मिर्च खाना शरीर के लिए फायदेमंद भी हो सकता है और नुकसानदेह भी। कई ऐसी रिसर्च हुई हैं जो ये बताती हैं कि मिर्च शरीर का वजन और बल्ड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए कितनी फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन उसे एक सीमित मात्रा में खाया जाए तो ही ये हो सकता है। मिर्च खाने का तरीका कई लोगों को नहीं पता, लेकिन अगर गलत तरीके से मिर्च खाई जाए तो ये मुसीबत बन सकती है। चीन के Nutrients जर्नल में पब्लिश हुई इस स्टडी में कई खुलासे हुए।  

रिसर्च में ये बात सामने आई है कि 50 ग्राम मिर्च से ज्यादा प्रति दिन खाने से संज्ञानात्मक गिरावट यानी मनोभ्रम जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। इसे अंग्रेजी में Dementia कहते हैं। ये वयस्कों में होता है। इस स्टडी को 4582 लोगों पर किया गया जिनकी उम्र 55 साल से कम थी। ऐसे लोगों में याददाश्त में असर, मनोभ्रम, उन्माद जैसी समस्याएं आम हैं।  

Chilli vendor in indian market

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शरीर की बनावट से नहीं पड़ता फर्क- 

कई लोग एक मिथक पर यकीन करते हैं जैसे पतले लोगों पर मिर्च का कम असर होता है। इस रिसर्च में सामने आया है कि पतले लोगों पर मिर्च का ज्यादा असर हो सकता है और उनकी याददाश्त पर सीधे असर पड़ सकता है। पर इसका ये मतलब नहीं कि मोटे लोग ज्यादा मिर्च खाएंगे तो उनपर कोई असर नहीं होगा। ये यकीनन शरीर के लिए नुकसानदेह होता है। ऐसे लोग अगर हफ्ते में तीन बार से ज्यादा दिन में 50 ग्राम मिर्च से ज्यादा खा रहे हैं तो भी ये शरीर के लिए काफी नुकसानदेह है।  

इस स्टडी के लीड रिसर्चर Zumin Shi कहते हैं कि लंबे समय से मिर्च के शरीर पर खराब असर को स्टडी किया जा रहा था।  

किस तरह की मिर्च खाने से होती है दिक्कत? 

इसमें सूखी और हरी मिर्च के साथ मिर्च पाउडर, अचार आदि सब कुछ शामिल होता है। हां, पिसी काली मिर्च इसमें ज्यादा असर नहीं डालती है। पर फिर भी ये सब मिलाकर ज्यादा हो जाता है। अब अमूमन भारतीयों की लाइफस्टाइल ही देख लीजिए। इसमें मोमोज की चटनी से लेकर मिर्च के अचार, अमचूर की चटनी, सूप, खाने में पड़ने वाली लाल मिर्च, बाहर खाया जाने वाला नाश्ता आदि सब कुछ मिर्च के बिना अधूरा सा लगता है। उसपर यहां हरी मिर्च सलाद के तौर पर खाने की आदत भी है लोगों को।  

Chilli consumption effect

कैसे असर डालती है मिर्च- 

Capsaicin मिर्च में एक एक्टिव कंपोनेंट होता है। ये मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और फैट लॉस के लिए जिम्मेदार रहता है ये सही है, लेकिन ये अगर शरीर में बढ़ जाए तो ये vascular disorders (कोशिकाओं की समस्याएं) बढ़ा देता है। ऐसे में पतले लोगों पर इसलिए ज्यादा असर होता है क्योंकि उनके शरीर में फैट कम होता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ने के कारण शरीर में अन्य समस्याएं हो जाती हैं। एशिया और खासतौर पर साउथ ईस्ट एशिया जैसे भारत, चीन, पाकिस्तान, बंगलादेश, श्रीलंका, नेपाल आदि में मिर्च का सेवन वैसे भी बहुत ज्यादा होता है। 

ऐसे में ये समस्याएं बहुत बढ़ सकती हैं। 

Chilli and its effect on body

कौन सी मिर्च और डिश ज्यादा खतरनाक-

1. Sichuan (जिसे हम शेजवान कहते हैं)

कम ही लोग जानते हैं कि वो शेजवान मसाला जो भारत में इतना प्रसिद्ध हो गया है वो असल में चीन के Sichuan प्रांत से आई मिर्च है। इसमें स्पाइस लेवल ज्यादा होता है। इसलिए ये इतनी तीखी लगती है और पसीना भी शरीर में ज्यादा जल्दी निकलता है। 

2. Ghost Peppers (भूत जोलोकिया)

नॉर्थईस्ट में मिलने वाली भूत जोलोकिया दुनिया की सबसे तीखी मिर्च में से एक है। 2007 में इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी आ गया था। इसका अचार नॉर्थईस्ट ही नहीं बल्कि भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में भी फेमस है। 

3. Vindaloo (विंडालू)

ये एक भारतीय करी डिश है जो गोवा, वसई, कोनकन, केरल आदि में बहुत लोकप्रिय है। ये डिश काफी प्रसिद्ध है और इसमें खास तरह की मिर्च इस्तेमाल होती है।

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4. Phaal Curry (फाल करी)

ब्रिटिश एशियन फ्यूजन डिश बहुत फेमस है भारतीय रेस्त्रां में और यहां तक कि इंग्लैंड में भी। 

ये कुछ डिश और मिर्च अपनी डायट में रेग्युलर शामिल न करें। साथ ही, रोज़ के खाने में भी मिर्च सीमित मात्रा में ही खाएं।