1936 में भारत में ऑल इंडिया रेडियो की स्थापना हुई। हालांकि, आजादी के पहले तक रेडियो में केवल पुरुष न्यूज रीडर्स ही हुआ करते थे। आखिरकार साल 1947 में देश को उसकी पहली महिला न्यूज रीडर मिली। जिनका नाम था सईदा बानो।

आज के इस आर्टिकल में हम आपको देश की पहली न्यूज रीडर सईदा बानो की इंस्पायरिंग कहानी बताएंगे। कि आखिर भोपाल में जन्मी साईदा बानो रेडियो की दुनिया का नामी चेहरा बनीं।

कौन हैं सईदा बानो?

first professional female news broadcaster in india

सईदा बनो भारत की पहली महिला रेडियो समाचार वाचिका के रूप में कार्य किया। उर्दू -प्रसारण जगत में आज भी सईदा बानो का नाम जानी मानी हस्तियों में शुमार है। सईदा बचपन से ही खेलकूद की गतिविधियों बहुत अच्छी थीं। जहां उन्होंने कई स्कूल के दिनों में कई पुरस्कार अपने नाम किए। साईदा ने अपने मैट्रिक्स की शिक्षा इसाबेला थोबर्न कॉलेज से पूरी की, जो कि उस दौर के प्रसिद्ध कॉलेजों में से एक था।

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सईदा बानो की निजी जिंदगी

14 नवंबर साल 1932 में सईदा निकाह(निकाह के नियम) न्यायाधीश अब्बास रजा से हुआ। हालांकि उन्हें शादी करने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। वो आगे पढ़ाई करना चाहती थीं। जिसके लिए उन्होंने अपने पिता को पत्र लिखा। इतने प्रयासों के बावजूद भी सईदा और अब्बास रजा शादी के बंधन में बंध गए।

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कुछ समय में टूट गया रिश्ता

first female radio news reader

सईदा और अब्बास का रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल पाया। जिस कारण उन्हें अपना जीवन यापन और बच्चों की परवरिश करने के लिए दिल्ली तक आना पड़ा।

विजयलक्ष्मी पंडित के कहने पर साईदा को मिली नौकरी

जब सईदा दिल्ली पहुंची तो उनके पास कुछ भी नहीं था। उस वक्त उनकी दोस्त रही गायिका विजयलक्ष्मी पंडित के कहने पर ही सईदा बानो को आकाशवाणी के दिल्ली कार्यालय में नौकरी मिली। इसी के साथ सईदा भारत की पहली समाचार वाचिका के रूप जानी जाने लगी।

उस दौरान उनकी आवाज की खूब प्रशंसा की गई। रेडियो में उनके काम को आज भी याद किया जाता है। हालांकि, दिल्ली में उनका जीवन बहुत संघर्ष भरा रहा। सभी उतार-चढ़ाव के बाद भी उन्होंने देश भर में अपनी एक अलग पहचान बनाई। 

सईदा के संघर्ष की कहानी लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। आपको हमारा यह आर्टिकल अगर पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करें, साथ ही ऐसी जानकारियों के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी के साथ।

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