भारत में बदल रहा कैंसर का ट्रेंड, अब सर्वाइकल नहीं; ये 2 कैंसर बन रहे सबसे बड़ा खतरा

भारत में कैंसर का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। जहां स्क्रीनिंग और जागरूकता के निरंतर प्रयासों से सर्वाइकल कैंसर के मामलों में धीरे-धीरे कमी आई है, वहीं ब्रेस्ट और ओरल कैंसर के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। यह बदलाव देश में कैंसर के बढ़ते और बदलते रुझानों को दर्शाता है, जिस पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है।
क्या कहती है रिपोर्ट?
भारत में कैंसर के मामलों का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। हाल ही में Indian Council of Medical Research (ICMR) की एक स्टडी के अनुसार, जहां सर्वाइकल कैंसर के मामले कम हो रहे हैं, वहीं ब्रेस्ट और ओरल कैंसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
- भारत में ब्रेस्ट कैंसर हर साल लगभग 1.8% बढ़ रहा है।
- पुरुषों में ओरल कैंसर के मामले करीब 1.2% सालाना बढ़ रहे हैं।
- वहीं सर्वाइकल कैंसर के मामलों में हर साल करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई है।
एक्सपर्ट की राय
इस प्रवृत्ति के बारे में बताते हुए डॉक्टर निखिल पर्वते, गायनेको-ऑन्कोलॉजिस्ट एवं रोबोटिक सर्जन, आदित्य बिड़ला मेमोरियल हॉस्पिटल (पुणे) ने कहा, ''हाल के रुझानों से संकेत मिलता है कि सर्वाइकल कैंसर के मामलों में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है, लेकिन इसके साथ ही भारत में ब्रेस्ट और ओरल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो देश में कैंसर के बोझ में स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है। स्थिति अब भी गंभीर है भारत में हर आठ मिनट में एक महिला की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर से होती है और ब्रेस्ट कैंसर के हर दो नए मामलों में से एक महिला अपनी जान गंवा देती है।
साथ ही, तंबाकू आज भी बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा बना हुआ है, जिससे प्रतिदिन लगभग 2,500 मौतें होती हैं। सिर्फ स्मोकिंग ही पुरुषों में हर पांच में से एक और महिलाओं में हर बीस में से एक मौत के लिए जिम्मेदार है, जो भारी मृत्यु दर का कारण बन रहा है। कुल मिलाकर, भारत में लगभग 25 लाख लोग कैंसर से जूझ रहे हैं, हर साल 7 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आते हैं और 5.5 लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। ये आंकड़े इस बात को रेखांकित करते हैं कि इस बदलते कैंसर परिदृश्य से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मजबूत स्क्रीनिंग कार्यक्रम, शीघ्र पहचान, जीवनशैली में बदलाव और निरंतर जन जागरूकता बेहद जरूरी हैं।

सर्वाइकल कैंसर क्यों हो रहा कम?
- महिलाओं में बढ़ी है जागरूकता
- बेहतर साफ-सफाई और हेल्थ केयर
- पाप स्मीयर टेस्ट और HPV वैक्सीन की उपलब्धता
ये सभी कारण मिलकर इस कैंसर को कम करने में मदद कर रहे हैं। हालांकि, इन उपायों तक पहुंच अभी भी असमान है, खासकर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में, जहां देर से डायग्नोज बड़ी समस्या बनी हुई है।
ब्रेस्ट और ओरल कैंसर क्यों बढ़ रहे हैं?
- बदलती लाइफस्टाइल
- देर से प्रेग्नेंसी
- रेगुलर चेकअप की कमी
- तंबाकू का ज्यादा सेवन (ओरल कैंसर का बड़ा कारण)

बचाव के लिए क्या करें?
- समय-समय पर स्क्रीनिंग और चेकअप कराएं।
- तंबाकू और स्मोकिंग से दूर रहें।
- हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।
- शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
सर्वाइकल कैंसर में आई कमी उम्मीद जगाती है, लेकिन अन्य कैंसर के बढ़ते मामले यह याद दिलाते हैं कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
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