हफ्ते में सिर्फ 1 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें, सुडौल शरीर पाएं

लगभग हर कोई अपना वजन कम करना चाहता है। लेकिन, वजन कम करने के लिए आपको लीन बॉडी वेट (इसमें पतली कमर, हिप्स और चेस्ट पर उभार, टोन लेग्स आदि शामिल हैं) को बढ़ाना होगा।
लेकिन, हममें से ज्यादातर लोग हर 10 साल में काफी मात्रा में मसल्स खो देते हैं। महिलाएं, विशेष रूप से 30 के बाद जांघों के मसल्स खो देती हैं और उनके शरीर में तेजी से चर्बी बढ़ने लगती है। मसल्स और हड्डियों के घनत्व के इस नुकसान को सही तरह की एक्सरसाइज करके ठीक किया जा सकता है। इसमें स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शामिल है।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आपको मजबूत और हर हफ्ते के सिर्फ एक सेशन के साथ ही बेहतर दिखने और महसूस करने में मदद कर सकती है। आप हल्के वेट या बिना किसी उपकरण के भी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कर सकते हैं।
आज हम आपको हफ्ते में सिर्फ 1 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने के फायदों के बारे में बता रहे हैं। इसकी जानकारी सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने इंस्टाग्राम के माध्यम से फैन्स के साथ शेयर की है।
हफ्ते में सिर्फ 1 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के फायदे
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- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग डायबिटीज को रोकती है। यदि आपको पहले से ही यह समस्या है, तो यह दवाओं की खुराक कम करने में मदद करती है।
- यह पीरियड्स को नियमित करती है और इस दौरान होने वाले दर्द को दूर करती है।
- यह गर्भधारण को आसान बनाती है।
- अर्थराइटिस के दर्द और यूरिक एसिड को कम करती है।
- ब्लड प्रेशर को कम करती है।
- हार्ट हेल्थ के लिए अच्छी होती है।
- ब्रेन के काम में सुधार करती है।
- नेगेटिव विचारों को कम करती है और नींद में सुधार करती है।
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अन्य फायदे

- मसल्स का बढ़ना: उम्र के साथ स्वाभाविक रूप से मसल्स मास कम हो जाता है, लेकिन स्ट्रेथ ट्रेनिंग इसे ठीक करने में मदद कर सकती है।
- मजबूत हड्डियां: स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से हड्डियों का घनत्व बढ़ता है और फ्रैक्चर का खतरा कम होता है।
- जोड़ों में लचीलापन: स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जोड़ों को लचीला बनाए रखने में मदद करती है और अर्थराइटिस के लक्षणों को कम करती है।
- वजन रहता है कंट्रोल: जैसे-जैसे आपकी मसल्स बढ़ती हैं, आपका शरीर आसानी से कैलोरी बर्न करना शुरू कर देता है, जिससेवजन नियंत्रित करना आसान हो जाता है।
- बैलेंस: स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से लोगों में बढ़ती उम्र के साथ लचीलापन और बैलेंस बढ़ सकता है।
इन 3 बातों का ध्यान रखें-
1. अगर आपने पहले कभी वेट ट्रेनिंग नहीं की है -
अगर आप इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापे और हार्ट से संबंधित किसी समस्या या डायबिटिज या हड्डियों की समस्याओं से परेशान हैं, तो आपको स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की शुरुआत करनी चाहिए।

2. यदि आप पहले से ही ट्रेनिंग कर रहे हैं, लेकिन रेगुलर नहीं हैं -
हफ्ते में कम से कम 2 बार रेगुलर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। यह उन सभी के लिए विशेष रूप से जरूरी है जिन्हें पीसीओडी, मेनोपॉज या थायरॉइड जैसी समस्याएं हैं।
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3. यदि आप हफ्ते में 3 या ज्यादा दिन ट्रेनिंग कर रहे हैं -
रेप्स को 5 से 8 तक कम करें और इंटेंसिटी या वेट पर ध्यान दें। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का सबसे अच्छा फायदा वेट को सहन करने से आता है।
आप भी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करके ये सारे फायदे पा सकती हैं। अगर आप भी शरीर के किसी हिस्से को टोन करना चाहती हैं, तो हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit: Shutterstock & Freepik
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